डिजिटल अरेस्ट के नाम पर गोवा की एक महिला से करीब 2.6 करोड़ रुपये की साइबर ठगी के मामले में प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) ने मुकेश कुमार पुखराज जैन उर्फ मुकेश भाई को गिरफ्तार किया है। ईडी ने उसे 16 अक्टूबर को गिरफ्तार किया था। गोवा की विशेष पीएमएलए अदालत ने उसे 19 अक्टूबर तक ईडी की हिरासत में भेजा था। इस मामले में यह छठी गिरफ्तारी है।
गोवा की महिला से ठगी मामले में ED की कार्रवाई (File image)
ईडी की जांच गोवा के उत्तरी जिले के साइबर क्राइम थाने में दर्ज एफआईआर के आधार पर शुरू हुई थी। जांच में सामने आया कि ठगों ने महिला को वीडियो कॉल पर रखा और उसे विश्वास दिलाया कि वह एक आपराधिक मामले की जांच के दायरे में है। इसके बाद उसे डराकर करीब 2.6 करोड़ रुपये ऐसे बैंक खातों में जमा करवाए गए, जिन्हें कथित तौर पर 'सीक्रेट सुपरविजन अकाउंट' बताया गया था।
300 से ज्यादा शिकायतों में सामने आए खाते
ईडी की जांच में पता चला कि ठगी से मिले पैसे को कई कंपनियों के नेटवर्क के जरिए इधर-उधर किया जाता था। इन कंपनियों का इस्तेमाल बैंक खातों में रकम मंगाने, उसे नकदी में बदलने और फिर विदेशी मुद्रा में बदलने के लिए किया जाता था।
जांच एजेंसी के मुताबिक, इस नेटवर्क से जुड़े बैंक खाते 20 से ज्यादा राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों में दर्ज 160 से अधिक एफआईआर और 300 से ज्यादा पीड़ितों की शिकायतों में सामने आए हैं। इन मामलों में करीब 417 करोड़ रुपये के नुकसान की जानकारी मिली है।
कमीशन लेकर खातों में रकम भेजने का काम
ईडी के अनुसार, मुकेश कुमार पुखराज जैन इस नेटवर्क के लिए आरटीजीएस एजेंट के तौर पर काम करता था। वह बिचौलियों के जरिए नेटवर्क से जुड़े बैंक खातों में रकम ट्रांसफर करवाने की व्यवस्था करता था। इसके बदले उसे नेटवर्क चलाने वाले लोगों से नकदी मिलती थी और वह अपना कमीशन रख लेता था।
ईडी के मुताबिक, पीएमएलए के तहत दर्ज बयानों में जैन ने माना कि उसे पता था कि इस नेटवर्क के जरिए भेजी जा रही रकम साइबर ठगी से जुड़ी है। इसमें डिजिटल अरेस्ट के नाम पर की जाने वाली ठगी भी शामिल थी।
छापेमारी के बाद सबूत मिटाने का आरोप
ईडी का आरोप है कि जांच के दौरान छापेमारी होने के बाद जैन ने इस काम से जुड़े रिकॉर्ड और उन मोबाइल फोन को नष्ट कर दिया, जिनमें अहम सबूत मौजूद थे। एजेंसी के मुताबिक, वह बयान दर्ज कराने के लिए तय तारीख पर भी पेश नहीं हुआ और बाद में पूछताछ के दौरान टालमटोल वाले जवाब देता रहा। ईडी मामले में पैसों के लेन-देन और इस नेटवर्क से जुड़े अन्य लोगों की भूमिका की जांच कर रही है।
