अंतरराष्ट्रीय रामायण सेमिनार: रामचरित मानस का एक-एक पात्र विशेष, चौपाइयों से हुई छेड़छाड़ ; बोलीं डॉ. इशरत जहां

  • Authored by: टाइम्स नाउ नवभारत डिजिटलEdited by: प्रांजुल श्रीवास्तव
  • Updated Mar 17, 2023, 03:45 PM IST

डॉ. इशरत जहां ने रामायण के पात्रों के महत्व पर एक किताब लिखी है और उन्होंने इस विषय पर रिसर्च भी की है। रामायण में विशेष रुचि के कारण उन्हें शुरुआती दिनों में काफी विरोध का भी सामना करना पड़ा।

Bhopal News: भोपाल के मानस भवन में अंतरराष्ट्रीय रामायण सेमिनार का आयोजन किया गया। तीन दिन तक चलने वाले इस कार्यक्रम में देश-विदेश से रामायण पर शोध करने वाले लोग अपना व्याख्यान देंगे। इस सेमिनार के लिए लगभग 80 लोगों ने अपना रजिस्ट्रेशन कराया है, जिसमें से 67 लोग अपना रिसर्च पेपर प्रस्तुत करेंगे।

BHOPAL- RAMAYAN- SEMINAR

भोपाल में तीन दिवसीय रामायण सेमिनार का आयोजन (प्रतीकात्मक तस्वीर)

इनमें से एक है बनारस से आई प्रोफेसर डॉक्टर इशरत जहां, जिन्होंने रामचरित मानस के पात्रों के महत्व किताब लिखी है और इस पर रिसर्च किया है। डॉक्टर इशरत जहां के पिता अलीगढ़ मुस्लिम यूनिवर्सिटी में प्रोफेसर थे और बचपन से ही राम को पढ़ने में उनकी रुचि रही है और इसी पर उन्होंने अपने रिसर्च पेपर तैयार किए।

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