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Himachal Heavy Rain: हिमाचल में भारी बारिश से तबाही, 47 सड़कें बंद, 3 जिलों में बाढ़, 72 दिनों में 157 मौतें

Himachal Heavy Rain: हिमाचल प्रदेश में बारिश की वजह से 47 सड़कें बंद कर दी गई हैं। इसके अलावा तीन जिलों में अचानक बाढ़ आने का खतरा मंडरा रहा है।

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(प्रतिकात्मक फोटो)

Photo : टाइम्स नाउ डिजिटल

Himachal Heavy Rain: हिमाचल प्रदेश में लगातार बारिश के कारण शनिवार को 47 सड़कों पर यातायात बंद करना पड़ा। स्थानीय मौसम विभाग ने शिमला, सोलन और सिरमौर जिलों में अचानक बाढ़ आने के खतरे की चेतावनी दी है। राज्य आपातकालीन परिचालन केंद्र ने बताया कि राज्य में 18 बिजली और एक जलापूर्ति योजना भी प्रभावित हुई है। मौसम विभाग के मुताबिक, मालरोन में सबसे अधिक 64 मिमी बारिश दर्ज की गई, इसके बाद पंडोह में 32.5 मिमी, बरथीन में 30.4 मिमी, अघार में 29.8 मिमी, मंडी में 28.7 मिमी, भटियात में 28.4 मिमी, जुब्बरहट्टी में 26 मिमी, भुंतर में 25.7 मिमी, सुंदरनगर में 18.6 मिमी, पोंटा साहिब में 13.4 मिमी, धौलाकुआं में 13 मिमी बारिश दर्ज की गई। मनाली में भी 12 मिमी, कुफरी में 11.6 मिमी और सराहन में 11 मिमी बारिश दर्ज की गई है।

47 सड़कों पर यातायात बंद

स्थानीय मौसम विभाग ने रविवार तक शिमला, सोलन और सिरमौर जिलों के कुछ हिस्सों में हल्के से मध्यम स्तर की बाढ़ का खतरा होने की चेतावनी दी है। केंद्र ने बताया कि कुल 47 सड़कों पर यातायात बंद है, जिनमें मंडी में 13, कांगड़ा में 11, शिमला और कुल्लू में नौ-नौ, ऊना में दो और किन्नौर, सिरमौर तथा लाहौल एवं स्पीति जिलों में एक-एक सड़क शामिल है।

हिमाचल प्रदेश में 27 जून को मानसून के आगमन के बाद से वर्षा में 21 प्रतिशत की कमी आई है, तथा राज्य में 652.1 मिमी की औसत बारिश के मुकाबले 517.8 मिमी बारिश हुई है। अधिकारियों ने बताया कि 27 जून से छह सितंबर तक चालू मानसून सत्र के दौरान बारिश से संबंधित घटनाओं में कुल 157 लोगों की मौत हो गई है और राज्य को 1,303 करोड़ रुपये का नुकसान हुआ है।

(इनपुट-भाषा)

Pushpendra kumar
पुष्पेंद्र कुमारauthor

पुष्पेंद्र कुमार टाइम्स नाउ नवभारत डिजिटल में चीफ कॉपी एडिटर के रूप में सिटी डेस्क पर कार्यरत हैं। जर्नलिज्म में मास्टर्स डिग्री हासिल करने के बाद से वे पिछले 7 वर्षों से सक्रिय पत्रकारिता में जुड़े हैं। इस दौरान उन्होंने 10,000 से अधिक खबरें लिखी हैं। पुष्पेंद्र हाइपर-लोकल मुद्दों, रेलवे, रोड, इंफ्रास्ट्रक्चर, डेवलपमेंट, कृषि और मौसम से जुड़ी खबरों पर गहरी पकड़ रखते हैं। शहर से लेकर गांव-देहात तक की संवेदनशीलताओं को समझते हुए वे लोकल खबरों को ऐसा रूप देते हैं जो न केवल तथ्यपूर्ण होता है, बल्कि पाठकों से भावनात्मक रूप से भी जुड़ता है।

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