Hijab Row: उत्तर प्रदेश में हिजाब विवाद को लेकर सियासत गर्मायी हुई है। इस बीच, बहुजन समाज पार्टी (BSP) सुप्रीमो मायावती ने बुधवार को कहा कि ऐसे मामलों को स्थानीय स्तर पर सुलझाया जाना चाहिए ताकि किसी को भी इसकी आड़ में संकीर्ण राजनीति करने का मौका ना मिले।
बहुजन समाज पार्टी सुप्रीमो मायावती
मायावती ने कहा कि डॉ. बीआर अंबेडकर ने नेतृत्व में बना संविधान सभी धर्मों और समुदाय के लोगों को समान अधिकारों की गारंटी देता है। उत्तर प्रदेश की पूर्व मुख्यमंत्री ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म 'एक्स' पर एक पोस्ट में कहा, ''डॉ. अंबेडकर ने मानवतावादी, कल्याणकारी व सभी जाति-धर्मों के मानने वालों को एक-समान समतामूलक अधिकार देने वाला सेक्युलर संविधान देकर पूरे देश को एक कड़ी में जोड़ कर सशक्त भारत बनाने की गारंटीसुनिश्चित की है।''
उन्होंने कहा कि संविधान के तहत सभी धर्म के ग्रंथों व उनके धार्मिक रीति-रिवाज व मान्यताओं के आधार पर शांत एवं सुखी जीवन जीने का अधिकार है। उन्होंने आगे सभी से धार्मिक मान्यताओं और रीति-रिवाजों की पवित्रता का सम्मान करने की अपील की।
कानूनी विवादों से बचने की दी नसीहत
स्कूलों में हिजाब पहनने के मुद्दे को लेकर मायावती ने कहा, ''महिलाओं की अस्मिता, सम्मान व पर्दा आदि के जरिये अपने आत्म-सम्मान व स्वाभिमान की रक्षा जैसे मामलों को उसकी उसी संवेदनशीलता से देखना चाहिये और जहां तक स्कूलों में यूनीफार्म, पर्दा, चादर, हिजाब आदि पहन्ने का मामला है, तो इन मामलों को बेवजह तूल देकर कोर्ट-कचहरी में विवाद का कानूनी मुद्दा बनाने के बजाय, उन्हें स्थानीय स्तर पर स्कूल प्रबंधन व शासन-प्रशासन की आपसी समझ और सूझबूझ से सुलझाया जाना चाहिए, ताकि किसी को भी इसकी आड़ में संकीर्ण राजनीति करने का मौका न मिले।''
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मायावती की यह टिप्पणी इलाहाबाद हाई कोर्ट द्वारा प्रयागराज के एक प्राइवेट स्कूल की नाबालिग छात्रा की उस याचिका को खारिज करने के कुछ दिनों बाद आई है, जिसमें उसने स्कूल यूनिफॉर्म के साथ हिजाब पहनने की अनुमति मांगी थी।
'संवेदनशील मामलों पर कमेंट करने से बचें'
मायावती ने कहा कि बीएसपी एक अंबेडकरवादी पार्टी है, जो समाज के सभी वर्गों के सम्मान और उनके जान-माल व मज़हब की सुरक्षा की गारंटी देती है। उन्होंने आगे कहा कि लोगों को किसी भी धर्म, धार्मिक ग्रंथ या मान्यताओं से जुड़े संवेदनशील मामलों पर टीका-टिप्पणी करने से बचना चाहिए।
सनद रहे कि ऑल इंडिया मुस्लिम पर्सनल लॉ बोर्ड (AIMPLB) हाई कोर्ट के फैसले को चुनौती देने की योजना बना रहा है। ऑल इंडिया मुस्लिम पर्सनल लॉ बोर्ड के सदस्य ने कहा, ''हिजाब हमेशा से इस्लाम का एक अहम हिस्सा है। हम निश्चित तौर पर कोर्ट जाएंगे और अपनी बात रखेंगे।''
