सीबीएसई के पंचकूला रीजन के रीजनल हेड राजेश कुमार गुप्ता ने OSM प्रणाली को लेकर टाइम्स नाउ नवभारत से एक्सक्लूसिव बातचीत में दावा किया है कि यह OSM शत प्रतिशत फूल प्रूफ सिस्टम है यह कोई नई प्रणाली नहीं है इस बार सिर्फ उत्तर पुस्तिकाओं का फिजिकल मूल्यांकन के बजाय डिजिटल मार्किंग की गई है सिर्फ स्क्रीन पर शिक्षकों ने मूल्यांकन किया है। छात्रों ने जो परफॉर्म किया है जो प्रश्नों के उत्तर दिए हैं उसके आधार पर ही उनका मूल्यांकन किया गया है पिछले 10 सालों के ट्रेंड को देखें तो रिजल्ट अप डाउन होता रहता है।
CBSE ने OSM पर दिया बड़ा बयान
OSM पर उत्तर पुस्तिका स्क्रीन पर आती है और शिक्षकों की योग्यता के आधार पर ही एग्जामिनर,हेड एग्जामिनर नियुक्त किया जाता है उत्तर पुस्तिकाओं के मूल्यांकन की थ्री टियर प्रणाली है तीन स्तर पर उनकी जांच होती है यह फूल प्रूफ सिस्टम है। उन्होंने कहा कि OSM जब लागू किया गया मैने खुद कई शहरों में जाकर कॉन्फ्रेंस की है और शिक्षकों से बातचीत की है शिक्षकों को इसके बारे में पूरी जानकारी दी गई थी हमें यह नहीं लगता की बोर्ड की तरफ से इसमें कोई कमी रही है।
जिन छात्रों की उत्तर कोशिकाएं ब्लर आई हैं जैसी इंक से छात्रों ने लिखा उसके हिसाब से कॉपी दिखाई देती है जिन छात्रों ने ब्लैक पेन से लिखा उसकी क्वालिटी बहुत अच्छी है 100 फीसदी उत्तर पुस्तिकाओं में क्लेरिटी है अगर किसी छात्र को लगता है कि कोई कमी है वह सीबीएसई से संपर्क कर सकता है हम 24 घंटे छात्रों के सवालों का जवाब दे रहे हैं। उन्होंने सप्लीमेंट्री कॉपी न मिलने के सवाल पर कहा छात्रों की 12वीं की पहली परीक्षा है।
उत्तर पुस्तिका पर ही यह मेंशन करना होता है की कितनी सप्लीमेंट्री कॉपी इस्तेमाल की है लेकिन कुछ बच्चों को यह समझ नहीं आया कि जो अतिरिक्त उत्तर पुस्तिका ली जा रही है उसकी जानकारी देनी है या जो उत्तर पुस्तिका वह इस्तेमाल कर रहे हैं उसके बारे में जानकारी देनी है इसलिए किसी बच्चे ने बिना सप्लीमेंट्री कॉपी के इस्तेमाल के ही वहां पर कॉलम में 1 लिख दिया है।उन्होंने बताया कि 29 मई से पुनर्मूल्यांकन के लिए सीबीएसई का पोर्टल खोला जा रहा है सिर्फ 25 रुपए में पुनर्मूल्यांकन करवाया जा सकता है अगर किसी छात्र के पुनर्मूल्यांकन में ज्यादा अंक आते हैं तो उसका पूरा शुल्क भी लौटा दिया जाएगा।
सीबीएसई का पोर्टल बिलकुल दुरुस्त है लेकिन इस बार क्योंकि एक करोड़ उत्तर पुस्तिका थी एक ही समय पर 26 देश में हमारे स्कूल है और बहुत सारे बच्चों ने अप्लाई किया इसकी वजह से हो सकता है पोर्टल कुछ स्लो हो गया हो इसलिए हमने लगातार तारीख है आगे बढ़ाई हैं पहले समय सीमा 22 में थी फिर से बढ़कर 25 में की गई थी लेकिन अब यह समय सीमा आगे नहीं बढ़ाई जाएगी। OSM फूल प्रूफ सिस्टम है और भारत सरकार का जो डिजिटल इंडिया कांसेप्ट है उसके आधार पर इसको शुरू किया गया था इसमें 100 फीसदी पारदर्शिता है इसलिए यह जारी रहेगा।
