उत्तर प्रदेश के आगरा में स्थित ताजमहल मोहब्बत की निशानी के रूप में पूरे विश्व में प्रसिद्ध है। ये दुनिया के 7 अजूबों में से एक है। हर साल मोहब्बत की दास्तान कहने वाली इस इमारत को देखने देश-दुनिया से ढेरों लोग आते हैं। लेकिन इस बास पर्यटन के मामले में आगरा को यूपी के दूसरे शहर ने पीछे छोड़ दिया है। बता दें कि ताजमहल को पीछे छोड़ने वाला शहर अयोध्या है।
ताजमहल छूटा पीछे, इस साल सबसे ज्यादा पर्यटक अयोध्या आए
राम मंदिर के उद्घाटन के बाद बढ़ा पर्यटन
अयोध्या में राम मंदिर बनने के बाद से पर्यटन बढ़ता ही जा रहा है। यहां भारी संख्या में देश-विदेश से लोग आ रहे हैं। टूरिज्म के क्षेत्र में अयोध्या ने एक नया रिकॉर्ड बनाया है। उत्तर प्रदेश के पर्यटन विभाग के अनुसार, जनवरी से सितंबर 2024 के बीच अयोध्या में 13.55 करोड़ घरेलू पर्यटक और 3,153 विदेशी पर्यटक आए। वहीं पर्यटन के मामले में आगरा शहर का आंकड़ा थोड़ा नीचे रह गया।
अयोध्या ने आगरा को पीछे छोड़ा
पर्यटन के क्षेत्र में इस साल अयोध्या ने आगरा को पीछे छोड़ दिया है। जहां अयोध्या में 13.55 करोड़ लोग पहुंचे वहीं आगरा में जनवरी से सितंबर 2024 के बीच 12.51 करोड़ पर्यटक आए। इसमें 11.59 करोड़ घरेलू और 9.24 लाख विदेशी पर्यटक थे। यूपी के पर्यटन मंत्री जयवीर सिंह ने बताया कि पिछले साल यूपी में 48 करोड़ पर्यटक आए थे। लेकिन ये आंकड़ा इस साल केवल 9 महीने में लगभग पूरा हो गया।
अयोध्या में पर्यटन बढ़ने की वजह
आगरा में स्थित ताजमहल मोहब्बत की निशानी है। लेकिन अयोध्या के पर्यटन में उछाल धार्मिक पर्यटकों के कारण आया है। राम मंदिर बनने के बाद भारी संख्या में श्रद्धालु रामलला के दर्शन करने अयोध्या पहुंच रहे हैं। जनवरी में हुए उद्घाटन समारोह में देश-विदेश से श्रद्धालु आए थे। इससे राज्य के पर्यटन में बदलाव देखा गया। ताजमहल की तुलना में अयोध्या में पर्यटन ज्यादा देखने को मिला। अयोध्या में बढ़े पर्यटन से अनुमान लगाया जा सकता है कि सांस्कृतिक विरासत और आस्था किस तरह से पर्यटन क्षेत्र में महत्वपूर्ण भूमिका निभाती है।
