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पॉल्यूशन का सॉल्यूशन ढूंढने का प्रयास, DMRC ने बनाया खास प्लान, वीकडेज पर चलाएगा 20 एक्स्ट्रा मेट्रो

दिल्ली में खराब होते वायु गुणवत्ता के बीच ग्रेडेड रिस्पॉन्स एक्शन प्लान (ग्रैप) चरण-1 लागू कर दिया गया है। इसके बाद डीएमआरसी ने गुरुवार से सप्ताह के कार्यदिवसों में 20 अतिरिक्त मेट्रो फेरे (ट्रिप) चलाने की घोषणा की है।

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दिल्ली मेट्रो - Istock

दिल्ली-एनसीआर में मौसमी गतिविधियां थमते ही पॉल्यूशन का मीटर ऊपर की ओर चढ़ना शुरू हो गया है। जहरीली होती आबोहवा के बीच ग्रैप रिस्पॉंस सिस्टम एक्टिव किए जा रहे हैं। एक्यूआई 250 के करीब पहुंचते ही ग्रैप का पहला चरण लागू कर दिया गया है। इसके अतिरिक्त प्रदूषण के कारकों से निपटने के लिए व्यापक तैयारियां की जा रही हैं। सार्वजनिक वाहनों के प्रयोग पर जोर दिया जा रहा है। इस बीच दिल्ली मेट्रो रेल निगम (डीएमआरसी) ने गुरुवार से कार्यदिवसों पर ट्रेन के 20 अतिरिक्त फेरे संचालित करेगा तथा निर्माण स्थलों एवं उनके आसपास के इलाकों में प्रदूषण-रोधी अभियान तेज करेगा।

सार्वजनिक परिवहन का इस्तेमाल की अपील

डीएमआरसी ने बुधवार को एक बयान में कहा कि बृहस्पतिवार से ट्रेन के अतिरिक्त फेरे के संचालन का मकसद अधिकाधिक लोगों को निजी वाहनों के बजाय सार्वजनिक परिवहन का इस्तेमाल करने के लिए प्रोत्साहित करना है। बयान के अनुसार निगम निर्माण स्थलों पर धूल के स्तर को कम करने, आस-पास की सड़कों से धूल हटाने, और फुटपाथों तथा सड़क के बीच के हिस्सों (मीडियन) से कचरा साफ करने के लिए कदम उठाएगा।

बयान के मुताबिक डीएमआरसी अभियंता निर्माण स्थलों और आस-पास की सड़कों का बारीकी से निरीक्षण करेंगे, ताकि यह सुनिश्चित हो सके कि निर्माण सामग्री को ठीक से ढका गया है और बाहर जाने वाले वाहनों के लिए ’व्हील-वॉश’ की सुविधा काम कर रही है। निगम ने कहा कि ये अभियान उन प्रदूषण-नियंत्रण उपायों के अतिरिक्त चलाए जाएंगे, जो पहले से ही धरातल पर लागू हैं।

मेट्रो निर्माण कार्य को सुगम बनाने के लिए, शहर की लगभग 31 किलोमीटर सड़कें फिलहाल डीएमआरसी के अस्थायी अधिकार क्षेत्र में हैं। इनमें से अधिकांश सड़कों की मरम्मत पहले ही की जा चुकी है, ताकि यह सुनिश्चित हो सके कि इनसे शहर में और अधिक प्रदूषण न फैले। डीएमआरसी ने बताया कि धूल के स्तर को कम करने के लिए निर्माण स्थलों, स्टेशनों और कार्यालय भवनों में 250 से अधिक ’एंटी-स्मॉग गन’ और ’मिस्ट गन’ लगाई गई हैं। बुधवार को दिल्ली-एनसीआर में वायु गुणवत्ता प्रबंधन आयोग ने ग्रैप के पहले चरण को लागू कर दिया। ऐसा तब किया गया जब राजधानी की वायु गुणवत्ता गिरकर ’खराब’ श्रेणी में आ गई और इसका स्तर 246 दर्ज किया गया।

Pushpendra kumar
पुष्पेंद्र कुमारauthor

पुष्पेंद्र कुमार टाइम्स नाउ नवभारत डिजिटल में चीफ कॉपी एडिटर के रूप में सिटी डेस्क पर कार्यरत हैं। जर्नलिज्म में मास्टर्स डिग्री हासिल करने के बाद से वे पिछले 7 वर्षों से सक्रिय पत्रकारिता में जुड़े हैं। इस दौरान उन्होंने 10,000 से अधिक खबरें लिखी हैं। पुष्पेंद्र हाइपर-लोकल मुद्दों, रेलवे, रोड, इंफ्रास्ट्रक्चर, डेवलपमेंट, कृषि और मौसम से जुड़ी खबरों पर गहरी पकड़ रखते हैं। शहर से लेकर गांव-देहात तक की संवेदनशीलताओं को समझते हुए वे लोकल खबरों को ऐसा रूप देते हैं जो न केवल तथ्यपूर्ण होता है, बल्कि पाठकों से भावनात्मक रूप से भी जुड़ता है।

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