श्रीरामचरित मानस को राष्ट्रीय ग्रंथ घोषित करे सरकार, सनातन संस्कृति समागम में पीएम मोदी से अपील

  • Authored by: टाइम्स नाउ नवभारत डिजिटल
  • Updated Apr 10, 2023, 06:15 PM IST

स्वामी रामभद्राचार्य ने कहा, नेताओं ने जाति व्यवस्था बनाई। वेद में तो केवल वर्ण व्यवस्था की बात कही गई है। क्या हम कभी निषाद राज एवं शबरी के प्रेम को भूल सकते हैं ? भगवान श्रीराम ने जो सामाजिक समरसता का उदाहरण पेश किया, वह ब्रह्मांड में कहीं नहीं मिलता है।

Delhi news: केंद्रीय राज्यमंत्री अश्विनी चौबे के संयोजन में छतरपुर हनुमान मंदिर परिसर विश्वगुरु भारत धर्मयज्ञ सह सनातन संस्कृति समागम का आयोजन किया गया। इस सामगन के अंतिम दिन आयोजित धर्म संसद में कई संत व महात्मा उपस्थित हुए। इसमें पदम विभूषण स्वामी रामभद्राचार्य एवं अयोध्या से मणि राम छावनी के कमलनयन दास भी शामिल रहे।

Swami Rambhadracharya

सनातन संस्कृति समागम में उपस्थित स्वामी रामभद्राचार्य

स्वामी रामभद्राचार्य महाराज ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से अपील की कि श्रीरामचरित मानस को राष्ट्रीय ग्रंथ घोषित किया जाए। उन्होंने कहा, भारत सरकार 2024 लोकसभा चुनाव से पहले संसद में प्रस्ताव लाकर श्रीरामचरित मानस को राष्ट्रीय ग्रंथ घोषित करे।

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