Varanasi News: वाराणसी पिछले करीब एक सप्ताह से बाढ़ की गंभीर स्थिति का सामना कर रही है। गंगा नदी का जलस्तर लगातार बढ़ने से जहां तटीय इलाकों में संकट गहराया हुआ है, वहीं वरुणा नदी में पलट प्रवाह के कारण शहर की करीब दो दर्जन रिहायशी कॉलोनियां भी जलमग्न हो गई हैं। बाढ़ के चलते हजारों लोग प्रभावित हुए हैं और जनजीवन बुरी तरह प्रभावित हुआ है।
बाढ़ प्रभावित इलाकों का सीएम योगी ने लिया जायजा और बांटी राहत सामग्री (फोटो- X/CM Yogi Adityanath)
राहत और बचाव कार्यों में तेजी
बाढ़ की इस मुश्किल घड़ी में राज्य सरकार ने राहत और बचाव कार्य तेज कर दिए हैं। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ भी हालात का जायजा लेने खुद ग्राउंड जीरो पर पहुंचे। शनिवार शाम वाराणसी पहुंचे मुख्यमंत्री ने सलारपुर क्षेत्र में बनाए गए बाढ़ राहत शिविर का निरीक्षण किया। इस दौरान उन्होंने प्रभावित लोगों से मुलाकात कर उनकी समस्याएं जानीं और जरूरतमंदों के बीच राहत सामग्री का वितरण भी किया।
हर प्रभावित परिवार तक जरूरी सहायता पहुंचाने का लक्ष्य
बाढ़ प्रभावित लोगों को संबोधित करते हुए मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा कि सरकार की प्राथमिकता हर प्रभावित परिवार तक जरूरी सहायता पहुंचाना है। उन्होंने पिछली समाजवादी पार्टी सरकार पर निशाना साधते हुए आरोप लगाया कि पूर्व में राहत सामग्री के वितरण में भी अनियमितताएं होती थीं और उसका लाभ जरूरतमंदों तक पूरी तरह नहीं पहुंच पाता था।
गंगा नदी खतरे के निशान से नीचे बह रही
वर्तमान स्थिति की बात करें तो वाराणसी में गंगा नदी अभी खतरे के निशान से नीचे बह रही है। हालांकि, राहत की खबर यह है कि बीते 24 घंटों के दौरान नदी के जलस्तर में गिरावट दर्ज की गई है। बाढ़ राहत शिविर का निरीक्षण करने के बाद मुख्यमंत्री ने काशी विश्वनाथ मंदिर पहुंचकर बाबा विश्वनाथ के दर्शन किए और विधि-विधान से पूजा-अर्चना की।
एक्स पर साझा की यह जानकारी
वहीं सीएम योगी ने सोशल मीडिया प्लेटफार्म एक्स पर भी पोस्ट करते हुए लिखा कि, "जनपद वाराणसी में आज बाढ़ प्रभावित परिवारों के मध्य पहुंचकर उनका कुशल-क्षेम जाना एवं उन्हें राहत सामग्री प्रदान की।" उन्होंने आगे कहा, "मैं आश्वस्त करता हूं कि आपदा की इस घड़ी में डबल इंजन की सरकार हर प्रकार का सहयोग करने के लिए आपके साथ खड़ी है। 25 करोड़ प्रदेश वासियों की सेवा, सुरक्षा और सुविधा हमारी प्रतिबद्धता है।"
