Jharkhand News: झारखंड की राजनीति और झारखंड मुक्ति मोर्चा (JMM) को रविवार तड़के उस वक्त गहरा झटका लगा, जब राज्य सरकार के नगर विकास, आवास, उच्च एवं तकनीकी शिक्षा तथा पर्यटन मंत्री और गिरिडीह से विधायक सुदिव्य कुमार सोनू के आकस्मिक निधन की खबर सामने आई। शनिवार और रविवार की दरमियानी अचानक तबीयत बिगड़ने के बाद दिल का दौरा पड़ने से गिरिडीह के मर्सी अस्पताल में इलाज के दौरान उनका निधन हो गया।
सुदिव्य कुमार सोनू की फाइल फोटो
घर पर बिगड़ी थी तबीयत
प्राप्त जानकारी के अनुसार, मंत्री सुदिव्य कुमार सोनू शनिवार रात हरसिंगरायडीह स्थित अपने आवास पर थे। देर रात लगभग मध्यरात्रि के समय अचानक उनके सीने में तेज दर्द की शिकायत हुई। परिजनों द्वारा उन्हें आनन-फानन में गिरिडीह शहर के बस पड़ाव स्थित मर्सी अस्पताल ले जाया गया। अस्पताल के डॉक्टरों की टीम ने तुरंत जांच और आपातकालीन इलाज शुरू किया, लेकिन तमाम कोशिशों के बावजूद उन्हें बचाया नहीं जा सका और उन्होंने अस्पताल में ही अंतिम सांस ली।
एक दिन पहले ही शिक्षक दिवस कार्यक्रम में हुए थे शामिल
निधन से ठीक एक दिन पहले शनिवार (5 सितंबर) को मंत्री सुदिव्य कुमार सोनू पूरी तरह सक्रिय थे। उन्होंने शिक्षक दिवस के अवसर पर आयोजित विभिन्न कार्यक्रमों में हिस्सा लिया था। गिरिडीह के इस्लामिया उर्दू मिडिल स्कूल के शताब्दी समारोह में बतौर मुख्य अतिथि शामिल होकर उन्होंने शिक्षा के महत्व पर बात की थी और अपने विधायक मद से स्कूलों को कंप्यूटर उपलब्ध कराने का भरोसा भी दिया था।
शांत, सहज और जनप्रिय राजनेता की छवि
सुदिव्य कुमार सोनू झामुमो के अग्रिम पंक्ति के नेताओं में गिने जाते थे और मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन के बेहद भरोसेमंद माने जाते थे। जनसेवा के क्षेत्र में वे अपने शांत, सहज, संयमित और मिलनसार स्वभाव के लिए जाने जाते थे। आम जनता से सीधे जुड़ना, उनके बीच बैठकर सहजता से बातें करना और बिना किसी औपचारिकता के लोगों की समस्याओं को सुनना और उनका समाधान करना उनकी कार्यशैली की पहचान थी। इन्होंने झारखंड में भर्ती परीक्षाओं में कथित अनियमितताओं को लेकर चल रहे विरोध प्रदर्शन के दौरान सरकार की ओर से प्रदर्शनकारियों के प्रतिनिधिमंडल से बातचीत भी की थी।
