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दिल्ली पुलिस की बड़ी कार्रवाई; रनहोला में LPG जमाखोरी का खुलासा, छापेमारी में 459 सिलेंडर जब्त

बाहरी दिल्ली के रनहोला इलाके में एलपीजी सिलेंडरों की कथित जमाखोरी और कालाबाजारी के मामले में पुलिस ने बड़ी कार्रवाई की है। खुफिया सूचना के आधार पर गैस एजेंसी पर छापेमारी कर सैकड़ों खाली सिलेंडर बरामद किए गए। आरोपी संचालक के खिलाफ आवश्यक वस्तु अधिनियम समेत संबंधित धाराओं में केस दर्ज कर जांच आगे बढ़ाई जा रही है।

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दिल्ली में एलपीजी जमाखोरी के आरोप में गैस एजेंसी मालिक पर मामला दर्ज (सांकेतिक फोटो)

LPG Cylinder Hoarding Delhi: बाहरी दिल्ली के रनहोला क्षेत्र में एलपीजी सिलेंडरों की जमाखोरी और कालाबाजारी के आरोप में दिल्ली पुलिस ने एक गैस एजेंसी संचालक के खिलाफ केस दर्ज किया है। गुरुवार को पुलिस ने जानकारी देते हुए बताया कि छापेमारी के दौरान मौके से कुल 459 सिलेंडर बरामद किए गए। पुलिस के अनुसार, आरोपी की पहचान एचपी बालाजी गैस एजेंसी के मालिक सुशील कुमार सिंघल के रूप में हुई है। जांच में सामने आया कि वह व्यावसायिक एलपीजी सिलेंडरों के अवैध भंडारण और उनके गलत इस्तेमाल में कथित रूप से शामिल था।

खुफिया जानकारी मिलने के बाद हुई कार्रवाई

पुलिस ने बताया कि एलपीजी की संभावित कमी को लेकर जताई जा रही आशंकाओं के बीच बड़े स्तर पर जमाखोरी की पुख्ता खुफिया सूचना मिलने के बाद यह कार्रवाई की गई। एक वरिष्ठ अधिकारी के अनुसार, रनहोला के निलोठी रोड स्थित गैस एजेंसी पर छापा मारकर कुल 459 खाली एलपीजी सिलेंडर बरामद किए गए, जो इंडेन और भारत पेट्रोलियम कंपनियों के थे।

केस दर्ज कर आगे की जांच जारी

जब्त किए गए सिलेंडरों में 284 इंडेन गैस के और 175 भारत पेट्रोलियम के सिलेंडर शामिल हैं। पुलिस ने बताया कि कार्रवाई के दौरान मौके पर एक खाद्य आपूर्ति अधिकारी को भी बुलाया गया था। इस मामले में आवश्यक वस्तु अधिनियम और भारतीय न्याय संहिता की संबंधित धाराओं के तहत केस दर्ज कर आगे की जांच की जा रही है।

सरकार ने कही ये बात

वहीं, सरकार ने गुरुवार को स्पष्ट किया कि देश में करीब 60 दिनों के लिए पर्याप्त कच्चे तेल का भंडार मौजूद है और एलपीजी की एक महीने की आपूर्ति की व्यवस्था सुनिश्चित कर ली गई है। साथ ही, पेट्रोल, डीजल या एलपीजी की किसी तरह की कमी से इनकार करते हुए सरकार ने कमी से जुड़ी खबरों को जानबूझकर फैलाया गया भ्रामक अभियान बताया, जिसका उद्देश्य लोगों में डर पैदा कर अनावश्यक खरीदारी को बढ़ावा देना है।

पेट्रोल पंपों और एलपीजी वितरकों पर घबराहट में खरीदारी और लंबी कतारों की खबरों के बीच पेट्रोलियम एवं प्राकृतिक गैस मंत्रालय ने पश्चिम एशिया में युद्ध शुरू होने के बाद पहली बार ईंधन और गैस भंडार की स्थिति सार्वजनिक की। मंत्रालय का कहना है कि यह कदम लोगों की चिंताओं को दूर करने और स्थिति को स्पष्ट करने के लिए उठाया गया है।

सार्वजनिक क्षेत्र की तेल विपणन कंपनियों ने भी भरोसा दिलाया कि पेट्रोल, डीजल और एलपीजी की आपूर्ति पूरी तरह सामान्य और स्थिर है। मंत्रालय के अनुसार देशभर के पेट्रोल पंपों पर पर्याप्त स्टॉक उपलब्ध है, वे नियमित रूप से संचालित हो रहे हैं और ईंधन की किसी तरह की राशनिंग लागू नहीं की गई है।

(इनपुट - भाषा)

Nilesh DwivedI
निलेश द्विवेदीauthor

निलेश द्विवेदी टाइम्स नाउ नवभारत डिजिटल की सिटी टीम में काम कर रहे हैं। वे शहरों से जुड़ी लोकल घटनाएं, क्राइम, राजनीति, इंफ्रास्ट्रक्चर और राज्यवार अपडेट्स पर लगातार काम करते हैं। निलेश महत्वपूर्ण विवरणों को चुनने और पाठकों की रुचि के हिसाब से कंटेंट को प्रभावी तरीके से पेश करने के लिए जाने जाते हैं। डिजिटल न्यूजरूम के रफ्तार भरे माहौल में वे हर खबर को सटीक एंगल, आसान भाषा और उपयोगी जानकारी के साथ पेश करने पर फोकस करते हैं और अबतक 2,000 से अधिक खबरें लिख चुके हैं।

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