दिल्ली की मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने मजदूर दिवस (Labour Day) के अवसर पर मजदूरों के लिए कई कल्याणकारी योजनाओं का ऐलान किया है। मजदूरों को अब लेबर चौक पर मोबाइल हेल्थ वैन के जरिए इलाज की सुविधा मिलेगी। साथ ही मजदूरों की बेटियों की शादी के लिए सरकार आर्थिक मदद देगी और हर साल दो सामूहिक विवाह भी आयोजित किए जाएंगे।
मजदूरों के लिए दिल्ली सरकार का बड़ा ऐलान
बेटियों की शादी का खर्च उठाएगी सरकार
अंतर्राष्ट्रीय मजदूर दिवस पर धीरपुर में संत निरंकारी अस्पताल के निर्माण स्थल पर निर्माण कार्य में लगे मजदूरों के साथ सीएम रेखा गुप्ता ने बातचीत की। इस दौरान उन्होंने कहा कि सरकार प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के विजन के अनुरूप मजदूरों के कल्याण के लिए प्रतिबद्ध है। उन्होंने बताया कि सरकार लेबर चौकों और निर्माण स्थलों पर मजदूरों को स्वास्थ्य सेवाएं देने के लिए विशेष मोबाइल वैन तैयार कर रही है। इन वैन के माध्यम से मजदूरों को बिना परेशानी के मेडिकल जांच और इलाज की सुविधा मिल सकेगी। इसके अलावा सरकार मजदूरों की बेटियों के लिए सामूहिक विवाह का आयोजन भी करेगी। हर साल दो बार ऐसे विवाह समारोह आयोजित किए जाएंगे, जिससे गरीब परिवारों पर शादी का आर्थिक बोझ कम हो सके। साथ ही बेटियों के विवाह के लिए मजदूरों को सीधे आर्थिक सहायता भी दी जाएगी।
गर्भवती महिला मजदूरों को मिलेगी सम्मान राशि
मुख्यमंत्री ने यह भी कहा कि सरकार मजदूरों के बच्चों की पढ़ाई और शादियों के लिए आर्थिक सहायता भी देना चाहती है। उन्होंने मजदूरों से अपील की कि वे दिल्ली भवन और अन्य निर्माण श्रमिक कल्याण बोर्ड के पोर्टल पर अपना रजिस्ट्रेशन जरूर कराएं, ताकि वे विभिन्न सरकारी योजनाओं का लाभ उठा सकें। मजदूरों का पंजीकरण करने के लिए श्रम विभाग की ओर से लेबर चौराहों पर विशेष कैंप भी लगाए जाएंगे। इसके अलावा, गर्भवती महिला मजदूरों को भी जल्द ही आर्थिक सहायता देने की योजना है।
पंजीकरण पोर्टल फिर से हुआ चालू
श्रम मंत्री कपिल मिश्रा ने कहा कि मजदूरों के पंजीकरण के लिए पोर्टल कई सालों से बंद पड़ा था, जिसे अब बहाल कर दिया गया है। उन्होंने कहा कि पहले श्रम कल्याण बोर्ड की योजनाओं के बारे में कोई नहीं जानता था, लेकिन मुख्यमंत्री गुप्ता के मार्गदर्शन में विभिन्न कल्याणकारी पहल शुरू की गई हैं। उन्होंने यह भी बताया कि जब प्रदूषण के कारण निर्माण कार्य पर प्रतिबंध लगा था, तब सरकार ने पंजीकृत मजदूरों को 10,000 रुपये की सहायता दी थी।
