आगरा

Banke Bihar Corridor: बांके बिहार कॉरिडोर में इस्तेमाल होगा मंदिर के कोष का पैसा, कितनी है लागत; क्या-क्या होगा विकसित?

Banke Bihar Corridor: बांके बिहारी मंदिर कॉरिडोर के निर्माण के लिए यूपी सरकार मंदिर ट्रस्ट से प्राप्त धन का उपयोग कर सकेगी। कोर्ट ने चांच के बाद सरकार को कॉरिडोर के लिए अधिग्रहित जमीन देवता के नाम से खरीदने की इजाजत दी है। इस प्रोजेक्ट को विकसित करने में 500 करोड़ रुपये खर्च करने की योजना है।

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बांके बिहार कॉरिडोर (फाइल फोटो)

Photo : Twitter

Banke Bihar Corridor: यूपी सरकार ने वित्तीय वर्ष 2025-26 के लिए बजट में वृंदावन में स्थित ठाकुर बांके बिहारी मंदिर के लिए भी अहम घोषणा की थी। सरकार ने ठाकुर बांके बिहारी मंदिर कॉरिडोर के लिए 150 करोड़ रुपए का बजट स्वीकृत किया था। हालांकि, इस परियोजना को विकसित करने में 500 करोड़ रुपये खर्च करने का प्रावधान रखा गया है। लिहाजा, सरकार ने मंदिर कोष से कुछ राशि इस्तेमाल करने की इजाजत मांगी थी, जिसे पहले अनुमति नहीं दी गई थी। लेकिन, सुप्रीम कोर्ट ने कई दलीलों के बाद इस पर इलाहाबाद हाईकोर्ट के फैसले पर पुनर्विचार किया और तमाम अड़चनों के बाद स्वीकृति दे दी है। फिलहाल, कोर्ट ने सरकार को कॉरिडोर विकसित करने में इस्तेमाल होने वाली जमीन देवता के नाम से अधिग्रहित करने पर मंजूरी दी है।

इस परियोजना का उद्देश्य बांके बिहारी मंदिर के निकटवर्ती क्षेत्र में सुविधाओं का सुधार करना और श्रद्धालुओं के लिए बेहतर माहौल तैयार करना है। सरकार के इस ऐलान पर श्रद्धालुओं और व्यापारियों की प्रतिक्रिया आई है। कॉरिडोर के लिए सरकार ने पहले भी रुपए स्वीकृत किए थे। स्थानीय लोगों का मानना था कि कॉरिडोर समस्या का हल नहीं है। हालांकि, बांके बिहारी मंदिर में कॉरिडोर बनना चाहिए, क्योंकि इसके बनने से यहां आने वाले लोगों को काफी राहत मिलेगी।

वृंदावन में उछले जमीन के दाम

अगर कॉरिडोर बनता है तो भीड़भाड़ से निजात मिलेगी और मंदिर में बांके बिहारी के दर्शन भी अच्छी तरह से हो पाएंगे। इससे सिर्फ श्रद्धालुओं को ही नहीं बल्कि, सभी लोगों को फायदा मिलेगा, क्योंकि यहां दूर-दराज से लोग दर्शन करने के लिए आते हैं और इस वजह से काफी भीड़ भी रहती है। कॉरिडोर योजना के लिए बजट स्वीकृत होने के बाद वृंदावन और आसपास के क्षेत्रों में जमीनों के दाम में अधिक इजाफा होने की संभावना जताई जा रही है। वृंदावन में पहले से ही भूमि की कीमतें तेजी से बढ़ रही हैं और इस नई परियोजना के कारण इन कीमतों में और वृद्धि हो सकती है।

बता दें कि बांके बिहारी कॉरिडोर परियोजना के तहत मंदिर के आसपास के क्षेत्र में कनेक्टिविटी, सड़कों का चौड़ीकरण, पार्किंग की व्यवस्था, धर्मशाला और अन्य आवश्यक सुविधाएं स्थापित की जाएंगी। इस परियोजना का उद्देश्य न केवल श्रद्धालुओं की संख्या बढ़ाना है, बल्कि पर्यटकों के लिए वृंदावन को और भी आकर्षक बनाना है।

Pushpendra kumar
पुष्पेंद्र कुमारauthor

पुष्पेंद्र कुमार टाइम्स नाउ नवभारत डिजिटल में चीफ कॉपी एडिटर के रूप में सिटी डेस्क पर कार्यरत हैं। जर्नलिज्म में मास्टर्स डिग्री हासिल करने के बाद से वे पिछले 7 वर्षों से सक्रिय पत्रकारिता में जुड़े हैं। इस दौरान उन्होंने 10,000 से अधिक खबरें लिखी हैं। पुष्पेंद्र हाइपर-लोकल मुद्दों, रेलवे, रोड, इंफ्रास्ट्रक्चर, डेवलपमेंट, कृषि और मौसम से जुड़ी खबरों पर गहरी पकड़ रखते हैं। शहर से लेकर गांव-देहात तक की संवेदनशीलताओं को समझते हुए वे लोकल खबरों को ऐसा रूप देते हैं जो न केवल तथ्यपूर्ण होता है, बल्कि पाठकों से भावनात्मक रूप से भी जुड़ता है।

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