Gurugram: गुरुग्राम का नाम विश्व पटल पर साइबर सिटी के तौर पर पहचान बन चुका है। यहां पर देश-विदेश की सैकड़ों मल्टीनेशनल कंपनियों का ऑफिस है और यह शहर लाखों लोगों को रोजगार देता है, लेकिन इसके बाद भी यहां होने वाले क्राइम कई बार लोगों को चौका देते है। ऐसा ही करोड़ों रुपये चोरी के एक मामले का खुलासा होने पर पूरा देश हतप्रभा रह गया। दरअसल, इस चोरी का मास्टरमाइंड कोई आम चोर नहीं, बल्कि शहर के दो नामी डॉक्टर थे। गुरुग्राम एसटीएफ ने इन डॉक्टर के पास से 1 करोड़ 90 लाख रुपए कैश, 3 किलो गोल्ड और 45 लाख रुपए की कीमत के यूएस डॉलर्स बरामद किए।
चोरी के इस मामले में एसटीएफ ने डॉक्टर सचिंदर जैन नवल और डॉक्टर जे पी सिंह को गिरफ्तार किया है। एसटीएफ के अनुसार करोड़ों रुपये चोरी के मामले में ये दोनों मुख्य साजिशकर्ता थे। दोनों ने दिल्ली पुलिस स्पेशल सेल में तैनात विकास गुलिया और गैंगस्टर विकास लगरपुरिया के साथ मिलकर इस हाई प्रोफाइल चोरी की साजिश रची थी। दोनों आरोपी डॉक्टर लंबे समय तक जेल में भी रहे, हालांकि अब दोनों ही जमानत पर जेल से बाहर हैं।
यह था चोरी का पूरा मामला
अल्फा जी कॉर्प मैनेजमेंट सर्विस प्राइवेट लिमिटेड कंपनी ने 20 अगस्त 2021 को खेड़की दौला थाने में चोरी की वारदात दर्ज करवाई थी। हालांकि कंपनी ने शुरुआत में पुलिस को चोरी की गई रकम के बारे में सही जानकारी नहीं दी। कंपनी द्वारा बताया गया था कि 50 लाख रुपये की चोरी हुई, लेकिन जांच के दौरान 30 करोड़ा रुपये चोरी का खुलासा हुआ। जांच के दौरान एसटीएफ ने दिल्ली पुलिस की स्पेशल सेल में तैनात सब इंस्पेक्टर विकास गुलिया, नीटू और संदीप से पूछताछ की तो मामला परत दर परत खुलता चला गया।
कैसे हुआ पूरे मामले का खुलासा...
पूछताछ में आरोपियों ने बताया कि डॉक्टर जे पी सिंह को इन पैसों के बारे में पूरी जानकारी थी। उन्होंने डॉक्टर सचिंदर नवल को इस बड़ी रकम की जानकारी दी। इसके बाद सचिंदर जैन ने इसकी जानकारी गैंगस्टर विकास लगरपुरिया को दी और करोड़ों रुपए की चोरी की घटना में अहम भूमिका निभाई। इस मामले में अभी तक कुल 16 लोगों की गिरफ्तारी हो चुकी है। वहीं गुरुग्राम में डीसीपी रहे आईपीएस धीरज सेतिया का नाम भी इस चोरी को छिपाने में सामने आया।
