Navbharat Navnirmant Manch: टाइम्स नाऊ नवभारत के खास कार्यक्रम भारत के नवनिर्माण में राजस्थान की भूमिका विषय पर हुई चर्चा में महिलाओं के लिए चलाई जा रही कल्याणकारी योजनाओं पर बात हुई। इसमें अधिकारियों ने बताया कि किस तरह राज्य की जरूरतमंद महिलाओं के लिए योजनाएं चलाकर उन्हें आर्थिक रूप से संबल बनाया जा रहा है।
भारत के नवनिर्माण में राजस्थान की भूमिका
महिला एवं बाल कल्याण विभाग में एडिशनल डायरेक्टर डॉ. अजय कौशिक ने कहा कि सीएम की सोच रही है कि महिलाओं के विकास के साथ वे आत्मनिर्भर भी बनें, उन्होंने 1000 करोड़ रुपये की निधि वाली योजना बना हैं। इनमें उड़ान योजना, इंदिरा महिला शक्ति निधि जैसी योजनाओं से महिलाओं के विकास पर काम किया गया। इन्हें धरातल पर उतारा और सफलता से आगे बढ़ाया है।
बालिकाओं को कंप्यूटर शिक्षा
बालिकाओं को कंप्यूटर शिक्षा दी जा रही है, हमारे विभाग ने कंप्यूटर शिक्षा के लिए आरसीएल के साथ काम करके इस शिक्षा का आगे बढ़ाया है। हर साल 75 हजार बालिकाओं को कंप्यूटर शिक्षा दे रहे हैं। अब तक 2 लाख से अधिक महिलाएं और बालिकाएं इसमें शिक्षा ले चुकी हैं। इसमें स्किल एजुकेशन भी शामिल है। इससे महिलाओं को आत्मनिर्रता, नौकरी में मदद मिलती है। महिलाएं ब्यूटीशियन, सिलाई का प्रशिक्षण लेकर अपना काम कर सकती हैं, इसके लिए ऑनलाइन अप्लाई कर अनुदान ले सकती है। अब तक 155 करोड़ धन व्यय किया जा चुका है। ढाई-तीन हजार महिलाएं लाभ उठा चुकी हैं।
अमृता हाट
डॉ. कौशिक ने कहा कि महिलाओं के कल्याण के लिए महीने में अमृता हाट भी लगता है। इसमें महिलाओं को अपना प्रोडक्ट बेचने की सुविधा मिलती है। इस मेले मे हर महिला को अपना माल बेचने का मौका मिलता है। उन्हें दुकान की सुविधा मुफ्त दी जाती है जिससे वह आत्मनिर्भर हो सकें। महिलाएं हाट तक कैसे पहुंचे, ये एक बड़ा चैलेंज है। हमारे विभाग का हर जिले में ऑफिस है, गांव में साथिन हैं, उनके माध्यम से हम गांवों में योजनाओं की जानकारी देते हैं।
उड़ान योजना
डॉ कौशिक ने कहा कि यह ऐसी योजना है जिसमें सभी महिलाओं के लिए मुफ्त सैनेटरी नैपकिन का वितरण हैं। महिलाओं की होने वाली बीमारी व दूसरी दिक्कतों को देखते हुए सरकार ने 500 करोड़ रुपये की योजना चलाई गई है जिसमें महिलाओं को मुफ्त नैपकिन दिए जा रहे हैं। ये बहुत बड़ी योजना है और इससे महिलाओं को काफी फायदा मिल रहा है।
