MP Monsoon Session: मध्य प्रदेश विधानसभा का मानसून सत्र जुलाई के तीसरे सप्ताह में शुरू होने की संभावना है। विधानसभा सचिवालय ने इसकी तैयारियां शुरू कर दी हैं और विधानसभा अध्यक्ष नरेंद्र सिंह तोमर और मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव की चर्चा के बाद सत्र की तिथि तय होगी। इस बार सत्र की कार्यवाही पूरी तरह डिजिटल होगी, क्योंकि सरकार ने ई-विधान प्रणाली लागू करने का निर्णय लिया है।
जुलाई के तीसरे हफ्ते में शुरू हो सकता है मानसून सत्र (फाइल फोटो)
डिजिटल होंगी प्रकियाएं
विधानसभा के प्रमुख सचिव एपी सिंह ने बताया कि एनआईसी द्वारा विधानसभा में ई-विधान प्रणाली को लेकर प्रजेंटेशन दिया गया है, जिसमें विधानसभा अध्यक्ष और वरिष्ठ अधिकारियों को अब तक की तैयारियों की जानकारी दी गई है। सरकार ने ई-ऑफिस प्रणाली भी लागू करने की योजना बनाई है, जिससे विधानसभा के प्रश्नोत्तर, ध्यानाकर्षण और याचिकाएं इसी माध्यम से भेजी जाएंगी। इसके जरिए विधानसभा से संबंधित प्रक्रियाओं को डिजिटल रूप से प्रबंधित किया जाएगा।
क्या है ई-विधान
ई-विधान, जिसे National e-Vidhan Application (NeVA) के रूप में जाना जाता है, भारत सरकार की मिशन मोड परियोजना है, जिसका उद्देश्य राज्य विधान मंडलों को पेपरलेस और डिजिटल बनाना है। इस प्रणाली के तहत प्रश्न पूछना, विधेयक पेश करना, चर्चा करना और दस्तावेजों का आदान-प्रदान ऑनलाइन होगा। इसके अलावा, सदन की कार्यवाही डिजिटल रूप से रिकॉर्ड की जाएगी और सार्वजनिक पोर्टल पर प्रकाशित की जाएगी।
विधानसभा सचिवालय 35 ऑल-इन-वन कंप्यूटर खरीदने की योजना बना रहा है, जो सत्र की कार्यवाही को सुचारू रूप से संचालित करने के लिए उपयोग किए जाएंगे। जेम पोर्टल के माध्यम से इन कंप्यूटरों की खरीद के लिए 18 जून को टेंडर खोले जाएंगे।
कामकाज होगा असरदार
इस डिजिटल परिवर्तन से विधानसभा की कार्यप्रणाली अधिक पारदर्शी, प्रभावी और आधुनिक बन जाएगी। इससे न केवल विधायी प्रक्रिया में तेजी आएगी, बल्कि कागज के उपयोग को भी कम किया जा सकेगा। अब देखना होगा कि यह नई प्रणाली विधानसभा के कामकाज को कितना सुगम बनाती है।
