Ayodhya Ram Mandir: अयोध्या में 22 जनवरी को राम मंदिर के प्राण प्रतिष्ठा का भव्य समारोह होने वाला है। इस दिन राम लला मंदिर में विराजमान होंगे। जिसके बाद भगवान राम अपने भाइयों के साथ श्रद्धालुओं को दर्शन देंगे। भगवान राम जिस शुभ मुहूर्त श्रद्धालुओं को दर्शन देंगे, वह सामने आ गया है। श्रीरामजन्मभूमि तीर्थक्षेत्र ट्रस्ट ने आज एक्स पोस्ट के माध्यम बताया कि, भगवान श्री रामलला के अनुजों सहित पौष कृष्ण सफला एकादशी, विक्रमी संवत् 2080 को दर्शन देंगे।
भगवान राम और उनके अनुज (फोटो साभार - ट्विटर)
अति सूक्ष्म मुहूर्त में होगी प्राण प्रतिष्ठा
भगवान राम के भक्तों के लिए जनवरी का महीना बहुत खास होने वाला है। 22 जनवरी को राम लला की प्राण प्रतिष्ठा होगी। प्राण प्रतिष्ठा मूर्ति स्थापना के समय की जाती है। जिसकी सनातन धर्म में बहुत अहमियत है। मूर्ति स्थापना के समय प्रतिमा रूप को जीवित करने की विधि प्राण प्रतिष्ठा कहलाती है। 22 जनवरी को भगवान राम की प्राण प्रतिष्ठा 84 सेकेंड के अति सूक्ष्म मुहूर्त में होगी। जिसे संजीवनी मुहूर्त बताया जा रहा है। 22 जनवरी को 12 बजकर 29 मिनट 8 सेकेंड पर प्राण प्रतिष्ठा का शुभ मुहूर्त है। जिसके बाद भगवान राम अपने भाइयों के साथ गर्भगृह में श्रद्धालुओं को दर्शन देंगे।
राम मंदिर में प्राण प्रतिष्ठा का पूरा शेड्यूल
अयोध्या में 15 जनवरी को मकर संक्रांति पर खरमास खत्म होने के बाद रामलला के बालरूप की मूर्ति गर्भगृह में स्थापित की जाएगी। जिसके बाद 16 जनवरी से रामलला के बालस्वरूप के अधिवास का अनुष्ठान शुरू होगा। जिसके अगले दिन रामलला की प्रतिमा को नगर भ्रमण कराया जाएगा। रामलला के प्राण प्रतिष्ठा की विधि 18 जनवरी से शुरू होगी। अगले दिन राम मंदिर में यज्ञ अग्नि कुंड स्थापित होगा और अग्नि प्रज्वल्लित की जाएगी। 20 जनवरी को राम मंदिर को 81 कलश में भरे अलग-अलग नदियों के जल से पवित्र किया जाएगा। जिसके अगले दिन रामलला का 125 कलशों से दिव्य स्नान होगा। जिसके बाद 22 जनवरी को प्राण प्रतिष्ठा होगी और मृगशिरा नक्षत्र में रामलला की महापूजा की जाएगी।
