लखनऊ में 500 ग्राम अल्प्राजोलम की तस्करी के मामले में अदालत ने तीन आरोपियों को 10-10 साल की कैद की सजा सुनाई है। नारकोटिक्स कंट्रोल ब्यूरो (NCB) की लखनऊ जोनल यूनिट की जांच के बाद 15 अक्टूबर 2026 को लखनऊ की अतिरिक्त जिला एवं सत्र न्यायाधीश की अदालत ने मोहम्मद राज, मोहम्मद शफीक और जंगली उर्फ हसीन को दोषी करार दिया। तीनों उत्तर प्रदेश के बाराबंकी जिले के निवासी हैं। अदालत ने प्रत्येक दोषी पर एक-एक लाख रुपये का जुर्माना भी लगाया है।
बस से उतरते ही पकड़ा गया था मोहम्मद राज
NCB के मुताबिक, मामला 16 नवंबर 2022 का है। एजेंसी को मिली पुख्ता सूचना के आधार पर टीम ने लखनऊ में भैंसा कुंड स्थित बैकुंठ धाम के पास मोहम्मद राज को उस समय रोका, जब वह बस से उतरकर आया था। तलाशी के दौरान उसके बैग से 500 ग्राम अल्प्राजोलम बरामद किया गया।
इसके बाद NCB ने मामले की विस्तृत जांच शुरू की। जांच में सामने आया कि नशीला पदार्थ मथुरा से लाया गया था और इसे लखनऊ के रास्ते बाराबंकी पहुंचाया जाना था। जांच एजेंसी के अनुसार, मोहम्मद शफीक की पहचान इस खेप को हासिल करने वाले व्यक्ति के रूप में हुई, जबकि जंगली उर्फ हसीन की भूमिका भी नशीले पदार्थ को लेने वाले दूसरे व्यक्ति के तौर पर सामने आई।
अदालत में पेश किए गए सबूत
मुकदमे की सुनवाई के दौरान अभियोजन पक्ष ने तीनों आरोपियों की भूमिका से जुड़े सबूत अदालत में पेश किए। सबूतों की जांच के बाद अदालत ने तीनों को दोषी ठहराया। अदालत ने माना कि बरामद अल्प्राजोलम बिक्री के उद्देश्य से लाया गया था।
इसके बाद अदालत ने तीनों आरोपियों को 10-10 साल की कैद और प्रत्येक पर एक-एक लाख रुपये का जुर्माना लगाने का फैसला सुनाया। NCB की जांच में मथुरा से लखनऊ और फिर बाराबंकी तक नशीले पदार्थ की सप्लाई से जुड़े नेटवर्क का खुलासा हुआ।
