Kal Ka Mausam: एक तरफ चक्रवाती तूफान, दूसरी तरफ बारिश का वार! बंगाल से मध्य भारत तक बिगड़ेगा मौसम, केरल के 3 जिलों में रेड अलर्ट

Kal Ka Mausam 26 October 2026, कल का मौसम कैसा रहेगा: अक्टूबर के आखिरी हफ्ते में बंगाल की खाड़ी में तेजी से ताकतवर हो रहा चक्रवाती तूफान कई राज्यों में मौसम बिगाड़ सकता है। IMD ने यूपी, बिहार, पश्चिम बंगाल और मध्य भारत के कई हिस्सों में भारी बारिश, आंधी और तेज हवाओं का पूर्वानुमान जताया है। वहीं, केरल में मूसलाधार बारिश के चलते तीन जिलों में रेड अलर्ट जारी किया गया है, जबकि दिल्ली में 26 अक्टूबर को मौसम साफ रहने की संभावना है।

Kal Ka Mausam 26 October 2026: देश के कई राज्यों में अक्टूबर के आखिरी दिनों में मौसम का मिजाज बदलने वाला है। बंगाल की खाड़ी में विकसित हो रहे चक्रवाती तूफान के असर से पूर्वी भारत समेत उत्तर प्रदेश, बिहार और मध्य भारत के कई इलाकों में बारिश, तेज हवाओं और गरज-चमक की संभावना है। वहीं, केरल में भारी बारिश के चलते रेड अलर्ट जारी किया गया है, जबकि दिल्ली में फिलहाल आसमान साफ रहने और तापमान सामान्य के आसपास बने रहने का अनुमान है। बंगाल की खाड़ी में बना कम दबाव का क्षेत्र अब डिप्रेशन में बदल गया है। भारत मौसम विज्ञान विभाग (IMD) के अनुसार, 24 अक्टूबर की शाम 5:30 बजे यह सिस्टम डिप्रेशन में तब्दील हुआ। 25 अक्टूबर की सुबह 8:30 बजे यह पूर्व-मध्य और उससे सटे दक्षिण-पूर्वी बंगाल की खाड़ी के ऊपर सक्रिय था। इसका केंद्र लगभग 15.3 डिग्री उत्तरी अक्षांश और 91.2 डिग्री पूर्वी देशांतर पर स्थित था। मौसम विभाग के मुताबिक, यह सिस्टम 25 अक्टूबर को पहले दक्षिण की ओर बढ़ सकता है। इसके बाद इसकी दिशा पश्चिम-उत्तर-पश्चिम की ओर मुड़ने और इसकी तीव्रता बढ़ने की संभावना है।

Kal Ka Mausam

कल का मौसम

26 अक्टूबर की सुबह तक इसके चक्रवाती तूफान में बदलने का अनुमान है। इसके बाद 27 अक्टूबर की सुबह तक यह पश्चिम-मध्य बंगाल की खाड़ी में गंभीर चक्रवाती तूफान (अर्नब) का रूप ले सकता है। 28 अक्टूबर की सुबह तक इसके और शक्तिशाली होकर अति गंभीर चक्रवाती तूफान बनने की आशंका है। IMD के पूर्वानुमान के अनुसार, यह तूफान 28 अक्टूबर की सुबह के आसपास आंध्र प्रदेश के तट के निकट पहुंच सकता है। इसके बापटला और विशाखापत्तनम के बीच आंध्र प्रदेश एवं यानम तट से 28 अक्टूबर की पूर्वाह्न तक टकराने की संभावना है। इस दौरान हवा की अधिकतम निरंतर रफ्तार 115 से 125 किलोमीटर प्रति घंटा रह सकती है, जबकि झोंकों की गति 140 किलोमीटर प्रति घंटा तक पहुंचने का अनुमान है। इस बीच, 25 अक्टूबर की सुबह दक्षिण-पूर्वी अरब सागर और केरल तट के आसपास कम दबाव का क्षेत्र बना हुआ था। इससे जुड़ी एक ट्रफ निचले क्षोभमंडलीय स्तर पर उत्तरी तटीय तमिलनाडु तक फैली हुई है। इसके प्रभाव से दक्षिण भारत के कुछ हिस्सों में मौसम संबंधी गतिविधियां देखने को मिल सकती हैं। बांग्लादेश और उसके आसपास के क्षेत्रों में भी निचले क्षोभमंडल में चक्रवाती परिसंचरण (Cyclonic Circulation) सक्रिय है। वहीं, उत्तर हरियाणा के ऊपर पश्चिमी विक्षोभ से जुड़ा चक्रवाती परिसंचरण बना हुआ है। इसके साथ ऊपरी क्षोभमंडल में लगभग 75 डिग्री पूर्वी देशांतर के साथ 30 डिग्री उत्तरी अक्षांश के उत्तर में ट्रफ मौजूद है। इसके अलावा, उत्तरी राजस्थान और उससे सटे हरियाणा के ऊपर एक प्रेरित चक्रवाती परिसंचरण भी सक्रिय है। मौसम विभाग ने बताया है कि एक नया पश्चिमी विक्षोभ (Western Disturbance) 27 अक्टूबर की रात से उत्तर-पश्चिम भारत को प्रभावित कर सकता है। इससे इस क्षेत्र के मौसम में बदलाव आने की संभावना है।

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