दिल्ली NCR में बादलों की आवाजाही बरकरार, बिहार से राजस्थान तक येलो अलर्ट; जानें मोंथा तूफान का अपडेट
Aaj ka Mausam 29 October 2025 LIVE: आईएमडी मौसम अलर्ट
Aaj ka Mausam 29 October 2025 LIVE: राजस्थान के इन जिलों में जारी हुआ येलो अलर्ट
Aaj ka Mausam 29 October 2025 LIVE: बिहार के इन जिलों में जारी हुआ येलो अलर्ट
Aaj ka Mausam 29 October 2025 LIVE: पंजाब, हरियाणा और चंडीगढ़ में अधिकतम तापमान का हाल
Aaj ka Mausam 29 October 2025 LIVE: उत्तरी आंध्र प्रदेश और दक्षिण ओडिशा, दक्षिण छत्तीसगढ़ और उत्तर-पूर्वी तेलंगाना के आस-पास के इलाकों में गहरा डिप्रेशन
Aaj ka Mausam 29 October 2025 LIVE: वर्षा की चेतावनी
मोंथा तूफान के प्रभाव से तमिलनाडु में 6 दिन बारिश का अलर्ट
आईएमडी ने कहा कि मोंथा के प्रभाव के कारण, तमिलनाडु में अगले छह दिनों तक मध्यम वर्षा होने की संभावना है। बुधवार सुबह जारी मौसम बुलेटिन में चेतावनी दी गई है कि तमिलनाडु, पुडुचेरी और कन्याकुमारी सागर के तटीय क्षेत्रों में 45 से 55 किमी प्रति घंटे की रफ्तार से तेज हवाएं चल सकती हैं, जो कभी-कभी 65 किमी प्रति घंटे तक पहुंच सकती हैं। मछुआरों को सलाह दी गई है कि वे हालात सुधरने तक समुद्र तट पर न जाएं। चेन्नई में, आसमान में बादल छाए रहने और कुछ इलाकों में रुक-रुक कर हल्की से मध्यम बारिश होने की संभावना है।तेलंगाना के कई हिस्सों में भारी बारिश जारी
आंध्र प्रदेश के तट पर नरसापुर के पास पहुंचे भीषण चक्रवात 'मोंथा' के प्रभाव से तेलंगाना के कई हिस्सों में भारी बारिश हो रही है, जिसके चलते राज्य के कई इलाकों में पानी भर गया है और लोगों को कई तरह की परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। भारी बारिश के कारण निचले इलाकों में बारिश का पानी जम गया है और कुछ जगहों पर सड़क मार्ग बंद हो गए हैं। इससे वाहनों की आवाजाही मुश्किल हो गई है और लोगों को अपने गंतव्य तक पहुंचने में कठिनाई हो रही है। इस स्थिति को देखते हुए खम्मम, वारंगल, महबूबाबाद, सूर्यपेट और अन्य जिलों में स्कूल और कॉलेजों में छुट्टी घोषित कर दी गई है।मोंथा तूफान के प्रभाव से विजयवाड़ा में हुई बारिश
राजस्थान के चित्तौड़गढ़ में हुई सबसे अधिक बारिश
एक नए मौसमी तंत्र के असर से बीते चौबीस घंटे में राजस्थान के अनेक हिस्सों में बारिश हुई। मौसम विभाग के अनुसार, चित्तौड़गढ़ जिले में भारी बारिश दर्ज की गई। मौसम केंद्र जयपुर के अनुसार, बुधवार सुबह तक बीते चौबीस घंटे में पूर्वी राजस्थान के चित्तौड़गढ़ जिले में भारी तथा कुछ स्थानों पर हल्की से मध्यम वर्षा दर्ज की गई| वहीं पश्चिमी राजस्थान में कहीं कहीं हल्की बारिश हुई। सबसे अधिक 68.0 मिलीमीटर बारिश डूंगला (चित्तौड़गढ़) में दर्ज की गई। इस दौरान अधिकतम तापमान फलौदी में 32.6 डिग्री तथा न्यूनतम तापमान सिरोही में 14.7 डिग्री सेल्सियस रहा।दिल्ली में आज सुबह 273 दर्ज हुआ एक्यूआई
दिल्ली की वायु गुणवत्ता में बुधवार सुबह थोड़ा सुधार हुआ लेकिन वायु गुणवत्ता सूचकांक (एक्यूआई) 273 यानी ‘खराब’ श्रेणी में दर्ज किया गया। शहर में मंगलवार को अपराह्न चार बजे एक्यूआई 294 दर्ज किया गया था। यह सोमवार को दर्ज 301 एक्यूआई से थोड़ा कम है, जो ‘बहुत खराब’ श्रेणी में आता है। सीपीसीबी के ‘समीर’ ऐप के आंकड़ों से पता चला है कि समग्र सुधार के बावजूद दिल्ली के 38 निगरानी स्टेशनों में से 11 में एक्यूआई 300 से ऊपर के स्तर पर दर्ज किया गया जो ‘बहुत खराब’ श्रेणी में है।चक्रवात मोंथा के प्रभाव से तेलंगाना के रंगारेड्डी जिले में हुई बारिश
यूपी में मोंथा तूफान का क्या है प्रभाव
उत्तर प्रदेश में मोंथा तूफान का असर मौसम पर देखने को मिल रहा है। पिछले 24 घंटों में कई जिलों में बारिश दर्ज की गई। आज भी बारिश का सिलसिला जारी रहने की संभावना है। हालांकि पश्चिमी हिस्से में मौसम शुष्क रहने का अनुमान है।हैदराबाद में आज भारी बारिश का अलर्ट
मोंथा तूफान ने आंध्र प्रदेश के तट पर दी दस्तक
भीषण चक्रवाती तूफान ‘मोंथा’ ने मंगलवार को आंध्र प्रदेश के तट पर दस्तक दे दी, जिससे दक्षिणी राज्य में चक्रवात का असर देखा गया, जबकि पड़ोसी राज्य ओडिशा में भी इसका प्रभाव महसूस किया गया, जहां 15 जिलों में जनजीवन प्रभावित हुआ। आईएमडी ने कहा कि चक्रवात के तट से टकराने की प्रक्रिया शाम करीब सात बजे शुरू हुई और बंगाल की खाड़ी में बनी यह मौसम प्रणाली मछलीपट्टनम और कलिंगपट्टनम के बीच काकीनाडा के आसपास आंध्र प्रदेश के तट को पार करेगी।मोंथा तूफान के बाद ओडिशा में गोपालपुर समुद्र तट पर चल रही तेज हवाएं
मोंथा तूफान ने ओडिशा में मचाई तबाही
चक्रवाती तूफान मोंथा तीव्र होकर भीषण चक्रवाती तूफान में बदल चुका है। जिसने कहर ओडिशा में देखने को मिल रहा है। ओडिशा के तटीय और दक्षिणी जिलों में भीषण चक्रवाती तूफान ‘मोंथा’ की वजह से मंगलवार को भारी बारिश हुई। जिसके कारण भूस्खलन हुआ, घरों को नुकसान पहुंचा और कई जगह पेड़ भी उखड़ गए।दिल्ली में कृत्रिम बारिश से क्या असर पड़ा?
दिल्ली में मंगलवार को कृत्रिम बारिश परीक्षणों से उन स्थानों पर अति सूक्ष्म कणों में कमी लाने में मदद मिली। आधिकारिक रिपोर्ट के अनुसार राजधानी में यह प्रक्रिया अंजाम दी गयी गई, जबकि परिस्थितियां इसके लिए आदर्श नहीं थीं। रिपोर्ट में कहा गया है कि दो बार बारिश दर्ज की गई। इसके तहत नोएडा में शाम चार बजे 0.1 मिमी बारिश और ग्रेटर नोएडा में शाम 4 बजे 0.2 मिमी दर्ज हुई। आधिकारिक रिपोर्ट में कहा गया है कि वायु गुणवत्ता सूचकांक (एक्यूआई) निगरानी के लिए 20 स्थानों से विशेष रूप से अति सूक्ष्म कण पीएम 2.5 और पीएम 10 को लेकर आंकड़े एकत्र किए गए जो कृत्रिम वर्षा से सीधे प्रभावित होंगे।
दिल्ली में 53 साल बाद कृत्रिम बारिश का ट्रायल
दिल्ली में प्रदूषण के बढ़ते स्तर के बीच 53 वर्षों के अंतराल के बाद मंगलवार को कृत्रिम वर्षा कराने का परीक्षण किया गया। हालांकि, मौसम विभाग ने दिल्ली में वर्षा के कोई संकेत दर्ज नहीं किए। दिल्ली के पर्यावरण मंत्री मनजिंदर सिंह सिरसा ने बताया कि दिल्ली सरकार ने आईआईटी-कानपुर के सहयोग से बुराड़ी, उत्तरी करोल बाग, मयूर विहार और बादली सहित दिल्ली के कुछ हिस्सों में परीक्षण किए तथा अगले कुछ दिनों में इस तरह के और परीक्षण किए जाने की योजना है।
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