Siwan News: बिहार के सीवान जिले में स्थित मॉडल सदर अस्पताल से सुरक्षा व्यवस्था और रखरखाव की पोल खोल देने वाली एक गंभीर खबर सामने आई है। रविवार सुबह करीब आठ बजे ड्यूटी पर पहुंचीं जीविका की दो महिला कर्मी जैसे ही लिफ्ट में सवार हुईं, अचानक बिजली गुल हो गई। हद तो तब हो गई जब अस्पताल का पावर बैकअप सिस्टम भी पूरी तरह फेल साबित हुआ, जिससे लिफ्ट पहली और दूसरी मंजिल के बीच अधर में ही लटक गई।
सीवान सदर अस्पताल में सांसत में फंसी जान
लिफ्ट के भीतर मोबाइल नेटवर्क न होने के कारण फंसी हुई महिलाएं किसी को फोन करके मदद भी नहीं मांग सकीं। जब लगभग 10 मिनट बाद अस्पताल की मुख्य बिजली बहाल हुई, तब भी लिफ्ट चालू नहीं हो पाई। ऐसे में महिलाओं ने घबराकर अंदर से बचाओ-बचाओ का शोर मचाना शुरू किया। वहां से गुजर रहे सफाईकर्मियों ने जब यह आवाज सुनी, तब जाकर प्रबंधन को लिफ्ट में इंसानों के फंसे होने की भनक लगी।
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लगभग एक घंटे की कड़ी मशक्कत बाद बची जान
दुर्भाग्य से, मौके पर तैनात सुरक्षाकर्मियों को आपात स्थिति में लिफ्ट का गेट खोलने का कोई प्रशिक्षण या जानकारी ही नहीं थी। लगभग एक घंटे की कड़ी मशक्कत और अफरा-तफरी के बाद पास में बन रहे निर्माणाधीन भवन से एक कर्मचारी को बुलाया गया, जिसने चाबी की मदद से लिफ्ट खोलकर दोनों महिलाओं को सुरक्षित बाहर निकाला। 60 मिनट तक लिफ्ट के बंद डिब्बे में फंसी रहने के कारण दोनों कर्मियों का डर के मारे बुरा हाल था।
अस्पताल प्रशासन ने क्या कहा?
हैरानी की बात यह है कि इस हादसे से ठीक एक दिन पहले शनिवार को जिलाधिकारी (DM) की समीक्षा बैठक में भी इसी लिफ्ट की खराबी का मुद्दा उठा था, जिस पर निर्माण एजेंसी बीएमएसआईसीएल (BMSICL) से जवाब मांगा गया था। इसके बावजूद अगले ही दिन यह घटना हो गई। अस्पताल अधीक्षक डॉ. अनिल कुमार सिंह का कहना है कि लिफ्ट के स्थायी सुधार के लिए निर्माण एजेंसी को कई बार चिट्ठी लिखी गई है। अब भविष्य की सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए ऑन-ड्यूटी गार्ड्स को भी लिफ्ट की इमरजेंसी चाबी सौंपी जा रही है ताकि ऐसे हादसों में समय रहते लोगों को निकाला जा सके।
