उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने शारदीय नवरात्रि की महानवमी के पावन अवसर पर गोरखनाथ मंदिर में पारंपरिक विधि-विधान से कन्या पूजन किया। इस दौरान उन्होंने कन्याओं की पूजा-अर्चना की और उन्हें भोज कराया। मुख्यमंत्री ने कहा कि सनातन परंपरा में मातृशक्ति को सर्वोच्च सम्मान दिया जाता है। नवरात्रि के अवसर पर देवी भगवती की आराधना के साथ मातृशक्ति के प्रति श्रद्धा प्रकट की जाती है।
CM योगी ने गोरखनाथ मंदिर में किया कन्या पूजन
सीएम योगी ने कहा कि शारदीय नवरात्रि की नवमी पर जगतजननी मां भगवती के नौवें स्वरूप 'माता सिद्धिदात्री' की पूजा की जाती है। इस दिन सनातन परंपरा को मानने वाले लोग कन्या पूजन के जरिए मातृशक्ति के प्रति अपनी आस्था और भक्ति व्यक्त करते हैं। उन्होंने कहा कि गोरखनाथ मंदिर की परंपरा के तहत कन्या पूजन और भोज में शामिल होना उनके लिए सौभाग्य की बात है।
यूपी में 45 हजार दुर्गा पूजा पंडाल, सुरक्षा के इंतजाम
मुख्यमंत्री ने बताया कि उत्तर प्रदेश में इस बार करीब 45 हजार दुर्गा पूजा पंडाल लगाए गए हैं। श्रद्धालुओं की सुविधा और सुरक्षा के लिए प्रशासन ने जरूरी इंतजाम किए हैं। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार का 'मिशन शक्ति अभियान' महिलाओं की सुरक्षा, सम्मान और स्वावलंबन पर आधारित है। इसका मकसद महिलाओं को सुरक्षित माहौल देने के साथ उन्हें आत्मनिर्भर बनाने की दिशा में काम करना है।
कन्या सुमंगला योजना के तहत 25 हजार रुपये का प्रावधान
योगी आदित्यनाथ ने मुख्यमंत्री कन्या सुमंगला योजना का जिक्र करते हुए कहा कि इसके तहत बेटी के जन्म से लेकर स्नातक की पढ़ाई तक अलग-अलग चरणों में कुल 25 हजार रुपये की आर्थिक सहायता देने का प्रावधान है। उन्होंने नारी सुरक्षा और सम्मान के साथ बेटियों के सशक्तीकरण को भी महत्वपूर्ण बताया।
नशा, भ्रष्टाचार और आतंकवाद से मुक्त समाज बनाने का आह्वान
मुख्यमंत्री ने लोगों से नशे, भ्रष्टाचार, अराजकता, असुरक्षा और आतंकवाद से मुक्त समाज बनाने का आह्वान किया। उन्होंने प्रदेशवासियों को विजयादशमी की शुभकामनाएं देते हुए कहा कि यह पर्व सत्य, न्याय और धर्म की अधर्म पर जीत का शाश्वत संदेश देता है। सीएम योगी ने कहा कि वासंतिक और शारदीय नवरात्रि के दौरान श्रद्धालु मां भगवती की पूजा-अर्चना करते हैं और मातृशक्ति के प्रति अपनी श्रद्धा व्यक्त करते हैं। उनके मुताबिक, कन्या पूजन इसी परंपरा का महत्वपूर्ण हिस्सा है।
