राजस्थान के अलवर में एक शादी हुई। यह बिल्कुल वैसी ही शादी थी, जैसी देश के अन्य हिस्सों में होती है। सभी खुश थे, घर में नई बहू के आने की खुशी में झूम रहे थे। लेकिन यह खुशी ज्यादा दिन तक नहीं चली। क्योंकि जिस लड़की को वह दुल्हन बनाकर घर लाए थे, वह कोई आम दुल्हन नहीं थी। बल्कि वह लुटेरी दुल्हन थी, शादी के एक महीने बाद उसने ससुराल में ऐसा कारनामा किया, जिससे वह अवाक रह गए।
अलवर में लुटेरी दुल्हन जेवर और कैश लेकर हुई फरार
शादी को अभी एक महीना ही बीता था कि लुटेरी दुल्हन ने सास की खिचड़ी में विषाक्त पदार्थ मिला दिया। इससे सास की सेहत खराब हो गई। जब उसका पति और घर के अन्य लोग बुजुर्ग महिला को अस्पताल लेकर गए, तो लुटेरी दुल्हन ने अपनी अंतिम चाल चली। उसने घर में रखे शादी के लाखों रुपये के जेवर, 30 हजार रुपये और अन्य सामान पर हाथ साफ किया और फरार हो गई।
मां अस्पताल में थी और नई नवेली दुल्हन घर से फरार हो चुकी थी। उसकी दुल्हन बनी महिला पहले से शादीशुदा है और उसके दो बच्चे भी हैं। उस महिला ने पहले पति से तलाक भी नहीं लिया है। बात जब परत-दर-परत खुलने लगी तो ये भी पता चला कि कई अन्य युवकों के खिलाफ भी उस महिला ने झूठे मामले दर्ज करवाए हैं। वह अपनी मौसी के साथ मिलकर युवाओं को अपने जाल में फंसाती थी और झूठी शादी करके कुछ दिन बाद सभी जेवर और पैसे लेकर फरार हो जाती थी।
पीड़ित विक्रमजीत ने बताया कि उसके घर से लगभग 1 किमी दूर रहने वाली बबली कौर के जरिए उसकी मुलाकात लुटेरी दुल्हन की मौसी पिंकी कौर से हुई थी। पिंकी ने विक्रमजीत को बताया कि वह शादियां करवाती है और अपनी भांजी रेखा कौर से वह विक्रमजीत की शादी करवा सकती है। विक्रमजीत ने जब रेखा कौर से बात करते हुए पिंकी के पहले से शादीशुदा होने की बात कही तो उसे विश्वास दिलाया गया कि रेखा का तलाक हो चुका है और जल्द ही कोर्ट से कागजी कार्रवाई पूरी हो जाएगी।इसी विश्वास में आकर 9 मई 2025 को विक्रमजीत को कोर्ट बुलाकर रेखा के साथ लिव-इन रिलेशनशीप का एग्रीमेंट तैयार करवा दिया। फिर 26 मई 2026 को दोनों ने गुरुद्वारे में शादी कर ली। शादी में विक्रमजीत ने करीब 5 लाख रुपये से ज्यादा खर्च किए। कुछ ही दिन बाद रेखा का व्यवहार बदल गया और छोटी-छोटी बातों पर झगड़ा होने लगा। फिर 23 जून 2025 का दिन आया, जब रेखा ने विक्रमजीत की बीमार मां को खिचड़ी में फिनाइल मिलाकर खिला दी, जिससे बुजुर्ग महिला की सेहत ज्यादा बिगड़ गई और उन्हें अस्पताल में भर्ती कराना पड़ा। परिवारजन बुजुर्ग महिला को अस्पताल लेकर गए और रेखा मौका पाकर घर की अलमारी में रखे सोने-चांदी के जेवर और 30 हजार रुपये नगद लेकर फरार हो गई। जिनमें सोने का नेकलेस, सोने का मंगलसूत्र, सोने की दो अंगूठी, चांदी का एक मंगलसूत्र, चांदी के कड़े, पायजेब, चुटकी और अन्य जेवरात शामिल थे।
बाद में विक्रमजीत को यह भी पता चला कि रेखा का अपने पहले पति गुरदीप से तलाक नहीं हुआ था और यह एक सुनियोजित षड्यंत्र था। पीड़ित ने बताया कि फोन पर घटना की जानकारी देने पर पिंकी कौर (ब्रोकर और रेखा की मौसी) ने कहा कि ये हमारा धंधा है तुम हमारा कुछ नहीं कर सकते, अब हम रेखा की शादी किसी अन्य लड़के से करेंगे। पुलिस में दर्ज शिकायत के मुताबिक पिंकी कौर ने विक्रजीत को धमकी दी कि अगर तुमने रेखा से संपर्क करने की कोशिश की तो तुम्हें झूठे मुकदमे में फंसा दूंगी। मामले में पीड़ित विक्रमजीत ने 14 जुलाई 2025 को अरावली विहार थाने में शिकायत दर्ज कराई। जिस पर कोई कार्रवाई नहीं हुई।
पीड़ित विक्रमजीत ने बताया कि जैसे ही आरोपी महिला को उसके खिलाफ एफआईआर दर्ज होने की जानकारी मिली। जनवरी 2026 में फिर से फोन कर आरोपियों ने 3 लाख रुपये की मांग की और पैसे नहीं देने पर झूठे मुकदमे में फंसाने की धमकी दी। उन्होंने यह भी कहा कि वे पहले भी कई लोगों को इसी तरह फंसा चुके हैं। विक्रमजीत ने बताया कि उसने पहले थाना अरावली विहार में शिकायत दी और बाद में पुलिस अधीक्षक को भी प्रार्थना पत्र भेजा, लेकिन कोई कार्रवाई नहीं हुई। इसके बाद मजबूर होकर उसने कोर्ट में मामला पेश किया। रेखा ने पहले पति गुरदीप से 2015 में शादी की थी, उससे उसके 2 बच्चे है। उसके बाद महिला ने विक्रमजीत को फंसाकर उससे 26 मई 2025 को गुरुद्वारे में शादी की।
पीड़ित ने बताया कि रेखा कौर के साथ उसकी मौसी सिरसा, हरियाणा की रहने वाली पिंकी कौर भी हैं जो लोगों को झूठी शादी में फंसाकर ठगी का काम करती है। रेखा अलवर में दिल्ली रोड मुंगस्का की रहने वाली है।
