नई दिल्ली: हीरा ग्रुप मामले में निवेशकों को उनका पैसा वापस दिलाने की दिशा में प्रवर्तन निदेशालय (ED) ने बड़ी कार्रवाई की है। एजेंसी ने 103.26 करोड़ रुपये मूल्य की नौ संपत्तियों की नीलामी के बाद उनकी रजिस्ट्री की प्रक्रिया पूरी कर ली है। इनमें हैदराबाद के बंजारा हिल्स स्थित करवी सेंटर और नैना टावर्स भी शामिल हैं। इन दोनों संपत्तियों की रजिस्ट्री 16 अक्टूबर को करीब 88.23 करोड़ रुपये में पूरी हुई। इससे पहले 5 अक्टूबर को सात अन्य संपत्तियों की रजिस्ट्री की गई थी।
ईडी के मुताबिक, सुप्रीम कोर्ट के निर्देश पर संपत्तियों की नीलामी की गई है। इसका उद्देश्य हीरा ग्रुप में निवेश करने वाले पात्र निवेशकों और दावेदारों को उनकी रकम वापस दिलाना है। नीलामी से प्राप्त राशि गंभीर धोखाधड़ी जांच कार्यालय (SFIO) को सौंपी जाएगी। इसके बाद सुप्रीम कोर्ट के निर्देशों के अनुसार पात्र पीड़ितों और दावेदारों के बीच रकम वितरित की जाएगी।
5,978 करोड़ रुपये से अधिक का निवेश जुटाने का आरोप
ईडी की जांच के अनुसार, नोहेरा शेख और हीरा ग्रुप की कंपनियों पर निवेशकों को सालाना 36 प्रतिशत से अधिक रिटर्न देने का वादा कर 5,978 करोड़ रुपये से ज्यादा का निवेश जुटाने का आरोप है। एजेंसी के मुताबिक, बाद में निवेशकों को उनकी रकम लौटाने में चूक की गई। इस मामले में ईडी ने मनी लॉन्ड्रिंग रोकथाम अधिनियम (PMLA) के तहत 428.83 करोड़ रुपये की संपत्तियों को कुर्क करने के लिए पांच आदेश जारी किए हैं। एजेंसी ने हैदराबाद की विशेष पीएमएलए अदालत में अभियोजन शिकायतें भी दाखिल की हैं। ईडी के अनुसार, सुप्रीम कोर्ट ने नोहेरा शेख की जमानत रद्द कर दी थी। इसके बाद एजेंसी ने 21 मई 2026 को उसे गिरफ्तार किया। वह फिलहाल न्यायिक हिरासत में है।
