Kal Ka Mausam 19 October 2026: देश के कई हिस्सों में मौसम का मिजाज बदलने वाला है। भारत मौसम विज्ञान विभाग के मुताबिक, उत्तर भारत में मौसम के अलग-अलग रंग नजर आएंगे वहीं दक्षिण भारत के कई राज्यों में भारी बारिश, गरज-चमक और तेज हवाओं का दौर देखने को मिल सकता है। वेदर सिस्टम की बात करें तो, पश्चिम-मध्य बंगाल की खाड़ी और उससे सटे दक्षिण आंध्र प्रदेश व तमिलनाडु के तटीय क्षेत्रों के ऊपर बना ऊपरी वायुमंडलीय चक्रवाती परिसंचरण (Cyclonic Circulation) निचले और मध्य क्षोभमंडलीय स्तरों पर सक्रिय है। इसके अलावा, उत्तरी आंतरिक कर्नाटक और आसपास के इलाकों में निचले क्षोभमंडलीय स्तर पर एक चक्रवाती परिसंचरण मौजूद है।
लक्षद्वीप से पश्चिम-मध्य बंगाल की खाड़ी तक कर्नाटक और दक्षिण आंध्र प्रदेश से गुजरते हुए एक ट्रफ भी बना हुआ है। दक्षिण-पश्चिम अरब सागर के ऊपर सक्रिय ऊपरी वायुमंडलीय चक्रवाती परिसंचरण के प्रभाव से 18 अक्टूबर 2026 को सुबह 8:30 बजे IST उसी क्षेत्र में कम दबाव का क्षेत्र विकसित हो गया है। मौसम विभाग के मुताबिक, अगले 24 घंटों के दौरान इसके और अधिक प्रभावी होने की संभावना है। वहीं, पश्चिमी विक्षोभ (Western Disturbance) हिमाचल प्रदेश और उससे सटे पंजाब के ऊपर निचले क्षोभमंडलीय स्तर पर चक्रवाती परिसंचरण के रूप में मौजूद है। इसके साथ मध्य क्षोभमंडलीय स्तर पर लगभग 28° उत्तरी अक्षांश के उत्तर में 70° पूर्वी देशांतर के आसपास एक ट्रफ भी सक्रिय है। इसके अतिरिक्त, दक्षिण राजस्थान और आसपास के क्षेत्रों में निचले क्षोभमंडलीय स्तर पर चक्रवाती परिसंचरण बना हुआ है। दक्षिण-पश्चिम राजस्थान से उत्तर-पूर्वी अरब सागर तक एक ट्रफ फैला हुआ है। इस बीच, थाईलैंड की खाड़ी और उसके आसपास के क्षेत्रों में भी निचले क्षोभमंडलीय स्तर पर एक ऊपरी वायुमंडलीय चक्रवाती परिसंचरण सक्रिय है।
दिल्ली में कल का मौसम
कल दिल्ली में आसमान मुख्य रूप से साफ रहने का अनुमान है। इस दौरान अधिकतम तापमान 31 से 33 डिग्री सेल्सियस और न्यूनतम तापमान 18 से 20 डिग्री सेल्सियस के बीच रह सकता है। राष्ट्रीय राजधानी में ज्यादातर स्थानों पर अधिकतम और न्यूनतम तापमान सामान्य स्तर के आसपास बने रहने की संभावना है। हवा की बात करें तो सुबह के समय उत्तर-पश्चिम दिशा से हवाएं चलेंगी, जिनकी रफ्तार 10 किलोमीटर प्रति घंटे तक रह सकती है। दोपहर में हवा की गति बढ़कर 22 किलोमीटर प्रति घंटे तक पहुंचने का अनुमान है। वहीं, शाम और रात के दौरान हवाओं की रफ्तार घटकर 12 किलोमीटर प्रति घंटे तक रह सकती है।
यूपी में कल का मौसम कैसा रहेगा?
उत्तर प्रदेश में 19 अक्टूबर को मौसम में बदलाव देखने को मिल सकता है। भारत मौसम विज्ञान विभाग (IMD) के अनुमान के मुताबिक, प्रदेश के मेरठ, आगरा, गाजियाबाद, मथुरा, प्रयागराज, देवरिया, बिजनौर, गोरखपुर, अमरोहा, बुलंदशहर, कानपुर और झांसी समेत कई जिलों में कुछ स्थानों पर गरज-चमक के साथ बारिश होने की संभावना है। इस दौरान आंधी चलने और 30 से 40 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से तेज हवाएं चलने का अनुमान है।
बिहार में कल के मौसम का हाल
बिहार की बात करें तो यहां पटना, गया, भोजपुर, मुजफ्फरपुर, वैशाली, समस्तीपुर, दरभंगा, मधुबनी, पूर्णिया, किशनगंज, बेगूसराय, कटिहार, भागलपुर और मुंगेर समेत कई जिलों में बारिश होने की संभावना है। इन क्षेत्रों में हल्की से भारी बारिश दर्ज की जा सकती है। बारिश के साथ तेज हवाएं चलने और कुछ स्थानों पर गरज-चमक के साथ बिजली कड़कने की भी आशंका है। मौसम में संभावित बदलाव को देखते हुए लोगों को सतर्क रहने और मौसम विभाग की ओर से जारी वेदर रिपोर्ट पर नजर बनाए रखने की सलाह दी जाती है। खराब मौसम के दौरान खुले स्थानों और पेड़ों के नीचे खड़े होने से बचें।
राजस्थान में गरज-चमक के साथ बारिश होने की संभावना
दक्षिण-पश्चिम राजस्थान में निचले क्षोभमंडलीय स्तर पर चक्रवाती परिसंचरण बना हुआ है। इसके अलावा दक्षिण-पश्चिम राजस्थान से उत्तर-पूर्वी अरब सागर तक एक ट्रफ फैला हुआ है, जिससे आसपास के क्षेत्रों में मौसम की गतिविधियां प्रभावित हो सकती हैं। राज्य के कुछ हिस्सों में बादल छाने और गरज-चमक के साथ बारिश होने की संभावना से इनकार नहीं किया जा सकता।
क्या पहाड़ी राज्यों में बारिश होगी?
उत्तराखंड, हिमाचल प्रदेश और जम्मू-कश्मीर समेत पहाड़ी राज्यों में मौसम मुख्य रूप से शुष्क रहने की संभावना है। उत्तराखंड में 24 अक्टूबर तक सभी जिलों में बारिश की संभावना नहीं जताई गई है। वहीं, हिमाचल प्रदेश में 18 से 24 अक्टूबर के बीच मौसम शुष्क रहने का अनुमान है। इस दौरान निचले इलाकों में धूप खिलने से मौसम सुहावना रह सकता है, जबकि ऊंचाई वाले क्षेत्रों में सुबह और रात के समय ठंड बढ़ने की संभावना है। जम्मू-कश्मीर और लद्दाख के इलाकों में भी तापमान में गिरावट के साथ ठंड का असर बढ़ सकता है। श्रीनगर, लेह और कारगिल जैसे क्षेत्रों में रातें अधिक ठंडी रहने की संभावना है।
दक्षिण भारत में जारी रहेगा बारिश का दौर
दक्षिण भारत के कई राज्यों में बारिश, गरज-चमक और तेज हवाएं चलने की संभावना है। केरल और माहे, लक्षद्वीप, दक्षिण आंतरिक कर्नाटक तथा तमिलनाडु, पुडुचेरी और कराईकल में इस अवधि के दौरान व्यापक स्तर पर बारिश हो सकती है। तटीय कर्नाटक में 19 से 20 अक्टूबर और फिर 23 से 24 अक्टूबर के बीच कई स्थानों पर बारिश होने का अनुमान है। वहीं, उत्तरी आंतरिक कर्नाटक में 19 से 24 अक्टूबर तक कुछ स्थानों पर वर्षा हो सकती है। तटीय आंध्र प्रदेश, यनम और रायलसीमा में 19 से 24 अक्टूबर तथा तेलंगाना में 19 से 21 अक्टूबर के दौरान छिटपुट बारिश होने की संभावना है। इस दौरान तमिलनाडु, पुडुचेरी और कराईकल में 19 से 24 अक्टूबर तक गरज-चमक के साथ बिजली गिरने और 40 से 50 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से तेज हवाएं चलने की आशंका है। हवा के झोंकों की गति 60 किलोमीटर प्रति घंटे तक पहुंच सकती है। तटीय आंध्र प्रदेश, यनम और रायलसीमा में 19 से 20 अक्टूबर के दौरान भी तेज हवाओं के साथ खराब मौसम रह सकता है। वहीं, केरल और माहे, लक्षद्वीप तथा कर्नाटक के आंतरिक हिस्सों में 19 से 20 अक्टूबर के दौरान 30 से 40 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से तेज हवाएं चलने की संभावना है। केरल और माहे तथा लक्षद्वीप में 21 से 22 अक्टूबर के दौरान गरज-चमक और बिजली गिरने का अनुमान है। भारी बारिश को लेकर मौसम विभाग ने तमिलनाडु, पुडुचेरी और कराईकल में 22 से 24 अक्टूबर, केरल और माहे में 19 से 24 अक्टूबर, लक्षद्वीप में 21 से 23 अक्टूबर तथा दक्षिण आंतरिक कर्नाटक में 19 से 24 अक्टूबर तक कुछ स्थानों पर भारी वर्षा की संभावना जताई है। तटीय आंध्र प्रदेश, यनम और रायलसीमा में 19 से 21 अक्टूबर के दौरान भी भारी बारिश हो सकती है। इसके अलावा, तमिलनाडु, पुडुचेरी और कराईकल में 19 से 21 अक्टूबर के दौरान कुछ स्थानों पर बहुत भारी बारिश होने की आशंका है।
