Heatwave Alert: जून के पहले हफ्ते में कैसा रहेगा गर्मी का हाल? हीटवेव के अलर्ट को लेकर IMD का बड़ा अपडेट जारी

Heatwave Alert: मई में देश के कई राज्यों में बारिश, आंधी और भीषण गर्मी का मिला-जुला असर देखने को मिला है। मौसम पूर्वानुमान के अनुसार जून के पहले सप्ताह में हीटवेव का व्यापक प्रभाव कम रहने की संभावना है, हालांकि कुछ क्षेत्रों में गर्म हवाओं का असर बना रह सकता है। इस दौरान देशभर में मौसम के अलग-अलग रंग देखने को मिलेंगे, जहां कहीं राहत तो कहीं गर्म और उमस भरी स्थिति बनी रह सकती है।

Heatwave Alert: मई में बारिश-आंधी और भीषण गर्मी का दौर देश के कई राज्यों में देखा गया। बात अगर जून महीने की करें तो इसके पहले सप्ताह में देश के अधिकांश हिस्सों में हीटवेव की स्थिति व्यापक रूप से फैलने की संभावना कम है, क्योंकि कई क्षेत्रों में पहले से ही गर्मी में कुछ राहत दर्ज की गई है। हालांकि कुछ स्थानों पर, विशेषकर बिहार में 4 से 6 जून के बीच, फिर से गर्म हवाओं और हीटवेव जैसी परिस्थितियां बनने की संभावना जताई गई है, जिससे तापमान में बढ़ोतरी और उमस महसूस हो सकती है। अन्य राज्यों में व्यापक हीटवेव अलर्ट की स्थिति नहीं रहने की उम्मीद है, लेकिन कुछ क्षेत्रों में गर्म और असहज मौसम बना रह सकता है। इस दौरान मौसम पर आंधी, बारिश और बादलों की गतिविधियों का भी असर देखने को मिलेगा, जिससे तापमान में उतार-चढ़ाव बना रहेगा। देश के अलग-अलग हिस्सों में अधिकतम तापमान में क्षेत्रवार बदलाव संभव है, जहां कुछ जगहों पर वृद्धि तो कुछ क्षेत्रों में गिरावट देखी जा सकती है, जिससे मौसम की स्थिति मिश्रित बनी रहेगी।

Heatwave Alert

जून के पहले हफ्ते में हीटवेव का अलर्ट (AI फोटो)

आईएमडी मौसम चेतावनी (फोटो सोर्स- IMD)

जून के पहले हफ्ते में हीटवेव का अलर्ट है या नहीं?

जारी मौसम पूर्वानुमान के अनुसार जून के पहले सप्ताह में देश के अधिकतर हिस्सों में हीटवेव की स्थिति में कोई बड़ा विस्तार नहीं होगा, क्योंकि गर्मी की स्थिति में पहले ही कमी दर्ज की जा चुकी है। हालांकि बिहार में 4 जून से 6 जून के बीच फिर से उष्ण लहर (हीटवेव) जैसी परिस्थितियां बनने की संभावना है, जिससे दिन के तापमान में बढ़ोतरी और गर्म हवाओं का प्रभाव महसूस किया जा सकता है। वहीं बाकी राज्यों में व्यापक हीटवेव अलर्ट नहीं रहेगा, लेकिन कुछ स्थानों पर गर्म और उमस भरे मौसम की स्थिति बनी रह सकती है। इस अवधि में मौसम मुख्य रूप से आंधी-बारिश और बादलों की गतिविधियों से प्रभावित रहेगा, जिससे कई इलाकों में तापमान में उतार-चढ़ाव देखने को मिल सकता है।

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