ताजमहल से पहले कहां थी मुमताज की कब्र, तीन बार किया गया दफन

Mumtaz Mahal Burial Places: दुनिया के 7 अजूबों में शामिल ताजमहल को प्रेम की निशानी भी कहा जाता है। इस भव्य इमारत को मुगल बादशाह शाहजहां ने अपनी प्रिय बेगम मुमताज महल की याद में बनवाया गया था। लेकिन क्या आप जानते हैं कि मुमताज को ताजमहल में दफनाने से पहले दो बार और दफनाया गया था?

Taj Mahal - The Eternal Symbol of Love: उत्तर प्रदेश के आगरा शहर में यमुना नदी के किनारे स्थित ताजमहल किसी परिचय का मोहताज नहीं है। यह भव्य ऐतिहासिक स्मारक न केवल भारत की शान है, बल्कि दुनिया के 7 अजूबों में भी शुमार है। ताजमहल को मुगल बादशाह शाहजहां ने अपनी प्रिय बेगम मुमताज महल की याद में बनवाया था। इस कारण ताजमहल को मोहब्बत की निशानी भी कहा जाता है। मुमताज की मृत्यु से पहले शाहजहां ने उनसे वादा किया था कि उनकी याद में दुनिया का सबसे खूबसूरत मकबरा बनवाया जाएगा। शाहजहां का यही वादा आज ताजमहल के रूप में अमर हो गया। ताजमहल के अंदर शाहजहां और मुमताज दोनों की कब्रें हैं, लेकिन बहुत कम लोगों को पता होगा कि मुमताज महल को ताजमहल में दफनाने से पहले दो बार और दफनाया गया था। आइए जानते हैं, ताजमहल से पहले मुमताज को कहां और क्यों दफनाया गया था?

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मुमताज को ताजमहल समेत तीन बार किया गया दफन

कौन थी मुमताज महल

इतिहासकारों के अनुसार अर्जुमंद बानो बेगम उर्फ मुमताज महल मुगल बादशाह शाहजहां की 13वीं पत्नी थीं। शाहजहां के शासन संभालने के सिर्फ 4 साल के अंदर ही मुमताज का निधन हो गया था। कहा जाता है कि मुमताज बहुत खूबसूरत थीं। इतिहासकारों के अनुसार शाहजहां की कई बेगमों के बावजूद वे मुमताज से सबसे अधिक प्रेम करते थे। मुमताज न केवल उनकी प्रिय पत्नी थीं, बल्कि राज्य के महत्वपूर्ण कार्यों में भी उनका साथ देती थीं।

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