गाजियाबाद

Ghaziabad: फ्लैट का छज्जा गिरने से मामा-भांजे की मौत, जर्जर हालत में था मकान; लोगों ने GDA पर लगाया लापरवाही का आरोप

गाजियाबाद की एक सोसायटी में फ्लैट का छज्जा गिरने से मामा-भांजे की दर्दनाक मौत हो गई। बताया जा रहा है कि यह सोसायटी जर्जर हालत में है, लेकिन फिर भी लोग यहां रहने को मजबूर है। स्थानीय लोगों ने जीडीए पर लापरवाही का आरोप लगाया है। फिलहाल पुलिस द्वारा मामले की जांच की जा रही है।

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फ्लैट का झज्जा गिरा

Ghaziabad Accident: गाजियाबाद में थाना क्षेत्र टीला मोड की एक सोसायटी दर्दनाक हादसा हो गया। जहां फ्लैट का छज्जा गिरने से दो लोगों की मौत हो गई। यह हादसा जीडीए की आवासीय योजना तुलसी निकेतन कॉलोनी में हुआ। स्थानीय लोगों का आरोप है कि जीडीए की लापरवाही के कारण यह हादसा हुआ। पुलिस इस मामले में जांच कर रही है।

जर्जर हालात में थी सोसायटी

पुलिस ने बताया कि थाना टीला मोड क्षेत्र में चौकी तुलसी निकेतन में पुराने जर्जर मकान जनता आवास में पहली मंजिल का छज्जा गिरने से नीचे खड़े मामा-भांजे की मौत हो गई। मृतकों में 25 वर्षीय युवक और एक 5 साल का बच्चा लड्डू शामिल हैं। ये दोनों नीचे बनी दुकान पर समान खरीदने के लिए आते थे, इसी दौरान ऊपर से बालकनी का छज्जा गिर गया। यह मकान सबना नाम की महिला का है। बताया जा रहा है कि यह आवासीय योजना जर्जर हालत में पहुंच गई है। लेकिन फिर भी लोग यहां रहने के लिए मजबूर हैं। जीडीए ने इन्हें कई बार नोटिस भी दी है कि यहां फ्लैट रहने लायक नहीं है। लेकिन लोगों की मजबूरी है कि यहां लंबे समय तक रहने के बाद वे जाएं तो जाएं कहां।

लोगों का आरोप- GDA ने नहीं कराई मरम्मत

जीडीए ने करीब 35 साल पहले यहां फ्लैट बनाए थे। ये अपार्टमेंट्स अल्प आय वर्ग के लोगों को आवंटित हुए थे। लोगों का आरोप है कि जीडीए ने कभी भी इन फ्लैट्स का मेंटिनेंस नहीं कराया। जिस के कारण ये समय से पहले ही जर्जर हो गए। लोगों का कहना है कि यहां हर साल कोई न कोई हादसा होता है। फिलहाल पुलिस इस हादसे की जांच-पड़ताल कर रही है।

Pooja Kumari
पूजा कुमारीauthor

पूजा टाइम्स नाउ नवभारत डिजिटल की सिटी डेस्क पर कार्यरत हैं। जर्नलिज़्म में पीजी डिप्लोमा कर चुकी पूजा को टीवी मीडिया में भी काम करने का अनुभव है। शहरी मुद्दों की गहरी समझ के कारण पूजा लोकल न्यूज, मेट्रो व रेल अपडेट्स, रोड और इंफ्रास्ट्रक्चर, लोकल डेवलपमेंट, मौसम, क्राइम, स्थानीय राजनीति और सामाजिक मुद्दों पर मजबूत पकड़ रखती हैं। शहरों की नब्ज पहचानने और स्थानीय संवेदनशीलताओं को खबरों में प्रभावी ढंग से पिरोने की क्षमता उनकी राइटिंग स्किल को विशेष बनाती है। पूजा अब तक 3,000 से अधिक न्यूज रिपोर्ट्स लिख चुकी हैं, जिनमें कई महत्वपूर्ण लोकल अपडेट्स, विश्लेषणात्मक स्टोरीज और रिपोर्ताज शामिल हैं।

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