Kal Ka Mausam (कल का मौसम कैसा रहेगा): अचानक बढ़ी ठंड ने उत्तर भारत समेत देश के अन्य भागों का मिजाज बदल दिया है। पिछले 24 घंटों के दौरान मौसम के हाल की बात करें तो, जम्मू-कश्मीर, लद्दाख और हिमाचल प्रदेश के कई क्षेत्रों में न्यूनतम तापमान 6°C से नीचे चला गया। उत्तराखंड और पंजाब के कुछ स्थानों पर भी इसी तरह की ठंड महसूस की गई।
कल का मौसम 30 नवंबर 2025
पंजाब, हरियाणा, चंडीगढ़, दिल्ली और पश्चिमी उत्तर प्रदेश में घने कोहरे के बीच तापमान 6 से 10°C के बीच रिकॉर्ड किया गया, जबकि उत्तरी राजस्थान, पूर्वी यूपी और पूर्वी मध्य प्रदेश के अलग-अलग इलाकों में भी ठंड का असर दिखाई दिया। मैदानी क्षेत्रों में सबसे कम न्यूनतम तापमान 6.4°C दर्ज किया गया, जो पंजाब के अमृतसर में रिकॉर्ड हुआ। मौसम विभाग (IMD) के मुताबिक, दक्षिण-पश्चिम बंगाल की खाड़ी और उससे सटे उत्तरी श्रीलंका क्षेत्र के ऊपर बना चक्रवाती तूफान ‘दितवाह’ पिछले छह घंटों में लगभग 8 किमी प्रति घंटा की रफ्तार से उत्तर-उत्तरपश्चिम दिशा में आगे बढ़ा है। आज 29 नवंबर 2025 को सुबह 8:30 बजे IST पर यह तूफान अक्षांश 9.6°N और देशांतर 80.7°E के पास स्थित था।
इसका केंद्र जाफना (श्रीलंका) से 80 किमी पूर्व, वेदारनियम से 140 किमी दक्षिण-पूर्व, कराईकल से 170 किमी दक्षिण-दक्षिणपूर्व, पुदुचेरी से 280 किमी दक्षिण-दक्षिणपूर्व और चेन्नई से 380 किमी दक्षिण की दूरी पर दर्ज किया गया। पूर्वानुमान के अनुसार, यह तूफान उत्तर-उत्तरपश्चिम दिशा में बढ़ता रहेगा और 30 नवंबर की सुबह तक उत्तर तमिलनाडु, पुदुचेरी और दक्षिण आंध्र प्रदेश के तटों के पास दक्षिण-पश्चिम बंगाल की खाड़ी क्षेत्र में पहुंच सकता है। इसकी प्रगति को देखते हुए, तूफान आज रात (29 नवंबर) तक तमिलनाडु तट से करीब 60 किमी, कल सुबह 50 किमी और शाम तक लगभग 25 किमी दूर दक्षिण-पश्चिम बंगाल की खाड़ी में स्थित रहने की संभावना है। इसके अलावा, एक पश्चिमी विक्षोभ जो पहले उत्तरी पाकिस्तान और आसपास के क्षेत्रों में सक्रिय था, अब उत्तर पंजाब और निचली क्षोभमंडलीय परतों में प्रभाव दिखा रहा है। वहीं, मध्य क्षोभमंडल स्तर पर एक नया पश्चिमी विक्षोभ लगभग 58° पूर्व देशांतर और 28° उत्तर अक्षांश के उत्तर में गर्त के रूप में सक्रिय है। साथ ही, निचली क्षोभमंडल परतों में पूर्वी असम और आसपास के क्षेत्रों में भी एक चक्रवाती परिसंचरण बना हुआ है। तटीय श्रीलंका और दक्षिण-पश्चिम बंगाल की खाड़ी के ऊपर सक्रिय चक्रवाती तूफान ‘दितवाह’ के असर से दक्षिण भारत के कई राज्यों में आगामी दिनों में बारिश होने की संभावना है। तमिलनाडु में 30 नवंबर से 1 दिसंबर के बीच भारी वर्षा दर्ज हो सकती है। तटीय आंध्र प्रदेश, यनम और रायलसीमा में 29 नवंबर से 2 दिसंबर तक बारिश तीव्र रहने के आसार हैं। तेलंगाना में 1 दिसंबर को भारी वर्षा होने की संभावना जताई गई है।
आने वाले दिनों में तापमान कैसा रहेगा?
अगले तीन दिनों के दौरान उत्तर-पश्चिम भारत में न्यूनतम तापमान में लगभग 2–4 डिग्री सेल्सियस की कमी देखी जा सकती है, जिसके बाद तापमान में कोई खास परिवर्तन अपेक्षित नहीं है। पूर्व तथा पूर्वोत्तर भारत में अगले तीन दिनों तक न्यूनतम तापमान में स्थिरता बनी रहने की संभावना है, जबकि उसके बाद इसमें लगभग 2–3 डिग्री सेल्सियस की गिरावट हो सकती है। महाराष्ट्र में अगले 24 घंटों तक रात के तापमान में कोई महत्वपूर्ण बदलाव नहीं होगा, लेकिन इसके बाद आने वाले चार दिनों में इसमें 2–3 डिग्री सेल्सियस की बढ़ोतरी दर्ज की जा सकती है, जिसके पश्चात तापमान स्थिर रहने की उम्मीद है। इसी तरह, गुजरात में आगामी 24 घंटों तक न्यूनतम तापमान में कोई बड़ा परिवर्तन नहीं होगा, परंतु उसके बाद तीन दिनों तक इसमें लगभग 2–3 डिग्री सेल्सियस की गिरावट संभव है, जिसके बाद तापमान फिर स्थिर रहेगा। मध्य भारत के लिए पूरे सप्ताह न्यूनतम तापमान में किसी उल्लेखनीय बदलाव की संभावना नहीं जताई गई है।
दिल्ली में कल का मौसम
दिल्ली में आसमान आंशिक रूप से बादलों से ढका रहेगा। सुबह के समय हल्का से मध्यम कोहरा छा सकता है। अधिकतम तापमान लगभग 23 से 25 डिग्री सेल्सियस और न्यूनतम तापमान 8 से 10 डिग्री सेल्सियस के बीच रहने की संभावना है। न्यूनतम और अधिकतम तापमान दोनों ही सामान्य के करीब बने रहेंगे। प्रमुख सतही हवाएं उत्तर-पश्चिम दिशा से चलने की संभावना है। सुबह के दौरान शांत हवाएं धीरे-धीरे बढ़कर लगभग 10 किमी प्रति घंटा तक पहुंच सकती हैं, जबकि शाम और रात में उत्तर-पश्चिमी हवाओं की गति 10 किमी प्रति घंटा या उससे कम रहने की उम्मीद है। शनिवार सुबह दिल्ली में वायु गुणवत्ता सूचकांक (AQI) 332 दर्ज किया गया, जो “बहुत खराब” श्रेणी में शामिल होता है। केंद्रीय प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड (CPCB) द्वारा सुबह 9 बजे जारी बुलेटिन के मुताबिक, यह स्तर शुक्रवार के 369 के मुकाबले कुछ कम है। सीपीसीबी के मानदंडों के अनुसार, 0–50 को ‘अच्छा’, 51–100 को ‘संतोषजनक’, 101–200 को ‘मध्यम’, 201–300 को ‘खराब’, 301–400 को ‘बहुत खराब’ और 401–500 को ‘गंभीर’ वायु गुणवत्ता माना जाता है।
यूपी में कल का मौसम कैसा रहेगा?
उत्तर प्रदेश में मौसम अब धीरे-धीरे सर्दी का रुख करने लगा है। मौसम विभाग का कहना है कि आने वाले दिनों में राज्य का तापमान नीचे जा सकता है, हालांकि न्यूनतम तापमान में फिलहाल खास बदलाव नहीं होगा। मौसम विज्ञानी मोहम्मद दानिश के अनुसार, पाकिस्तान और अफगानिस्तान में सक्रिय पश्चिमी विक्षोभ तथा दक्षिण-पश्चिम राजस्थान से चल रही उत्तर-पश्चिमी ठंडी हवाएं अधिकतम तापमान में हल्की बढ़ोतरी ला सकती हैं, लेकिन इसके बावजूद ठंड का असर और गहरा महसूस होगा। लखनऊ में अगले 24 घंटों के दौरान मौसम में बदलाव की संभावना है 30 नवंबर और 1 दिसंबर को आसमान में बादल छाए रहने का अनुमान है, जबकि 29 नवंबर की सुबह हल्के कोहरे के साथ शुरू हुई। बीएचयू के मौसम वैज्ञानिक प्रो. मनोज कुमार श्रीवास्तव ने बताया कि आगामी तीन दिनों में यूपी के कई क्षेत्रों में तापमान थोड़ा गिर सकता है और तीन दिन बाद अधिकतम व न्यूनतम तापमान लगभग 3 डिग्री सेल्सियस कम होने की संभावना है। तापमान में गिरावट के साथ कोहरा और ठंड दोनों बढ़ेंगे।
बिहार में कल के मौसम का हाल
पछुआ हवाओं के चलते बिहार में तापमान लगातार नीचे जा रहा है, जिससे शहरों और गांवों दोनों में शाम ढलते ही ठिठुरन बढ़ गई है। मौसम विभाग के मुताबिक, पश्चिमी विक्षोभ सक्रिय होने की स्थिति में है, जिसके प्रभाव से राज्य के कई जिलों में ठंड और अधिक तीव्र हो सकती है। शीतलहर जैसी परिस्थितियां बनने की आशंका को देखते हुए विभाग ने अलर्ट भी जारी किया है। अनुमान है कि 1 दिसंबर से पश्चिमी विक्षोभ का असर स्पष्ट होने लगेगा, खासकर पश्चिमी चंपारण, पूर्वी चंपारण, शिवहर, सीतामढ़ी, गोपालगंज और सीवान में तापमान में और गिरावट देखने को मिल सकती है। आईएमडी का भी कहना है कि दिसंबर के शुरुआती दिनों में राज्य भर में ठंड बढ़ेगी। यह पश्चिमी विक्षोभ इस सीजन का पहला मजबूत मौसम तंत्र माना जा रहा है, जिसके चलते बिहार के कई हिस्सों में मौसम तेजी से बदलेगा और शीतलहर जैसी स्थिति विकसित हो सकती है। इससे आने वाले दिनों में ठंड और कोल्ड-डे तथा कोल्ड-वेव की परिस्थितियों के बढ़ने की संभावना है।
राजस्थान में आने वाले दिनों का मौसम
मौसम केंद्र जयपुर के अनुसार, राजस्थान के अधिकांश क्षेत्रों में अगले एक सप्ताह तक मौसम सामान्य रूप से शुष्क रहने की उम्मीद है। फिलहाल शेखावाटी में न्यूनतम तापमान 8 से 9 डिग्री सेल्सियस के बीच दर्ज हो रहा है, जबकि राज्य के बाकी हिस्सों में यह 10 डिग्री सेल्सियस से ऊपर और सामान्य स्तर के करीब है। विभाग का अनुमान है कि अगले दो से तीन दिनों में तापमान में मामूली कमी आ सकती है और 2 से 4 दिसंबर के बीच शेखावाटी में न्यूनतम तापमान घटकर लगभग 4–5 डिग्री सेल्सियस तक पहुंच सकता है। मौसम केंद्र जयपुर के निदेशक राधेश्याम शर्मा ने बताया कि 30 नवंबर को राजस्थान के दक्षिणी और पूर्वी इलाकों में कई जगहों पर मध्यम से घना कोहरा फैल सकता है, जिसके मद्देनज़र छह जिलों के लिए येलो अलर्ट जारी किया गया है। दिसंबर की शुरुआत में ठंड बढ़ने की संभावना है, क्योंकि उत्तरी हवाओं के सक्रिय होने से न्यूनतम तापमान में करीब 3–4 डिग्री सेल्सियस की गिरावट दर्ज हो सकती है। शेखावाटी के साथ-साथ बीकानेर, जोधपुर और जयपुर संभाग के कई क्षेत्रों में शीतलहर चलने की आशंका भी जताई गई है।
कल मध्य प्रदेश का मौसम कैसा रहेगा?
मध्य प्रदेश में कुछ दिनों की नरमी के बाद ठंड एक बार फिर तेज हो गई है। राज्य के कई क्षेत्रों में रातें खासा ठंडी महसूस हो रही हैं और कई शहरों में न्यूनतम तापमान 10 डिग्री सेल्सियस से नीचे दर्ज किया गया है। कड़ाके की ठंड के चलते पिछले दो दिनों में दो लोगों की मौत की भी खबर है। मौसम विभाग के अनुसार, बड़े शहरों में जबलपुर का न्यूनतम तापमान 9.4 डिग्री सेल्सियस दर्ज हुआ, जबकि भोपाल में रातोंरात तापमान में करीब 4 डिग्री की गिरावट के बाद यह 11 डिग्री सेल्सियस पर पहुंच गया। सामान्यतः नवंबर के दूसरे पखवाड़े में सर्दी बढ़ती है, लेकिन इस बार हिमाचल, उत्तराखंड और जम्मू-कश्मीर में समय से पहले हुई बर्फबारी के असर से मध्य प्रदेश में भी बर्फीली हवाओं ने ठिठुरन बढ़ा दी है।
उत्तराखंड के मौसम को लेकर नया अपडेट
नवंबर के अंत के साथ ही उत्तराखंड में ठंड ने जोर पकड़ लिया है। ऊंचाई वाले इलाकों में जलस्रोत जमने लगे हैं और पिथौरागढ़ में आदि कैलाश व ओम पर्वत यात्राओं के परमिट भी रोक दिए गए हैं। मौसम विभाग ने दिसंबर और जनवरी में असाधारण ठंड पड़ने की चेतावनी जारी की है। नवीन पूर्वानुमान के अनुसार, पर्वतीय क्षेत्रों में कई स्थानों पर हल्का से मध्यम कोहरा बन सकता है, जिससे दृश्यता प्रभावित होगी, जबकि हरिद्वार और उधम सिंह नगर समेत मैदानी इलाकों में भी घना कुहासा छाने की संभावना है। ला नीना की स्थिति और पश्चिमी विक्षोभ के सक्रिय रहने से इस बार दिसंबर-जनवरी की सर्दी सामान्य से कहीं अधिक कड़ी हो सकती है। फिलहाल, उत्तराखंड में सर्दी अपने चरम पर है। बर्फ से ढकी वादियां जहां एक ओर प्राकृतिक सौंदर्य का मनमोहक दृश्य प्रस्तुत करती हैं, वहीं दूसरी ओर तापमान में लगातार गिरावट स्थानीय निवासियों के लिए मुश्किलें बढ़ा रही है और ठिठुरन तेजी से महसूस की जा रही है।
FAQs
उत्तर भारत में ठंड का हाल क्या है?
उत्तर भारत में अचानक बढ़ी ठंड ने कई राज्यों में न्यूनतम तापमान 6°C से नीचे ला दिया है। जम्मू-कश्मीर, लद्दाख, हिमाचल प्रदेश, उत्तराखंड, पंजाब और पश्चिमी उत्तर प्रदेश में कोहरे के साथ सर्दी महसूस की जा रही है। मैदानी क्षेत्रों में अमृतसर में न्यूनतम तापमान 6.4°C दर्ज किया गया। आने वाले दिनों में उत्तर-पश्चिम भारत में तापमान में 2–4°C की और गिरावट की संभावना है।
दक्षिण भारत में तूफान ‘दितवाह’ का क्या असर होगा?
दक्षिण-पश्चिम बंगाल की खाड़ी और श्रीलंका के पास सक्रिय चक्रवाती तूफान ‘दितवाह’ उत्तर-उत्तरपश्चिम दिशा में बढ़ रहा है। इसका असर तमिलनाडु, पुदुचेरी, दक्षिण आंध्र प्रदेश और रायलसीमा में बारिश के रूप में दिखाई देगा। विशेषकर 30 नवंबर से 2 दिसंबर के बीच इन राज्यों में भारी वर्षा होने की संभावना है।
दिल्ली का कल का मौसम कैसा रहेगा?
दिल्ली में 30 नवंबर को आसमान आंशिक रूप से बादलों से ढका रहेगा। सुबह हल्का से मध्यम कोहरा रह सकता है। अधिकतम तापमान 23–25°C और न्यूनतम तापमान 8–10°C के बीच रहेगा। हवाएं उत्तर-पश्चिम दिशा से चलेंगी और AQI “बहुत खराब” स्तर पर रहने की संभावना है।
आने वाले दिनों का मौसम कैसा रहेगा?
अगले तीन दिनों में तापमान थोड़ी गिरावट के साथ कोहरा बढ़ेगा। बिहार में पश्चिमी विक्षोभ की वजह से तापमान में गिरावट और शीतलहर की संभावना है। वहीं, मध्य प्रदेश में ठंड फिर से बढ़ गई है। कई शहरों में न्यूनतम तापमान 10°C से नीचे दर्ज हो रहा है और बर्फीली हवाओं के कारण ठिठुरन बढ़ी है।
उत्तराखंड में मौसम की स्थिति क्या है?
उत्तराखंड में सर्दी अपने चरम पर है। पर्वतीय क्षेत्रों में जलस्रोत जम रहे हैं और उच्च इलाकों में कोहरा और कम दृश्यता बनी रहेगी। पश्चिमी विक्षोभ और ला नीना के प्रभाव से दिसंबर और जनवरी में असाधारण ठंड पड़ने की संभावना है। मैदानी क्षेत्रों में भी कोहरे के कारण ठिठुरन महसूस होगी।
