PM MITRA Park के जरिए उद्योग लगाने के साथ ही हरियाली पर भी योगी सरकार का फोकस

लखनऊ में बन रहे पीएम मित्र पार्क में 11 फीसद भूमि हरियाली और फलदार वृक्षारोपण को समर्पित होगी। विकास और पर्यावरण में संतुलन को लेकर यह पार्क योगी सरकार की प्रतिबद्धता का प्रतीक बनेगा। इस प्रोजेक्ट के तहत ग्रीन बेल्ट, बफर जोन और वाटर रिजर्वायर से प्राकृतिक संतुलन होगा। पीएम मित्र पार्क के माध्यम से 1000 करोड़ से अधिक निवेश और एक लाख रोजगार का लक्ष्य रखा गया है।

मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के नेतृत्व में उत्तर प्रदेश सरकार एक नए औद्योगिक युग की दिशा में कदम बढ़ा रही है। राज्य में प्रस्तावित पीएम मित्र (PM Mitra) पार्क न केवल उद्योगों के लिए वरदान साबित होगा, बल्कि पर्यावरण संरक्षण की दृष्टि से भी एक आदर्श उदाहरण बनेगा। सरकार की नीति 'विकास के साथ पर्यावरण' को साकार करने की दिशा में यह पार्क एक मील का पत्थर साबित होने जा रहा है। योगी सरकार ने स्पष्ट कर दिया है कि किसी भी औद्योगिक विकास परियोजना में हरियाली और पारिस्थितिक संतुलन से कोई समझौता नहीं होगा। यही कारण है कि लखनऊ और हरदोई जिलों में प्रस्तावित पीएम मित्र पार्क का लेआउट प्लान पर्यावरणीय दृष्टि से पूरी तरह संतुलित रखा गया है।

Yogi Aditynath PTI

मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की फाइल फोटो (PTI)

11 फीसदी भूमि होगी ग्रीनरी को समर्पित

ड्राफ्ट लेआउट प्लान के अनुसार, 55 फीसद भूमि पर इंडस्ट्रियल यूनिट्स स्थापित की जाएंगी। वहीं, 3 फीसद भूमि को रेसीडेंशियल उपयोग, 4 फीसद इंस्टीट्यूशनल, 2 फीसद ट्रांसपोर्ट हब, और 4 फीसद यूटिलिटीज व एमेनिटीज के लिए आरक्षित किया गया है। सबसे खास बात यह है कि पूरे पार्क की 11 फीसदी भूमि ग्रीनरी और फ्रूट प्लांटेशन के लिए सुरक्षित रखी गई है, जिसमें ग्रीन एरिया, ग्रीन बेल्ट और बफर जोन विकसित किए जाएंगे। यह कदम न केवल प्रदूषण कम करेगा बल्कि स्थानीय जैव विविधता को भी संरक्षित रखेगा। इसके अलावा, 13 फीसद क्षेत्र में नई सड़कों का निर्माण किया जाएगा, जबकि 0.1 फीसद हिस्से में मौजूदा सड़कों को सुदृढ़ किया जाएगा। जल संरक्षण को ध्यान में रखते हुए 2 फीसद भूमि नाला और वाटर रिजर्वायर के लिए और 0.5 फीसद भूमि रीक्रिएशनल उपयोग के लिए निर्धारित की गई है।

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