Retirement के बाद भी क्यों जरूरी है Savings Account, जानिए कैसे बनेगा बुढ़ापे का आर्थिक सहारा

अधिकतर लोगों को लगता है कि बचत को सुरक्षित रूप से बढ़ाने के लिए सेविंग अकाउंट नहीं बल्कि एफडी या दूसरे निवेश विकल्पों को इस्तेमाल करना चाहिए। हालांकि, रिटायरमेंट के बाद सेविंग अकाउंट रोजमर्रा के खर्चों को संभालने में काम आ सकता है।

नौकरी के दौरान हर महीने बैंक अकाउंट (Bank Account) में सैलरी (Salary) आती है, जिससे घर का खर्च, बिजली का बिल और दूसरी जरूरतें पूरी होती हैं। लेकिन रिटायरमेंट (Retirement) के बाद जब नियमित सैलरी आना बंद हो जाती है। ज्यादातर लोग रिटायरमेंट प्लानिंग के लिए एफडी (FD), पेंशन और दूसरी निवेश योजनाओं पर ध्यान देते हैं, लेकिन सेविंग अकाउंट (Savings Account) की अहमियत को नजरअंदाज कर देते हैं। जबकि रिटायरमेंट के बाद सेविंग अकाउंट रोजमर्रा के खर्चों को संभालने में काम आ सकता है-

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Retirement के बाद क्यों जरूरी है सेविंग अकाउंट (Photo: iStock)

रिटायरमेंट के बाद क्यों जरूरी है सेविंग अकाउंट?

रिटायरमेंट के बाद भी घर के खर्च खत्म नहीं होते हैं। बिजली-पानी के बिल, दवाइयां, बीमा प्रीमियम और दूसरी जरूरतों के लिए नियमित पैसों की जरूरत होती है। ऐसे में सेविंग अकाउंट काफी मददगार साबित होता है। इसमें जमा रकम को जरूरत पड़ने पर आसानी से निकाला जा सकता है। इसके अलावा अचानक मेडिकल इमरजेंसी या घर की मरम्मत जैसे खर्चों के लिए पैसे निकाले जा सकते हैं।

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