Diwali 2025: सुप्रीम कोर्ट के ऑर्डर के बाद दिल्ली NCR में बढ़ सकता है 40% तक पटाखों का इस्तेमाल; लोकल सर्कल्स ने किया खुलासा

दिवाली 2025 के मौके पर दिल्ली-एनसीआर में आतिशबाजी करने वाले परिवारों की संख्या में पिछले साल की तुलना में लगभग 40 प्रतिशत बढ़ोतरी होने की संभावना है। इसका कारण सुप्रीम कोर्ट द्वारा ग्रीन पटाखों की बिक्री और उपयोग की अनुमति है। ‘लोकल सर्कल्स’ के अध्ययन के अनुसार, इससे पारंपरिक पटाखों का इस्तेमाल भी बढ़ सकता है।

Delhi NCR Diwali 2025: जल्द ही पूरा देश 20 नवंबर को दिवाली 2025 का महापर्व मनाएगा। इसी बीच, दिल्ली एनसीआर में दिवाली के मौके पर आतिशबाजी करने वाले परिवारों की संख्या में पिछले साल की तुलना में लगभग 40 प्रतिशत बढ़ोतरी होने की संभावना है, क्योंकि सुप्रीम कोर्ट ने यहां ग्रीन पटाखों की बिक्री और उपयोग की अनुमति दे दी है। ‘लोकल सर्कल्स’ द्वारा किए गए एक अध्ययन में यह जानकारी सामने आई है। शोध में यह भी संकेत दिया गया है कि इस निर्णय की वजह से पारंपरिक पटाखों का इस्तेमाल भी फिर से बढ़ सकता है। अध्ययन दिल्ली, गुरुग्राम, नोएडा, फरीदाबाद और गाजियाबाद के 38,000 से अधिक निवासियों पर आधारित था। इसके अनुसार, दिल्ली-एनसीआर के लगभग 34 प्रतिशत परिवार इस दिवाली आतिशबाजी करेंगे, जिनमें से आधे परिवार हरित पटाखों के साथ-साथ सामान्य पटाखों का भी इस्तेमाल कर सकते हैं।

Use of firecrackers may increase in Delhi NCR (Symbolic Photo: Canva)

दिल्ली NCR में बढ़ सकता है पटाखों का इस्तेमाल (प्रतीकात्मक फोटो: Canva)

15 अक्तूबर को हुआ था सुप्रीम कोर्ट का आदेश

अध्ययन में यह सामने आया कि सर्वेक्षण में शामिल लोगों में से 17 प्रतिशत केवल हरित पटाखों का उपयोग करेंगे, जबकि समान संख्या में लोग हरित और सामान्य दोनों प्रकार के पटाखों का उपयोग करने का इरादा रखते हैं। इससे यह संकेत मिलता है कि प्रतिबंधों के बावजूद गैर-हरित पटाखों की अवैध बिक्री और इस्तेमाल जारी रह सकता है। अध्ययन में यह भी कहा गया कि इस बढ़ोतरी का कारण सुप्रीम कोर्ट का 15 अक्टूबर का आदेश हो सकता है, जिसके तहत 18 से 20 अक्टूबर के बीच दिल्ली-एनसीआर में केवल वैज्ञानिक और औद्योगिक अनुसंधान परिषद (CSIR) और राष्ट्रीय पर्यावरण अभियांत्रिकी अनुसंधान संस्थान (NEERI) द्वारा प्रमाणित क्यूआर कोड वाले ग्रीन पटाखों की बिक्री और उपयोग की अनुमति दी गई है।

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