Himachal Vidhan Sabha Chunav 2027: आम आदमी पार्टी (AAP) ने हिमाचल प्रदेश की राजनीति में अपनी सक्रियता बढ़ाते हुए घोषणा की है कि वह 2027 का विधानसभा चुनाव पूरी ताकत के साथ लड़ेगी। पार्टी राज्य में खुद को भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) और सत्तारूढ़ कांग्रेस के मजबूत विकल्प के रूप में स्थापित करने की दिशा में काम कर रही है। शिमला के लोअर मॉल स्थित नए राज्य कार्यालय का उद्घाटन करने पहुंचे पार्टी के प्रदेश प्रभारी ऋतुराज झा (Rituraj Jha) ने यह स्पष्ट कर दिया कि इस बार पार्टी पीछे हटने के मूड में नहीं है।
हिमाचल में AAP की बड़ी हुंकार
संवाददाताओं से बातचीत करते हुए ऋतुराज झा ने बताया कि पार्टी के राष्ट्रीय संयोजक अरविंद केजरीवाल आगामी 15 नवंबर के आसपास शिमला का दौरा (Arvind Kejriwal Shimla Visit) कर सकते हैं। अपने इस दौरे के दौरान केजरीवाल न केवल भावी रणनीतियों का खुलासा करेंगे, बल्कि एक प्रेस कॉन्फ्रेंस को भी संबोधित करेंगे। झा ने संकेत दिए कि इस दौरान क्षेत्र के सात से आठ प्रमुख नेता भी आम आदमी पार्टी में शामिल हो सकते हैं, जिससे अन्य दलों के समीकरण बिगड़ सकते हैं।
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भाजपा-कांग्रेस पर बोला हमला
हिमाचल की वर्तमान राजनीतिक स्थिति पर हमला बोलते हुए झा ने कहा कि प्रदेश की जनता भाजपा और कांग्रेस दोनों के बारी-बारी के शासन से तंग आ चुकी है। दोनों ही पार्टियां काम के बजाय सिर्फ लूट की राजनीति करती आई हैं। चाहे अच्छे स्कूल बनाने की बात हो, महिलाओं को 1500 रुपये देने का वादा हो, 300 यूनिट मुफ्त बिजली का आश्वासन हो या युवाओं के लिए रोजगार का विषय, वर्तमान सरकार जनता की उम्मीदों पर खरी नहीं उतर सकी है। उन्होंने जोर देकर कहा कि दिल्ली और पंजाब की तरह अब हिमाचल में भी काम की राजनीति का मॉडल लागू किया जाएगा।
वर्तमान में 50 से ज्यादा विधानसभा क्षेत्रों में सदस्यता अभियान जारी
पार्टी के संगठनात्मक विस्तार पर चर्चा करते हुए उन्होंने बताया कि पिछले एक साल से जमीन पर लगातार काम चल रहा है। अगले तीन-चार महीनों में बूथ स्तर से लेकर राज्य स्तर तक का संगठन तैयार कर लिया जाएगा। वर्तमान में 50 से अधिक विधानसभा क्षेत्रों में सदस्यता अभियान जारी है और पार्टी ने कम से कम 5 लाख नए सदस्य बनाने का लक्ष्य तय किया है।
2022 के चुनाव का जिक्र करते हुए झा ने माना कि शीर्ष नेताओं की अचानक गिरफ्तारी की वजह से उस वक्त पार्टी का संगठन प्रभावित हुआ था और प्रचार की गति धीमी पड़ गई थी। हालांकि, अब स्थितियां बदल चुकी हैं और पार्टी की शीर्ष लीडरशिप बाहर है। आप अब जनता के मुद्दों को लेकर सड़कों पर उतरेगी और प्रदेश सरकार से उसके वादों का हिसाब मांगेगी।
