Mumbai Fake Milk: देश की आर्थिक राजधानी कही जाने वाली मुंबई में नकली दूध के रैकेट का पर्दाफाश हुआ है। मुंबई के गोरेगांव वेस्ट इलाके में नामचीन ब्रांड्स के दूध की थैलियों के साथ छेड़छाड़ कर उसमें मिलावट करने और बाजार में बेचने के मामले में खाद्य सुरक्षा एवं औषधि प्रशासन (FDA) महाराष्ट्र ने एक बड़ी और सख्त कार्रवाई की है। FDA ने मुंबई पुलिस की क्राइम ब्रांच के साथ मिलकर एक संयुक्त अभियान चलाया। इस छापेमारी के दौरान टीम ने दो प्रमुख दूध विक्रेताओं के कारनामे को रंगे हाथों पकड़ा और मौके से भारी मात्रा में मिलावटी दूध का स्टॉक जब्त कर उसे पूरी तरह नष्ट कर दिया।
दो आरोपी गिरफ्तार
558 लीटर संदिग्ध दूध नष्ट, दो आरोपी गिरफ्तार
यह पूरी कार्रवाई गोरेगांव (पश्चिम) के प्रेमनगर इलाके में अंजाम दी गई। FDA अधिकारियों के अनुसार, जांच के दौरान यह पाया गया कि आरोपी दूध की थैलियों को काटकर या सुई के जरिए उसमें से असली दूध निकालकर मिलावट करते थे और फिर उन्हें दोबारा पैक कर बाजार में बेच देते थे। इस मामले में पुलिस ने प्रेमनगर निवासी कृष्णा लिंगमपल्ली (48 वर्ष) और रवि पाटीकाका (45 वर्ष) नाम के दो आरोपियों को गिरफ्तार किया है।
कार्रवाई के दौरान मौके से कुल 822 दूध की थैलियां बरामद की गईं, जिनमें लगभग 558 लीटर संदिग्ध दूध भरा हुआ था। जब्त किए गए इस मिलावटी दूध का अनुमानित बाजार मूल्य 39,503 रुपये आंका गया है। खाद्य सुरक्षा मानकों का घोर उल्लंघन पाए जाने पर प्रशासन ने तुरंत कार्रवाई करते हुए पूरे स्टॉक को नष्ट करवा दिया।
गोरेगांव थाने में FIR दर्ज, लगीं BNS की गंभीर धाराएं
FDA के वरिष्ठ अधिकारियों ने बताया कि दूध जैसी आवश्यक वस्तु की पैकेजिंग से छेड़छाड़ करना उपभोक्ताओं के स्वास्थ्य के लिए एक गंभीर और जानलेवा खतरा पैदा कर सकता है। मामले की गंभीरता को देखते हुए गोरेगांव पुलिस थाने में दोनों आरोपियों के खिलाफ नामजद प्राथमिकी (FIR) दर्ज कराई गई है। आरोपियों के खिलाफ भारतीय न्याय संहिता (BNS) की धारा 274, 345(3), 347(1), 318(4), 336(3), 3(5) और खाद्य सुरक्षा एवं मानक अधिनियम, 2006 (FSSAI) की धारा 26, 27, 31, 59 और 63 के तहत मुकदमा दर्ज कर उन्हें जेल भेज दिया है।
