Delhi News: दिल्ली में आग की बढ़ती घटनाओं को रोकने और सरकारी इमारतों की सुरक्षा मजबूत करने के लिए लोक निर्माण विभाग (PWD) ने बड़ा फैसला लिया है। विभाग ने राजधानी में अपने अधीन आने वाली सभी इमारतों का फायर सेफ्टी ऑडिट कराने के निर्देश जारी किया है। अधिकारियों के मुताबिक यह ऑडिट अगले महीने के अंत तक पूरा करना होगा।
दिल्ली के PWD इमारतों का होगा फायर सेफ्टी ऑडिट
हर साल जारी होगा फायर सेफ्टी सर्टिफिकेट
PWD द्वारा जारी में पूर्वी, उत्तरी और दक्षिणी जोन के सभी अधिशासी अभियंताओं (Executive Engineers) को निर्देश दिया गया है कि वे अपने क्षेत्र में आने वाली हर भवन का फायर ऑडिट कराएं। साथ ही अब हर साल 25 जून तक फायर सेफ्टी प्रमाणपत्र (Fire Safety Certificate) जारी करना भी अनिवार्य होगा।
विभाग ने साफ कहा है कि अगर किसी भवन में फायर सेफ्टी से जुड़ी कोई कमी या खामी मिलती है तो उसे रखरखाव कार्यों के तहत तुरंत ठीक किया जाए। इसके अलावा सभी भवनों में नेशनल बिल्डिंग कोड (NBC) के सुरक्षा मानदंडों का पूरी तरह पालन सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए हैं। यह कदम ऐसे समय में उठाया गया है जब दिल्ली सरकार ने हाल ही में दिल्ली फायर सर्विस नियमों में बदलाव किया है। नए नियमों के अनुसार अब भवनों का थर्ड पार्टी फायर ऑडिट कराना अनिवार्य कर दिया गया है। ऑडिट के बाद ही फायर सेफ्टी प्रमाणपत्र जारी किया जाएगा।
PWD के तहत कौन-सी इमारतें आती हैं?
दिल्ली सरकार का लोक निर्माण विभाग (PWD) सरकारी भवनों और सार्वजनिक संपत्तियों के निर्माण और रखरखाव के लिए नोडल एजेंसी है। पीडब्ल्यूडी 150 से ज्यादा प्रमुख सावर्जनिक इमारतों और करीब 6,500 सरकारी आवासों की देखरेख करता है। इसके तहत 42 से अधिक बड़े अस्पताल, जिला अदालतें, पुलिस स्टेशन, तकनीकी संस्थान, जेल, दिल्ली सचिवालय, विधानसभा भवन और मंत्रियों, अधिकारियों और न्यायाधीशों के सरकारी आवास शामिल हैं। इन सभी इमारतों की मरम्मत, रखरखाव और अन्य जरूरी व्यवस्थाओं की जिम्मेदारी पीडब्ल्यूडी की होती है।
