Delhi SIR: मुख्य निर्वाचन अधिकारी (CEO) अशोक कुमार ने शुक्रवार को बताया कि निर्वाचन अधिकारियों ने उन 47 लाख से अधिक मतदाताओं के नामों का फिर से सत्यापन शुरू कर दिया है, जिन्हें मतदाता सूची के मसौदे से हटा दिया गया था। इसका उद्देश्य यह सुनिश्चित करना है कि मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण (SIR) के दौरान कोई भी पात्र मतदाता छूट न जाए।
25 लाख मामलों का निपटारा कर दिया गया
यह कदम 31 अगस्त को प्रकाशित ड्राफ्ट मतदाता सूची से कई ऐसे मतदाताओं के नाम हटाए जाने की शिकायतों के बीच उठाया गया है, जो अपने पंजीकृत पते पर ही रह रहे थे। कुमार ने बताया कि जिन 33.12 लाख मामलों में मतदाताओं को तार्किक विसंगति के कारण नोटिस जारी किए गए थे, उनमें से लगभग 25 लाख मामलों का निपटारा कर दिया गया है।
किसी भी वास्तविक मतदाता का नाम न छूटे
कुमार ने मीडिया से बातचीत में कहा, "बूथ-स्तरीय अधिकारियों को निर्देश दिया गया है कि वे उन मतदाताओं का फिर से सत्यापन करें, जिनके नाम गणना चरण के बाद जारी की गई मतदाता सूची के ड्राफ्ट में नहीं थे। हमारी कोशिश यह सुनिश्चित करने की है कि चार दिसंबर को प्रकाशित होने वाली अंतिम मतदाता सूची में किसी भी वास्तविक मतदाता का नाम न छूटे।" उन्होंने कहा कि ड्राफ्ट मतदाता सूची में जिन मतदाताओं के नाम छूट गए हैं, वे चार दिसंबर को प्रकाशित होने वाली अंतिम मतदाता सूची में नाम शामिल कराने के लिए फॉर्म-6 भर सकते हैं।
मामूली गलतियां होने पर आवेदनों को सीधे खारिज नहीं किया जाए
उन्होंने बताया कि बूथ स्तर के अधिकारियों (बीएलओ) को स्पष्ट निर्देश दिए गए हैं कि विवरण में मामूली गलतियां होने पर मतदाताओं के आवेदनों को सीधे खारिज नहीं किया जाए। एसआईआर के गणना चरण के बाद 1.45 करोड़ मतदाताओं में से 47.56 लाख के नाम ड्राफ्ट मतदाता सूची से एएसडीडी श्रेणी के तहत हटा दिए गए थे। इनमें अनुपस्थित, विस्थापित, मृत और नाम में दोहराव वाले मतदाता शामिल थे।
