शहर

Greater Noida: जहानाबाद कादलपुर के दो मकानों में चल रहा था ड्रग्स लैब, 45 करोड़ का एम्फेटामाइन बरामद, दो गिरफ्तार

Greater Noida: एनसीबी ने ग्रेटर नोएडा के दनकौर क्षेत्र में जहानाबाद कादलपुर गांव में दो मकानों में चल रही अवैध ड्रग्स लैब का भंडाफोड़ किया है। 45 करोड़ की एम्फेटामाइन बरामद कर दो आरोपियों को गिरफ्तार किया गया है।

Image

दो अवैध लैब का भंडाफोड़

Greater Noida: नारकोटिक्स कंट्रोल ब्यूरो (NCB) ने गौतम बुद्ध नगर जिले के दनकौर क्षेत्र के अंतर्गत जहानाबाद कादलपुर एक बेहद आंतरिक (इंटीरियर) गांव में बड़ी कार्रवाई करते हुए सिंथेटिक ड्रग्स बनाने वाली दो अवैध लैब का पर्दाफाश किया है। एनसीबी ने मौके से 379.740 किलो एम्फेटामाइन युक्त पदार्थ और 10 किलो स्यूडोएफेड्रिन बरामद किया है। अंतरराष्ट्रीय अवैध बाजार में इसकी अनुमानित कीमत करीब 45 करोड़ रुपये आंकी गई है।

दो अलग-अलग मकानों में चल रहा था अवैध कारोबार

जांच एजेंसी के मुताबिक, इस सिंडिकेट ने ड्रग्स बनाने के लिए दो अलग-अलग किराए के मकानों का इस्तेमाल कर रखा था। पहले मकान में ड्रग्स बनाने के लिए कच्चा माल और भारी मात्रा में रॉ मैटेरियल डम्प करके रखे गए थे। दूसरे मकान में एडवांस लैब सेटअप तैयार किया गया था, जहां कच्चे माल की प्रोसेसिंग कर ड्रग्स की फाइनल फॉर्म तैयार की जाती थी। एनसीबी की टीम ने दोनों मकानों से डिटेल्ड वॉकथ्रू विजुअल्स और वैज्ञानिक साक्ष्य जुटाने के बाद दोनों परिसरों को सील कर दिया है।

भारी मात्रा में केमिकल और लैब उपकरण बरामद

एनसीबी द्वारा दी गई जानकारी के अनुसार, इस रेड में कुल 379.740 किलो एम्फेटामाइन युक्त पदार्थ हाथ लगा है, जिसमें 4.260 किलो क्रिस्टलीय पदार्थ, 157.700 किलो अर्ध-क्रिस्टलीय पदार्थ और 217.780 किलो तरल पदार्थ शामिल है। इसके अलावा 10 किलो स्यूडोएफेड्रिन भी मिला है। इन पदार्थों से लगभग 56 किलो तैयार क्रिस्टलीय एम्फेटामाइन बनाई जा सकती थी। लैब से हाइड्रोक्लोरिक एसिड, एसीटोन, टोल्यून, सल्फ्यूरिक एसिड और पोटैशियम परमैंगनेट जैसे खतरनाक केमिकल्स के साथ-साथ बड़े आकार के हीटिंग उपकरण, कांच के रिएक्शन वेसल, ड्रम, फिल्टर और वजन मापने की मशीनें बरामद हुई हैं।

मामले में दो गिरफ्तार

इस मामले में एनसीबी ने दो संदिग्धों को गिरफ्तार किया है। गिरफ्तार आरोपियों की पहचान डेस्टिनी अब्राहम डुमबिरी और लल्लावमजुआली उर्फ ओलिविया लालचविमावी के रूप में हुई है। ओलिविया मिजोरम की रहने वाली है, जबकि डुमबिरी ने खुद को नाइजीरियाई नागरिक बताया है। हालांकि, इमिग्रेशन रिकॉर्ड की छानबीन में खुलासा हुआ कि वह जनवरी 2020 में फ्रांसिस कलोकोह नाम से वैध टूरिस्ट वीजा पर भारत आया था और मूल रूप से सिएरा लियोन का नागरिक है। चौंकाने वाली बात यह है कि ओलिविया मार्च 2026 में गोवा के डाबोलिम एयरपोर्ट पर DRI द्वारा हेरोइन पाउडर (313 ग्राम) के मामले में पकड़ी जा चुकी है और फिलहाल जमानत पर बाहर थी। एनसीबी अब यह पता लगाने में जुटी है कि इस अवैध नेटवर्क को फाइनेंस कौन कर रहा था, केमिकल कहां से मंगाए जा रहे थे और तैयार माल की सप्लाई किन-किन राज्यों या देशों में की जानी थी।

Abhishek Raj
अभिषेक राजauthor

मैं अभिषेक राज वर्तमान में टाइम्स नाउ नवभारत में सीनियर रिपोर्टर के पद पर कार्यरत हूँ, मैं टाइम्स नाउ नवभारत के लिए national crime इंवेस्टिगेशन और स्पेशल स्टोरी का काम देखता हूं। इससे पहले मैं ZEE न्यूज़ में crime और इन्वेस्टीगेशन विभाग में रिपोर्टर के पद पर तैनात था. मैंने ऑपरेशन मुख्यमंत्री, ऑपरेशन धर्ममंत्रण के स्लीपर सेल, ऑपरेशन किसान आंदोलन जीवी, श्रद्धा मर्डर केस, तुनिषा शर्मा आत्महत्या केस, हिमाचल बाढ़ त्रासदी, एल्विश यादव केस आदि जैसी कई स्टोरीज़ की हैं।

और पढ़ें
End of Article