केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह आज पंजाब के दौरे पर हैं। यहां मंगलवार को पंजाब के गुरदासपुर, संगरूर और मानसा में नशे से जुड़े मामले में जान गंवाने वाले मृतकों के परिजनों से मुलाकात की। इस दौरान उन्होंने परिवार को मामले में न्याय सुनिश्चित करने का भरोसा दिया।वह पंजाब के एक दिवसीय दौरे पर पहुंचे हैं, जहां वह नशे के खिलाफ आवाज उठाने को लेकर जान गंवाने वाले लोगों के परिजनों से मुलाकात कर रहे हैं।
अमित शाह दशहरे के मौके पर सबसे पहले बटाला पहुंचे जहां से वह सीधे मारी पनवां गांव पहुंचे। यहां उन्होंने 15 अक्टूबर को मारे गए बिक्रमजीत सिंह के परिवार से मुलाकात की। ग्रामीणों का आरोप है कि बिक्रमजीत ने अपने इलाके में नशीले पदार्थों की तस्करी का विरोध किया था,जिसके कारण उन्हें निशाना बनाया गया। हालांकि, पुलिस का कहना है कि हत्या मोबाइल फोन को लेकर दो गुटों के बीच हुए विवाद का नतीजा थी।
बिक्रमजीत के परिवार के एक सदस्य ने बताया कि गृह मंत्री से मुलाकात के दौरान उन्होंने मामले में न्याय की मांग की। परिजनों ने कहा उन्होंने हमारी मांगों का ज्ञापन पढ़ा और अपने साथ ले गए। उन्होंने हमारी बातें धैर्यपूर्वक सुनीं। बिक्रमजीत के चाचा गुरनाम सिंह ने भी कहा कि शाह ने परिवार को न्याय दिलाने का आश्वासन दिया है। बटाला में शाह के साथ पंजाब भाजपा अध्यक्ष केवल सिंह ढिल्लों भी मौजूद रहे। गृह मंत्री के दौरे को देखते हुए गुरदासपुर, संगरूर और मानसा में सुरक्षा के कड़े इंतजाम किए गए थे।
संगरूर में आत्महत्या करने वाले गुलजार के परिवार से भी मिले
बिक्रमजीत के परिजनों से मुलाकात के बाद शाह संगरूर पहुंचे, वहां उन्होंने दलित समुदाय से ताल्लुक रखने वाले गुलजार सिंह के परिवार से मुलाकात की। उन्होंने पिछले महीने आत्महत्या कर ली थी। तुरबंजारा गांव के रहने वाले गुलजार की सात सितंबर को मौत हो गई थी। उनके परिवार का आरोप है कि पंजाब के वित्त मंत्री हरपाल सिंह चीमा से अपने इलाके में नशीले पदार्थों की आपूर्ति को लेकर सवाल पूछने के बाद उन्हें प्रताड़ित किया गया और जातिसूचक टिप्पणियां की गईं। परिवार का कहना है कि इसी से परेशान होकर गुलजार ने जहरीला पदार्थ खा लिया था।मानसा में मारे गए नशा विरोधी कार्यकर्ता झोटा के परिवार से भी मुलाकात
संगरूर के बाद गृह मंत्री शाह मानसा पहुंचे, जहां उन्होंने नशे के खिलाफ अभियान चलाने वाले कार्यकर्ता परविंदर सिंह झोटा के परिवार से मुलाकात की। झोटा की पिछले सप्ताह एक मेडिकल स्टोर संचालक ने गोली मारकर हत्या कर दी थी। उनके पिता भीम सिंह ने सोमवार को कहा था कि वह शाह से मुलाकात के दौरान अपने बेटे की हत्या की सीबीआई जांच की मांग उठाएंगे।मेडिकल स्टोरों पर नशीले पदार्थों की अवैध बिक्री के खिलाफ आवाज उठाने वाले झोटा की 13 अक्टूबर को मानसा के एक व्यस्त बाजार में स्थित मेडिकल स्टोर के अंदर दिनदहाड़े गोली मारकर हत्या कर दी गई थी। घटना के समय वह फेसबुक लाइव कर रहे थे।
आरोप है कि मेडिकल स्टोर संचालक अश्वनी कुमार ने एक बुजुर्ग को नशीली दवाएं बेचने पर सवाल उठाए जाने के बाद झोटा पर गोली चलाई थी। पुलिस ने अश्वनी कुमार को राजस्थान के सालासर से हिरासत में लिया था। इस घटना के बाद पंजाब में राजनीतिक आरोप-प्रत्यारोप तेज हो गए हैं। राज्य में अगले साल की शुरुआत में विधानसभा चुनाव होने हैं।
झोटा हत्याकांड की सीबीआई जांच को मंजूरी
वहीं, अमित शाह के पंजाब पहुंचने से कुछ घंटे पहले मुख्यमंत्री भगवंत मान ने भी झोटा की हत्या को लेकर बड़ा एलान किया। उन्होंने कहा कि उनकी सरकार ने झोटा हत्याकांड की जांच सीबीआई को सौंपने का फैसला किया है। बता दें कि पंजाब में अगले साल विधानसभा चुनाव होना है। उससे पहले वहां चुनावी बिसात बिछनी शुरू हो गई है। इसी माहौल में अमित शाह का यह 20 दिनों के भीतर दूसरा दौरा है। इससे पहले उन्होंने 30 सितंबर को जालंधर का दौरा किया था और भाजपा की 'नशा मुक्त पंजाब यात्रा' के समापन पर रैली को संबोधित किया था।
