Jhota Murder Case: नशा विरोधी एक्टिविस्ट परविंदर सिंह झोटा हत्याकांड की जांच अब केंद्रीय अन्वेषण ब्यूरो (CBI) ने अपने हाथों में ले ली है। पंजाब सरकार द्वारा मामले की जांच सीबीआई को सौंपे जाने के महज 24 घंटे के भीतर ही केंद्रीय एजेंसी ने कार्रवाई शुरू कर दी है। सीबीआई की टीम देर रात मानसा सिटी-2 थाने पहुंची, जहां इस मामले में केस दर्ज है। टीम ने मानसा पुलिस से मामले से संबंधित जानकारी और जरूरी दस्तावेज हासिल किए।
गृह मंत्री के आश्वासन का असर
केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने पंजाब दौरे के दौरान पीड़ित परिवार से मंगलवार को मुलाकात की। इस दौरान उन्होंने यह भरोसा दिलाया था कि मामले की जांच सीबीआई को सौंपी जाएगी और 24 घंटे के भीतर एजेंसी अपना काम शुरू कर देगी। वादे के मुताबिक सीबीआई ने त्वरित कार्रवाई करते हुए जांच प्रक्रिया आगे बढ़ा दी है। अब सीबीआई इस मामले में दर्ज एफआईआर, मुख्य आरोपी की गिरफ्तारी और अन्य पहलुओं की नए सिरे से गहन जांच करेगी।
प्रतिबंधित नशीले पदार्थों की बिक्री की भी होगी जांच
सीबीआई इस बात की भी जांच करेगी कि प्रतिबंधित साइकोट्रॉपिक पदार्थों की मेडिकल दुकानों पर खुलेआम बिक्री कैसे हो रही थी। एजेंसी इस मामले से जुड़े तथ्यों और संभावित संबंधों की पड़ताल करेगी। मिली जानकारी के मुताबिक, CBI केमिस्ट अश्विनी कुमार और अन्य लोगों की हिरासत भी मांग सकती है। एजेंसी मामले से संबंधित दस्तावेज पंजाब पुलिस से लेकर आगे की जांच करेगी।
परविंदर झोटा की हत्या कब हुई
13 अक्टूबर को मानसा में नशा विरोधी एक्टिविस्ट परविंदर सिंह झोटा की मेडिकल स्टोर पर दिनदहाड़े गोली मारकर हत्या कर दी गई थी। घटना के दिन भी वे एक मेडिकल स्टोर पर हो रही कथित अवैध बिक्री का विरोध कर रहे थे। इसी दौरान हुए विवाद में आरोपी मेडिकल स्टोर संचालक अश्विनी कुमार ने उन पर गोलियां चला दीं। जिसके बाद पुलिस ने 24 घंटे में मुख्य आरोपी अश्विनी कुमार को राजस्थान के सालासर से गिरफ्तार किया। उसके घर और दुकान के हिस्से पर बुलडोजर कार्रवाई भी की गई।
