दिल्ली के सबसे अनोखे दुर्गा पंडाल लगते हैं जहां, क्या है वहां की कहानी, कैसे राजधानी का यह इलाका बन गया 'मिनी कोलकाता'?

Mini Kolkata of Delhi: दिल्ली का चित्तरंजन पार्क यानी CR Park दुर्गा पूजा के दौरान बंगाल की संस्कृति, परंपराओं और उत्सवों के रंग में रंग जाता है। कभी पूर्वी पाकिस्तान से आए शरणार्थियों के पुनर्वास के लिए बसाई गई यह कॉलोनी आज 'मिनी कोलकाता' के नाम से मशहूर है। आखिर कैसे एक वीरान इलाका बंगाली विरासत का प्रमुख केंद्र बना और क्या है इसके नाम से लेकर दुर्गा पूजा की भव्य परंपरा तक की कहानी?

Mini Kolkata of Delhi: "ॐ जयन्ती मंगला काली भद्रकाली कपालिनी। दुर्गा क्षमा शिवा धात्री स्वाहा स्वधा नमोऽस्तुते॥"

Mini Kolkata of Delhi

मिलिए दिल्ली के मिनी कोलकाता से

अक्टूबर का महीना आते ही दुर्गा पूजा और शारदीय नवरात्रि की रौनक चारों ओर दिखाई देने लगती है। बंगाली समुदाय के लिए यह समय मां दुर्गा के आगमन का उत्सव है, जिसे वे प्यार से 'मां आसछे' यानी मां आ रही हैं, कहते हैं। देशभर में दुर्गा पूजा की धूम रहती है, लेकिन पश्चिम बंगाल में इसका उत्साह और परंपराएं एक अलग ही रंग बिखेरती हैं। दिल्ली में भी एक ऐसी जगह है, जहां दुर्गा पूजा के दिनों में बंगाल की संस्कृति जीवंत हो उठती है। साउथ दिल्ली का चित्तरंजन पार्क (CR Park) अपनी इसी खास पहचान के कारण 'मिनी कोलकाता' कहलाता है। यहां त्योहार के दौरान गलियां रोशनी से जगमगा उठती हैं और पूजा पंडालों में श्रद्धालुओं की भीड़ उमड़ने लगती है। राजधानी के दूसरे इलाकों में भी दुर्गा पूजा का आयोजन होता है, लेकिन सीआर पार्क की रौनक, परंपराएं और उत्सव का अंदाज इसे खास बनाते हैं। यहां मां दुर्गा की आराधना पारंपरिक बंगाली रीति-रिवाजों के अनुसार की जाती है।

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