गोरखपुर : गुलरिहा क्षेत्र के जंगल अयोध्या प्रसाद गांव में बुधवार शाम दुर्गा प्रतिमा विसर्जन के लिए निकला जुलूस बड़े हादसे का शिकार हो गया। डीजे के ऊपर लगी लोहे की रेलिंग हाईटेंशन तार से छू गई। करंट फैलते ही वहां मौजूद लोगों में भगदड़ जैसी स्थिति बन गई। हादसे में दो सगे भाइयों समेत तीन युवकों की जान चली गई, जबकि चार महिलाओं सहित आठ लोग गंभीर रूप से झुलस गए। यह घटना गांव के चौहान टोला से प्रतिमा लेकर निकले जुलूस के दौरान हुई। ग्रामीण प्रतिमा विसर्जित करने के लिए कोलुहा घाट जा रहे थे। शाम करीब 4:30 बजे जुलूस रजही चौराहे पर रामानंद के दरवाजे के पास पहुंचा था। तभी डीजे के ऊपर बनी लोहे की रेलिंग ऊपर से गुजर रहे हाईटेंशन तार के संपर्क में आ गई। हादसे में सपा प्रमुख अखिलेश यादव ने शोक व्यक्त किया है।
चंदन, विक्की और लकी समेत 11 लोग करंट की चपेट में आ गए। आसपास मौजूद लोगों ने किसी तरह घायलों को संभाला और उन्हें बीआरडी मेडिकल कॉलेज पहुंचाया। वहां तीन युवकों की मौत हो गई। हादसे के बाद गांव में मातम पसरा है। मृतकों के परिवारों का रो-रोकर बुरा हाल है। दूसरी ओर, घटना से नाराज ग्रामीणों ने बिजली विभाग पर लापरवाही का आरोप लगाते हुए बीआरडी मेडिकल कॉलेज के सामने गोरखपुर-महराजगंज फोरलेन पर जाम लगा दिया।
अखिलेश यादव ने लगाए आरोप
अखिलेश यादव ने हादसे पर शोक व्यक्त करते हुए कहा कि यह अत्यंत दुखद समाचार है कि दुर्गा प्रतिमा विसर्जन के दौरान करंट लगने से 3 बच्चों की मृत्यु हो गई और कई लोग घायल हो गए। मृतकों को विनम्र श्रद्धांजलि एवं शोकाकुल परिजनों के प्रति हमारी गहरी संवेदनाएं। प्रशासन से अपील है कि घायलों के लिए तत्काल राहत एवं समुचित उपचार की व्यवस्था की जाए। साथ ही करंट लगने के कारणों और दुर्घटना स्थल पर सुरक्षा व चेतावनी व्यवस्था में हुई लापरवाही की निष्पक्ष जांच हो। प्रशासनिक लापरवाही के कारण किसी की जान जाना, प्रशासन की सबसे बड़ी विफलता है।
देवरिया में भी हादसा
उधर, देवरिया जिले में एक दर्दनाक घटना सामने आई है। भटनी थाना क्षेत्र के नोनापार गांव में मंगलवार-बुधवार की मध्य रात्रि को एक झोपड़ी में आग लगने से तीन लोगों की दर्दनाक मौत हो गई। मृतकों में एक 3 साल की मासूम बच्ची भी शामिल है। वहीं, इस हादसे में गंभीर रूप से घायल एक महिला को बेहतर इलाज के लिए रेफर किया गया है। घटना के बाद गांव में मातम पसरा हुआ है।
