Ahmedabad News : भगवान नहीं करेंगे माफ, ऐसा क्यों बोला गुजरात हाईकोर्ट, बेजुबानों की बलि पर सुनाई खरी खरी

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  • Updated Dec 12, 2023, 05:56 PM IST

गुजरात उच्च न्यायालय ने मंगलवार को कहा कि लोगों की सुविधा के लिए निर्दोष पशुओं की बलि नहीं दी जा सकती।

अहमदाबाद: हिंदुस्तान में अंधविश्वास की परंपरा कोई नहीं नहीं। यहां इंसान अपने स्वार्थ के लिए जानवरों की हत्या करने से चूकते है। यही कारण है कि गुजरात उच्च न्यायालय ने मंगलवार को कहा कि लोगों की सुविधा के लिए निर्दोष पशुओं की बलि नहीं दी जा सकती। अदालत ने यह टिप्पणी आवारा पशुओं की समस्या से निपटने के लिए राज्य सरकार की नीति के तहत मवेशी बाड़े में रखी गई 30 गायों की मौत पर सुनवाई के दौरान की।

Gujarat High Court

गुजरात उच्च न्यायालय

गायों की हत्या पर हाईकोर्ट नाराज

न्यायमूर्ति आशुतोष शास्त्री और न्यायमूर्ति हेमंत प्रच्छक की पीठ ने कहा कि नडियाद नगर निगम की जमीन पर गायों के अवशेषों को फेंकने की तस्वीर बहुत व्यथित करने वाली और चौंकाने वाली थी। अदालत ने नडियाद निवासी मौलिक श्रीमाली द्वारा दाखिल अदालत की अवमानना की याचिका में दायर एक हलफनामे को रिकॉर्ड पर लिया जो मवेशियों की समस्या को रोकने के लिए निर्देश देने का अनुरोध करने वाली जनहित याचिका से संबंधित थी।

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