Ladakh High Court: भारत के मुख्य न्यायाधीश (CJI) जस्टिस सूर्यकांत रविवार को लेह में जम्मू-कश्मीर और लद्दाख हाई कोर्ट की स्थायी बेंच का उद्घाटन करेंगे। लद्दाख के लोगों के लिए न्याय व्यवस्था को और सुलभ बनाने की दिशा में यह ऐतिहासिक कदम उठाया गया है। इस बेंच की स्थापना से स्थानीय लोगों को न्याय पाने के लिए श्रीनगर या जम्मू तक यात्रा करने की जरूरत कम होगी।
CJI सूर्यकांत (File Photo)
लद्दाख के मुख्य सचिव आशीष कुंद्रा ने शनिवार को बताया कि हाई कोर्ट की इस बेंच की स्थापना लद्दाख के लिए एक महत्वपूर्ण विकास है। उन्होंने कहा कि दुर्गम भौगोलिक परिस्थितियों, खराब मौसम और लंबी दूरी की वजह से दूरदराज के इलाकों में रहने वाले लोगों को अब तक उच्च न्यायिक संस्थानों तक पहुंचने में कठिनाइयों का सामना करना पड़ता था। लेह में स्थायी बेंच बनने से लोगों को अपने क्षेत्र में ही न्यायिक राहत पाने का अवसर मिलेगा। कुंद्रा ने कहा कि महज दो महीनों में यह पहल साकार हुई है। उनके मुताबिक, यह कदम भारत सरकार की पहल पर उठाया गया है। लद्दाख के प्रतिनिधियों की केंद्र के साथ बातचीत में यह मांग भी शामिल नहीं थी।
रिट याचिकाओं के लिए श्रीनगर-जम्मू जाने की जरूरत घटेगी
मुख्य सचिव ने बताया कि इस पहल के बाद अब राहत पाने के लिए या रिट याचिकाएं दायर करने के लिए स्थानीय लोगों को श्रीनगर या जम्मू की लंबी यात्रा नहीं करनी पड़ेगी। लोग लेह में ही अपनी याचिका से जुड़ी प्रक्रिया पूरी कर सकेंगे। कुंद्रा ने कहा कि कठिन भौगोलिक परिस्थितियों में रहने वाले लोगों के लिए न्याय तक पहुंच आसान बनाना सरकार की प्राथमिकता है। उन्होंने इस व्यवस्था को लद्दाख के निवासियों के लिए सकारात्मक कदम बताया।
5 सितंबर से लागू हुआ था स्थायी बेंच का प्रावधान
जम्मू-कश्मीर और लद्दाख हाईकोर्ट की स्थायी बेंच स्थापित करने से जुड़ा नियमन 5 सितंबर को लागू हुआ था। राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने 27 अगस्त को इस नियमन को जारी किया था। इसमें प्रावधान था कि यह उस तारीख से प्रभावी होगा, जिसे प्रशासक राजपत्र में अधिसूचना जारी करके तय करेंगे। इसके बाद उपराज्यपाल विनय कुमार सक्सेना ने 5 सितंबर को इसके लागू होने की तारीख तय की।
आज उद्घाटन समारोह में लद्दाख के उपराज्यपाल विनय कुमार सक्सेना भी शामिल होंगे। उन्होंने इस कदम को न्याय व्यवस्था को अधिक सुलभ बनाने की दिशा में ऐतिहासिक कदम बताया। उन्होंने लद्दाख की न्यायिक व्यवस्था को मजबूत करने के लिए राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू, प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह के प्रति आभार भी जताया।
