Agle 10 Din Ka Mausam: उत्तर भारत के आसमान पर इन दिनों बादलों का डेरा बना हुआ है और कई क्षेत्रों में सामान्य समय से अलग मौसम संबंधी गतिविधियां देखने को मिल रही हैं। तेज हवाओं के चलते तापमान में गिरावट दर्ज की जा रही है, जिससे दिन के समय भी हल्की ठंड का महसूस हो रहा है। मौसम प्रणालियों की बात करें तो, पश्चिमी विक्षोभ अब उत्तरी हरियाणा से लेकर उत्तरी छत्तीसगढ़ तक, उत्तर प्रदेश और पूर्वी मध्य प्रदेश से होते हुए, समुद्र तल से 3.1 और 12.6 किमी की ऊंचाई के बीच एक ट्रफ (गर्त) के रूप में दिखाई दे रहा है। इसके साथ, निचले क्षोभमंडल स्तर में, दक्षिणी आंतरिक कर्नाटक और उसके आस-पास के इलाकों में एक ऊपरी हवा का चक्रवाती परिसंचरण बना हुआ है।
अगले 10 दिनों का मौसम (21 से 30 मार्च 2026)
निचले क्षोभमंडल स्तर में, मन्नार की खाड़ी से लेकर उत्तरी आंतरिक कर्नाटक तक, तमिलनाडु और दक्षिणी आंतरिक कर्नाटक से होते हुए एक ट्रफ बना हुआ है। वहीं, पूर्वी भारत के ऊपर, समुद्र तल से 12.6 किमी की ऊंचाई पर, लगभग 70 नॉट्स की गति वाली मुख्य हवाओं के साथ एक उपोष्णकटिबंधीय पछुआ जेट स्ट्रीम (Jet Stream) सक्रिय है। निचले क्षोभमंडल स्तर में, दक्षिण-पश्चिमी राजस्थान पर एक ऊपरी हवा का चक्रवाती परिसंचरण बना हुआ है। निचले और मध्य क्षोभमंडल स्तरों के बीच, 22°N अक्षांश के उत्तर में, 88°E देशांतर के साथ-साथ एक ट्रफ बना हुआ है। मध्य क्षोभमंडल की पछुआ हवाओं में एक नया पश्चिमी विक्षोभ (ट्रफ के रूप में) सक्रिय है; इसका अक्ष समुद्र तल से 5.8 किमी की ऊंचाई पर स्थित है और यह लगभग 32°N अक्षांश के उत्तर में, 57°E देशांतर के साथ-साथ फैला हुआ है। एक नया और कमजोर पश्चिमी विक्षोभ 26 मार्च 2026 से उत्तर-पश्चिमी भारत को प्रभावित कर सकता है। ऐसे में आइए जानें अगले 10 दिनों का मौसम (Next 10 Days Weather) कैसा रहेगा?
क्या है IMD का पूर्वानुमान?
मौसम विभाग की वेदर रिपोर्ट के मुताबिक, देश के कई हिस्सों में मौसम का मिजाज अगले कुछ दिनों तक बदला हुआ रहने की संभावना है। ओडिशा, पश्चिम बंगाल, सिक्किम और पूर्वोत्तर भारत में 24 मार्च तक अलग-अलग स्थानों पर गरज-चमक, बिजली गिरने और तेज हवाओं के साथ बौछारें जारी रह सकती हैं। 21 मार्च को पश्चिम बंगाल और सिक्किम में कहीं-कहीं ओलावृष्टि की भी आशंका है, जबकि उप-हिमालयी पश्चिम बंगाल और सिक्किम में बहुत भारी बारिश तथा बिहार में भारी वर्षा होने की संभावना जताई गई है। इसी दौरान कोंकण-गोवा (23-24 मार्च) और केरल-माहे व तटीय कर्नाटक (21-23 मार्च) के कुछ इलाकों में गर्म और उमस भरा मौसम बना रह सकता है।
हिमाचल प्रदेश और उत्तराखंड में हल्की से मध्यम बारिश या बर्फबारी
उत्तर-पश्चिम भारत में 23 मार्च को हिमाचल प्रदेश और उत्तराखंड में हल्की से मध्यम बारिश या बर्फबारी के साथ गरज-चमक और 30-50 किमी प्रति घंटे की रफ्तार से तेज हवाएं चल सकती हैं। 24 से 27 मार्च के बीच यहां एक नया पश्चिमी विक्षोभ सक्रिय होकर बारिश-बर्फबारी का दौर ला सकता है। 21 मार्च को पूर्वी उत्तर प्रदेश तथा 21-22 मार्च को पश्चिमी राजस्थान में भी गरज-चमक और तेज हवाओं की संभावना है।
पूर्वोत्तर राज्यों में ऐसा रहेगा मौसम का हाल
पूर्वोत्तर राज्यों में अगले पांच दिनों तक गरज-चमक का सिलसिला जारी रह सकता है। 21-22 मार्च को नागालैंड, मणिपुर, मिजोरम, त्रिपुरा और 22 मार्च को असम-मेघालय में हल्की से मध्यम बारिश के साथ 30-50 किमी प्रति घंटे की रफ्तार से हवाएं चलने की संभावना है, जबकि 24 और 27 मार्च को अरुणाचल प्रदेश तथा 27 मार्च को अन्य पूर्वोत्तर राज्यों में भारी बारिश हो सकती है। पूर्वी भारत में 21 मार्च को बिहार में भारी बारिश और उप-हिमालयी पश्चिम बंगाल व सिक्किम में बहुत भारी वर्षा का अनुमान है।
तेज हवाओं के साथ गरज-चमक और बारिश की संभावना
झारखंड में 21 मार्च, बिहार में 21, 26 और 27 मार्च तथा उप-हिमालयी पश्चिम बंगाल व सिक्किम में 22 से 25 मार्च को गरज-चमक और 40-50 किमी प्रति घंटे की रफ्तार से चलने वाली हवाओं के साथ बारिश हो सकती है। ओडिशा और उप-हिमालयी पश्चिम बंगाल-सिक्किम में 21 मार्च को 50-60 किमी प्रति घंटे (झोंकों में 70 किमी प्रति घंटे तक) की रफ्तार से आंधी-तूफान की आशंका है, जबकि गंगा के मैदानी पश्चिम बंगाल में उसी दिन ओलावृष्टि संभव है। मध्य भारत के विदर्भ में 24 मार्च को 40-60 किमी प्रति घंटे की तेज हवाओं के साथ गरज-चमक और बारिश हो सकती है, जबकि छत्तीसगढ़ में 21 मार्च को हल्की बारिश और 24-25 मार्च को बिजली गिरने की घटनाएं हो सकती हैं।
दक्षिण भारत में कैसा रहेगा मौसम?
दक्षिण प्रायद्वीपीय भारत में तटीय आंध्र प्रदेश और यनम में 21, 23 और 24 मार्च को, वहीं रायलसीमा, तेलंगाना और उत्तर आंतरिक कर्नाटक में 21 मार्च को हल्की से मध्यम बारिश के साथ गरज-चमक और 30-50 किमी प्रति घंटे की तेज हवाएं चलने की संभावना है। तमिलनाडु, पुडुचेरी-कराईकल, केरल-माहे और दक्षिण आंतरिक कर्नाटक में भी 21 मार्च को बिजली गिरने की आशंका जताई गई है।
गर्म और उमस भरा मौसम रहने का अलर्ट
पश्चिम भारत के मध्य महाराष्ट्र और मराठवाड़ा में 21, 23 और 24 मार्च को गरज-चमक के साथ हल्की से मध्यम बारिश और 30-50 किमी प्रति घंटे की तेज हवाएं चल सकती हैं। वहीं केरल-माहे में 21 से 23 मार्च, कोंकण-गोवा में 23 से 24 मार्च और तटीय कर्नाटक में 21 से 22 मार्च को कुछ हिस्सों में गर्म और उमस भरा मौसम बने रहने की चेतावनी जारी की गई है। कहा जा रहा है कि, मौसम के हालात 30 मार्च तक रह ऐसे ही सकते हैं।
FAQs
अगले कुछ दिनों में मौसम का रुख कैसा रहने वाला है?
मौसम विभाग के अनुसार देश के कई हिस्सों में गरज-चमक, तेज हवाओं और बारिश की गतिविधियां जारी रह सकती हैं। बदलती मौसम प्रणालियों के कारण अलग-अलग राज्यों में मौसम अस्थिर बना रहने की संभावना है।
किन क्षेत्रों में भारी बारिश या ओलावृष्टि की आशंका जताई गई है?
बिहार, उप-हिमालयी पश्चिम बंगाल और सिक्किम में कहीं-कहीं भारी से बहुत भारी बारिश हो सकती है। वहीं गंगा के मैदानी पश्चिम बंगाल और कुछ इलाकों में ओलावृष्टि की संभावना भी जताई गई है।
उत्तर-पश्चिम भारत में बारिश और बर्फबारी कब हो सकती है?
हिमाचल प्रदेश और उत्तराखंड में हल्की से मध्यम बारिश या बर्फबारी के साथ तेज हवाएं चल सकती हैं। 24 से 27 मार्च के बीच एक नया पश्चिमी विक्षोभ सक्रिय होकर मौसम को और प्रभावित कर सकता है।
पूर्वोत्तर और पूर्वी भारत में मौसम का क्या असर देखने को मिलेगा?
पूर्वोत्तर राज्यों में अगले कुछ दिनों तक गरज-चमक और हल्की से मध्यम बारिश का सिलसिला जारी रह सकता है। तेज हवाओं के साथ आंधी-तूफान और कुछ स्थानों पर भारी वर्षा की भी संभावना है।
दक्षिण और पश्चिम भारत में मौसम कैसा रहने का अनुमान है?
दक्षिण प्रायद्वीपीय क्षेत्रों और महाराष्ट्र के कुछ हिस्सों में हल्की से मध्यम बारिश और तेज हवाएं चल सकती हैं। वहीं केरल-माहे, कोंकण-गोवा और तटीय कर्नाटक के कुछ इलाकों में गर्म और उमस भरा मौसम बना रहने की चेतावनी दी गई है।
