दिल्ली की मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने मानसून से पहले एक महत्वपूर्ण बैठक की, जिसमें जलभराव की बढ़ती चुनौतियों और नालों की सफाई की स्थिति की समीक्षा की गई। उन्होंने कहा कि पिछले वर्षों के अनुभवों से स्पष्ट है कि मानसून के दौरान जलभराव की समस्या गंभीर होती जा रही है, और शहर में नए हॉट स्पॉट उभर रहे हैं। मुख्यमंत्री ने इस बात पर जोर दिया कि यदि पूर्ववर्ती सरकारों ने समय रहते इस मुद्दे पर ध्यान दिया होता, तो आज स्थिति इतनी गंभीर न होती।
उन्होंने याद दिलाया कि दो साल पहले आई बाढ़ के समय सरकार की विफलता के कारण बैराज के गेट नहीं खोले जा सके थे। मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने भरोसा दिलाया कि उनकी सरकार इस मुद्दे पर सक्रिय रूप से कार्य कर रही है और नालों की सफाई का कार्य जारी है। उन्होंने बताया कि जलभराव रोकने के लिए बारिश के दौरान अतिरिक्त स्टाफ और पंपों की व्यवस्था की गई है। सरकार ने 15 जून तक नालों की सफाई पूरी करने का लक्ष्य निर्धारित किया है, जिसके तहत 77 बड़े नालों की सफाई की जिम्मेदारी सिंचाई एवं बाढ़ नियंत्रण विभाग को दी गई है।
विभाग के अनुसार, कार्य का 90 प्रतिशत हिस्सा पूरा हो चुका है। नियंत्रण कक्ष नालों और यमुना नदी के जलस्तर की लगातार 24 घंटे निगरानी कर रहा है। 15 जून से विभिन्न विभागों के अधिकारी समन्वय स्थापित करेंगे, जिससे किसी भी प्रकार की चूक न हो। सरकार ने नालों की सफाई की जानकारी का प्रतिदिन अपडेट देने का निर्देश दिया है और रियल-टाइम मॉनिटरिंग प्लेटफॉर्म को सक्रिय कर दिया गया है।
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