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कोलकाता पंडाल भगदड़: ड्यूटी पर तैनात होम गार्ड्स जांच के दायरे में, 'लगातार तीसरे साल की गई थी तैनाती', 9 IPS करेंगे मदद

कोलकाता के चोरबागान दुर्गा पूजा पंडाल में भगदड़ के बाद ड्यूटी पर तैनात अस्थायी होमगार्ड की भूमिका जांच के दायरे में है। मुख्यमंत्री शुभेंदु अधिकारी ने कहा कि उनकी तैनाती लगातार तीसरे साल हुई थी। हादसे में 19 लोगों की मौत और 25 घायल हुए हैं।

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कोलकाता पंडाल भगदड़

पश्चिम बंगाल के मुख्यमंत्री शुभेंदु अधिकारी ने कोलकाता के एक दुर्गा पूजा पंडाल में भगदड़ के दौरान ड्यूटी पर तैनात अस्थायी होमगार्ड की भूमिका की जांच करने के रविवार को निर्देश दिए। शनिवार को हुई भगदड़ में 19 लोगों की मौत हो गई थी।पूर्ववर्ती तृणमूल कांग्रेस सरकार पर निशाना साधते हुए मुख्यमंत्री ने यह भी दावा किया कि उनका प्रशासन पिछली सरकार द्वारा की गई 'गलतियों को ढो रहा है'।

शनिवार शाम बारिश के बीच भीड़ बढ़ने से उत्तर कोलकाता के चोरबागान दुर्गा पूजा पंडाल में भगदड़ मच गई थी, जिसमें 19 लोगों की मौत हो गई और 25 अन्य घायल हो गए।

पूजा पंडाल में ड्यूटी पर तैनात अस्थायी होमगार्ड के नामों की सूची

मुख्यमंत्री ने कहा कि उन्होंने भगदड़ में भूमिका की जांच के लिए पूजा पंडाल में ड्यूटी पर तैनात अस्थायी होमगार्ड के नामों की सूची मांगी है। उन्होंने कहा, 'ये होमगार्ड नए भर्ती किए गए कर्मी नहीं हैं। वे लगातार तीसरे साल ड्यूटी पर तैनात थे। उन्हें इससे पहले 2024 और 2025 में नियुक्त किया गया था।'शुभेंदु अधिकारी ने कहा, 'हम पूर्ववर्ती सरकार की गलतियों का बोझ ढो रहे हैं। इसे सुधारने में समय लगेगा।'उन्होंने बताया कि रविवार सुबह पंडाल में उन्होंने एक होमगार्ड से बात करने की कोशिश की, लेकिन वह 'बांग्ला समझ भी नहीं सकता था, बोलना तो दूर की बात है।'

'पंडाल के अंदर रोशनी भी कम थी'

CM ने कहा, 'घटनास्थल का दौरा करने के बाद इस हादसे को लेकर मेरी राय बदल गई। पहले मुझे जो जानकारी दी गई थी, उससे घटनास्थल पर स्थिति अलग थी। हादसा पंडाल के अंदर नहीं, बल्कि प्रवेश और निकास के लिए इस्तेमाल होने वाले साझा द्वार पर हुआ। पंडाल के अंदर रोशनी भी कम थी। मैं यह सोचकर सिहर उठता हूं कि अगर यह हादसा अंदर हुआ होता तो क्या स्थिति होती।' उन्होंने कहा कि प्रवेश और निकास के लिए अलग-अलग द्वारों की उचित व्यवस्था करने के बजाय होमगार्ड ने हाथ में पकड़ी जाने वाली रस्सी से एक ही रास्ते को दो हिस्सों में बांट रखा था।

मुख्यमंत्री ने कहा, 'आयोजकों को भी जिम्मेदारी लेनी होगी'

CM ने दावा किया, 'जब बारिश शुरू हुई, तो उन्होंने रस्सियां हटा दीं और खुद को भीगने से बचाने के लिए वहां से हटकर शरण ले ली।' उन्होंने कहा कि प्रवेश और निकास के लिए अलग-अलग रास्तों की व्यवस्था नहीं होने के कारण अफरा-तफरी हो गई।हालांकि, उन्होंने कहा कि पूजा आयोजकों और अनुमति जारी करने वाले अधिकारियों की भूमिका की भी जांच की जाएगी।मुख्यमंत्री ने कहा, 'आयोजकों को भी जिम्मेदारी लेनी होगी। हम कोलकाता पुलिस और अग्निशमन विभाग की भूमिका की भी जांच कर रहे हैं। इन विभागों ने जरूरी लाइसेंस जारी किए थे और उन्हें पहले ही इन समस्याओं को दूर कर लेना चाहिए था।'

पश्चिम बंगाल पुलिस के नौ IPS अधिकारियों को अगले कुछ दिनों तक दुर्गा पूजा के दौरान कोलकाता पुलिस की मदद करने के लिए कहा गया है।

ये नौ IPS अधिकारी हैं:-

1. सुमनजीत राय, IPS, IGP (बॉर्डर), IB, WB

2. महमूद अख्तर, IPS, IGP, ट्रैफिक, WB

3. मेराज खालिद, IPS, IGP, ट्रैफिक, WB

4. रूपेश कुमार, IPS, DIG, STF, WB

5. सुभंकर भट्टाचार्य, IPS, DIG, ट्रैफिक, WB

6. तरुण हलदर, IPS, DIG, CID, WB

7. सौम्या रॉय, IPS, SS, EB, WB

8. प्रियब्रत रॉय, IPS, SP ट्रैफिक, WB

9. दीपक सरकार, IPS, SS, CID, WB

Pooja Mehta
पूजा मेहताauthor

पूजा मेहता एक वरिष्ठ टेलीविज़न पत्रकार हैं, जिन्हें रिपोर्टिंग का लगभग 15 वर्षों का अनुभव है। उन्होंने राजनीति, आतंकवाद, आंतरिक संघर्ष, रक्षा, पर्यावरण और अपराध पर व्यापक रिपोर्टिंग की है, विशेष रूप से पश्चिम बंगाल और पूर्वोत्तर राज्यों पर गहरा फोकस रखते हुए। संघर्षग्रस्त इलाकों से उनकी ज़मीनी रिपोर्टिंग और जटिल मुद्दों की गहन समझ उन्हें पैनी दृष्टि और विश्वसनीय विश्लेषण के लिए अलग पहचान दिलाती है। वह प्रमाणित Defence Correspondent हैं और अमेरिकी विदेश विभाग के प्रतिष्ठित International Visitor Leadership Program (IVLP) की एलुमनी भी हैं, जिससे विदेशी नीति, सुरक्षा और सामरिक मामलों में उनकी विशेषज्ञता और मजबूत हुई है।

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