दिल्ली और मेरठ के बीच देश की पहली रीजनल रैपिड ट्रांजिट सिस्टम (RRTS) यानी नमो भारत ट्रेन चलाई जा रही है। फिलहाल यह गाजियाबाद में साहिबाबाद से मेरठ के बीच चल रही है, लेकिन जल्द ही इसका विस्तार दिल्ली तक भी हो जाएगा। नमो भारत को एक साल पूरा हो गया है। इस अवसर पर सोमवार 21 अक्टूबर को केंद्रीय आवास और शहरी विकास मंत्री मनोहर लाल खट्टर ने RRTS की सवारी की। इसके साथ ही उन्होंने दिल्ली-पानीपत और दिल्ली से शाहजहांपुर-नीमराना-बेहरोर और अलवर RRTS को लेकर भी बड़ा अपडेट दिया।
पानीपत तक भी चलेगी नमो भारत ट्रेन
केंद्रीय मंत्री ने बताया कि दिल्ली-पानीपत और दिल्ली से शाहजहांपुर-नीमराना-बेहरोर और अलवर RRTS रूट पर अगले साल काम शुरू हो जाएगा। केंद्रीय आवास और शहरी विकास मंत्री ने दिल्ली-गाजियाबाद मेरठ RRTS कॉरिडोर के प्रमुख स्टेशनों का दौरा किया और नमो भारत ट्रेन का सफर भी किया। मनोहर लाल खट्टर ने आनंद विहार RRTS स्टेशन से अपनी यात्रा की शुरुआत की। यहां पर अधिकारियों ने उन्हें आनंद विहार स्टेशन के युनीक डिजाइन के बारे में जानकारी दी। अधिकारियों ने उन्हें रैपिड रेल ट्रांजिट सिस्टम नेटवर्क में इसके महत्व के बारे में भी बताया।
बता दें कि पिछले एक साल में नमो भारत में 40 लाख से ज्यादा यात्रियों ने सफर किया है। मनोहर लाल खट्टर को बताया गया कि आनंद विहार स्टेशन क्यों बहुत महत्वपूर्ण है। यह स्टेशन ग्राउंड से सिर्फ एक लेवल नीचे है, जिससे यहां तक पहुंचना आसान हो जाएगा और अलग-अलग यातायात साधनों तक पहुंच आसान हो जाएगी। मंत्री को बताया गया कि कैसे आनंद विहार को एक महत्वपूर्ण कम्यूटर हब के तौर पर विकसित किया जा रहा है।
आनंद विहार में दो मेट्रो लाइन एक जगह पर आकर जुड़ती हैं। यहां पर भारतीय रेलवे नेटवर्क का एक बड़ा स्टेशन और दिल्ली व कौशांबी की तरफ दो बस टर्मिनल भी है। आनंद विहार RRTS स्टेशन इस क्षेत्र का सबसे व्यस्त ट्रांजिट हब बनने जा रहा है। RRTS का इस्तेमाल करके यात्री 50 से 100 किमी का सफर आसानी से कर पाएं, इसकी पूरी तैयारी की जा रही है। दिल्ली में सराय काले खां से मेरठ तक पहले RRTS प्रोजेक्ट का काम अभी चल ही रहा है। हालांकि, इस रूट के एक बड़े हिस्से पर नमो भारत पिछले 1 साल से चल रही है।
मंत्री ने इस दौरान कहा कि आनंद विहार तक RRTS इसी साल दिसंबर में चालू होने की उम्मीद है और अगले साल यह सराए काले खां तक पहुंच जाएगी। इसी दौरान उन्होंने RRTS के पानीपत और राजस्थान बॉर्डर तक दो नए प्रोजेक्ट की भी बात की। उन्होंने कहा हमें अगले एक महीने में कुछ फॉर्मेलिटीज पूरी करनी हैं। इसके बाद इन दोनों रूट के लिए टेंडर प्रक्रिया शुरू हो जाएगी और अगले साल इन पर काम भी चालू हो जाएगा।
