Zerodha on Brokerage Fee : अगर आप ब्रोकरेज फर्म जीरोधा (Zerodha) के यूजर हैं तो आपके लिए एक बड़ी खबर है। दरअल जीरोधा जीरो ब्रोकरेज फ्रेमवर्क को खत्म कर सकती है। ऐसा मार्केट रेगुलेटर सेबी (SEBI) के नए सर्कुलर के कारण हो सकता है। जीरोधा के फाउंडर और सीईओ नितिन कामत ने ब्रोकिंग इंडस्ट्रीज पर सेबी के इस नए ट्रांसपैरेंट प्राइसिंग सर्कुलर पर प्रतिक्रिया दी है और इसके संभावित प्रभावों पर रोशनी डाली है। सेबी ने हाल ही में एक सर्कुलर जारी किया है जिसमें स्टॉक एक्सचेंज जैसे सभी मार्केट इंफ्रास्ट्रक्चर इंस्टीट्यूशंस को चार्ज वसूलने के मामले में "ट्रू टू द लेबल" (सही चार्ज एवं प्रोसेस) रहने को कहा गया है। कामत के अनुसार इस सर्कुलर का ब्रोकर्स, ट्रेडर्स और निवेशकों पर काफी प्रभाव पड़ेगा।
जीरोधा खत्म कर सकती है 0 ब्रोकरेज सिस्टम
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ब्रोकरों पर क्या पड़ेगा असर
कामत ने इस मामले में दो ट्वीट किए हैं। उन्होंने कहा है कि स्टॉक एक्सचेंज ब्रोकर द्वारा किए गए कुल टर्नओवर के आधार पर ट्रांजेक्शन फीस लेते हैं। ब्रोकर ग्राहक से जो शुल्क लेते हैं और एक्सचेंज महीने के अंत में ब्रोकर से जो शुल्क लेता है, उसके बीच का अंतर छूट है, जो ब्रोकर को जाता है। इस तरह की छूट दुनिया के प्रमुख बाजारों में आम है।
ये छूट हमारे रेवेन्यू का लगभग 10% और इंडस्ट्री के अन्य ब्रोकरों के लिए 10-50% के बीच होती है। नए सर्कुलर से ये रेवेन्यू सोर्स खत्म हो जाएगा।
जीरो ब्रोकरेज सिस्टम खत्म करेगी Zerodha
खत्म होगी जीरो ब्रोकरेज सुविधा
कामत ने कहा है कि हम उन अंतिम ब्रोकरों में से एक थे जो फ्री इक्विटी डिलीवरी ट्रेड की पेशकश करते हैं। हम ऐसा इसलिए कर पाए क्योंकि F&O ट्रेडिंग रेवेन्यू इक्विटी डिलीवरी निवेशकों को कम कर रहा था।
नए सर्कुलर के बाद पूरी संभावना है कि, जीरो ब्रोकरेज खत्म होगी और/या F&O ट्रेडों के लिए ब्रोकरेज बढ़ाना होगा। इंडस्ट्री के ब्रोकरों को भी अपने चार्जेज में बदलाव करना होगा।
