Zepto IPO: पिछले दो महीनों में प्राइवेट इंवेस्टर्स से करीब 1 बिलियन डॉलर (करीब 8400 करोड़ रु) जुटाने वाली क्विक-कॉमर्स फर्म जेप्टो ने आईपीओ (IPO) के लिए मॉर्गन स्टेनली और गोल्डमैन सैक्स समेत टॉप वॉल स्ट्रीट बैंकरों के साथ बातचीत शुरू कर दी है। मुंबई स्थित यह स्टार्टअप अगले साल अगस्त तक शेयरों की संभावित लिस्टिंग के लिए घरेलू निवेश बैंकों से भी बात कर रहा है। हालांकि इसका आईपीओ प्लान भारत में इसके वापस आने पर निर्भर करेगा। दरअसल जेप्टो सिंगापुर से भारत में अपना हेडक्वार्टर ट्रांसफर करने की प्रोसेस में है और हाल ही में वापस आए भारतीय स्टार्टअप्स के एक बड़े समूह में शामिल हो गया है।
जेप्टो आईपीओ लॉन्च करेगी
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अगले साल कब आएगा आईपीओ
ईटी की रिपोर्ट के अनुसार अगले साल जेप्टो के आईपीओ की समयसीमा फ्लिपिंग बैक प्रोसेस (वापस आने) पर निर्भर करेगी। मगर कंपनी की आकांक्षा अगले साल तक लिस्ट होने की है। जेप्टो की प्रतिद्वंद्वी इंस्टामार्ट की पैरेंट कंपनी स्विगी भी इस साल के अंत में 1.25 बिलियन डॉलर (करीब 10500 करोड़ रु) के आईपीओ के साथ पब्लिक मार्केट में उतरने की तैयारी कर रही है।
इसकी दूसरी बड़ी प्रतिस्पर्धी कंपनी ब्लिंकिट की पैरेंट कंपनी जोमैटो है, जो 2021 से लिस्टेड कंपनी है।
कितनी होगी नए शेयरों की बिक्री
ईटी की रिपोर्ट के अनुसार जेप्टो की ओर से बैंकरों को बताया गया है कि यह नए शेयर बेचकर लगभग 45 करोड़ डॉलर (करीब 3779 करोड़ रु) जुटाने का लक्ष्य बना रही है। इसके आईपीओ में मौजूदा निवेशकों द्वारा शेयरों की बिक्री (Offer For Sale) की पेशकश भी की जाएगी।
गौरतलब है कि फर्स्टक्राई और ओला इलेक्ट्रिक जैसी न्यू-जेन फर्म्स, जिन्होंने हाल ही में मोडरेट वैल्यूएशन के साथ पब्लिक मार्केट में एंट्री की है, उनके शेयरों में लिस्टिंग के बाद उछाल देखा गया है।
डिस्क्लेमर : यहां मुख्य तौर पर एक संभावित आगामी आईपीओ की जानकारी दी गयी है, निवेश की सलाह नहीं। इक्विटी मार्केट में जोखिम होता है, इसलिए निवेश अपने जोखिम पर करें। निवेश करने से पहले एक्सपर्ट की राय जरूर लें।
