शहर

Kurukshetra News: आज से अंतरराष्ट्रीय गीता जयंती महोत्सव का आगाज, मेले में आएंगे कई राज्यों के शिल्पकार और कलाकार

कुरुक्षेत्र में आज से अंतरराष्ट्रीय गीता जंयती महोत्सव का आगाज हो रहा है। इस मौके पर 24 राज्यों से शिल्पकार और कलाकार आएंगे और मेले में अपना स्टॉल लगाएंगे। दीपदान के बाद 24 दिसंबर को इस महोत्सव का समापन किया जाएगा।

Image

अंतरराष्ट्रीय गीता जयंती महोत्सव (फोटो साभार - ट्विटर)

हरियाणा के कुरुक्षेत्र में आज से अंतरराष्ट्रीय गीता जयंती महोत्सव की शुरुआत हो गयी है। यह महोत्सव 24 दिसंबर तक जारी रहेगा। इस मौके पर धर्मनगरी कुरुक्षेत्र को भव्य तरीके से सजाया गया है। महोत्सव में आज से ही शिल्प और सरस मेले का आगाज हो रहा है। जिसमें अलग-अलग राज्यों से शिल्पकार और कलाकार आएं है, इन शिल्पकारों के करीब 600 स्टॉल मेले में देखने को मिलेंगे। महोत्सव में मुख्य कार्यक्रम की शुरुआत 17 दिसंबर से होगी।

24 राज्यों से आएंगे शिल्पकार

इस महोत्सव के लिए हरियाणा, राजस्थान, यूपी, उत्तराखंड, पंजाब समेत 24 राज्यों से शिल्पकार अपना सामान लेकर आ रहे हैं। यहां पर अपना स्टॉल लगाने के लिए इन्हें दुकानें अलॉट कर दी गई हैं। इस मेले के माध्यम से अलग-अलग राज्यों के लोगों के बीच भाईचारा बढ़ेगा, साथ ही वे एक-दूसरे की कला और संस्कृति के बारे में भी जानेंगे। मेले में खानपान की भी भरपूर व्यवस्था रहेगी। यहां पर 25 से ज्यादा फूड स्टॉल भी लगाए गए हैं। लोगों के खाने-पीने की सुविधा ब्रह्मसरोवर तट पर रहेगी। जिसके लिए 6 फूड कोर्ट बनाए गए हैं।

दीपदान से होगा समापन

अंतरराष्ट्रीय गीता महोत्सव में दीपोत्सव, संत सम्मेलन, तीर्थ सम्मेलन, राज्यस्तरीय प्रदर्शन आदि देखने को मिलेंगे, जो इस महोत्सव में आकर्षद का केंद्र होंगे। इस महोत्सव के समापन के दिन दीपदान किया जाएगा। जिसे दीपोत्सव के रूप में मनाया जाएगा। 23 दिसंबर को दीपोत्सव मनाया जाएगा, इस दिन ब्रह्मसरोवर तट एक लाख दीपों से रौशन होगा।

Pooja Kumari
पूजा कुमारीauthor

पूजा टाइम्स नाउ नवभारत डिजिटल की सिटी डेस्क पर कार्यरत हैं। जर्नलिज़्म में पीजी डिप्लोमा कर चुकी पूजा को टीवी मीडिया में भी काम करने का अनुभव है। शहरी मुद्दों की गहरी समझ के कारण पूजा लोकल न्यूज, मेट्रो व रेल अपडेट्स, रोड और इंफ्रास्ट्रक्चर, लोकल डेवलपमेंट, मौसम, क्राइम, स्थानीय राजनीति और सामाजिक मुद्दों पर मजबूत पकड़ रखती हैं। शहरों की नब्ज पहचानने और स्थानीय संवेदनशीलताओं को खबरों में प्रभावी ढंग से पिरोने की क्षमता उनकी राइटिंग स्किल को विशेष बनाती है। पूजा अब तक 3,000 से अधिक न्यूज रिपोर्ट्स लिख चुकी हैं, जिनमें कई महत्वपूर्ण लोकल अपडेट्स, विश्लेषणात्मक स्टोरीज और रिपोर्ताज शामिल हैं।

और पढ़ें
End of Article